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Charkhi Dadri News: जलभराव से निजात के लिए कलियाणा में बनेगा रिजर्व टैंक, सिंचाई में भी लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 26 Apr 2026 01:21 AM IST
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दादरी की चंपापुरी कॉलोनी स्थित जन स्वास्थ्य विभाग का मुख्य कार्यालय।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी पहल की है। विभाग ने गांव कलियाणा में 40 एकड़ में रिजर्व टैंक और हाइड्रो पावर प्लांट स्थापित करने की 141 करोड़ की योजना तैयार की है जिससे न केवल जल निकासी व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि बिजली उत्पादन व सिंचाई के नए रास्ते भी खुलेंगे।
शहर के लोहारू रोड, कलियाणा रोड, महेंद्रगढ़ रोड, रविदास नगर और कीकरवासनी क्षेत्र जैसे इलाके दशकों से जलभराव की मार झेल रहे हैं। हर साल मानसून में इन क्षेत्रों में कई फीट तक पानी भर जाता है जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
जनस्वास्थ्य विभाग की इस योजना के तहत बारिश के पानी को पाइप लाइनों के माध्यम से गांव कलियाणा तक पहुंचाया जाएगा जिससे शहरी क्षेत्रों को जलभराव से पूरी तरह मुक्त किया जा सकेगा।
हाइड्रो पावर प्लांट का निर्माण : 141 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुआयामी होना है। योजना के अनुसार, इस विशाल टैंक में जमा होने वाले पानी से 8 मेगावाट क्षमता का हाइड्रो पावर प्लांट लगाया जाएगा।
अधिकारियों का अनुमान है कि इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 96 हजार से एक लाख यूनिट तक बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। उत्पादित होने वाली इस बिजली को बिजली निगम के माध्यम से वितरित किया जाएगा जिससे जनस्वास्थ्य विभाग के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत भी विकसित होगा।
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शहर के लोहारू रोड, कलियाणा रोड, महेंद्रगढ़ रोड, रविदास नगर और कीकरवासनी क्षेत्र जैसे इलाके दशकों से जलभराव की मार झेल रहे हैं। हर साल मानसून में इन क्षेत्रों में कई फीट तक पानी भर जाता है जिससे स्थानीय लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है।
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जनस्वास्थ्य विभाग की इस योजना के तहत बारिश के पानी को पाइप लाइनों के माध्यम से गांव कलियाणा तक पहुंचाया जाएगा जिससे शहरी क्षेत्रों को जलभराव से पूरी तरह मुक्त किया जा सकेगा।
हाइड्रो पावर प्लांट का निर्माण : 141 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका बहुआयामी होना है। योजना के अनुसार, इस विशाल टैंक में जमा होने वाले पानी से 8 मेगावाट क्षमता का हाइड्रो पावर प्लांट लगाया जाएगा।
अधिकारियों का अनुमान है कि इस प्लांट के माध्यम से प्रतिदिन 96 हजार से एक लाख यूनिट तक बिजली का उत्पादन संभव हो सकेगा। उत्पादित होने वाली इस बिजली को बिजली निगम के माध्यम से वितरित किया जाएगा जिससे जनस्वास्थ्य विभाग के लिए आय का एक अतिरिक्त और मजबूत स्रोत भी विकसित होगा।
