{"_id":"6a417521e3438936c7016216","slug":"allegations-of-fraudulent-billing-on-echs-cards-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-157117-2026-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: ईसीएचएस कार्ड पर फर्जी बिलिंग का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: ईसीएचएस कार्ड पर फर्जी बिलिंग का आरोप
Mon, 29 Jun 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 29 Jun 2026 12:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाढड़ा। गांव कारी आदू निवासी बलवान सिंह ने भिवानी स्थित निजी अस्पताल पर उनकी बुजुर्ग माता के ईसीएचएस कार्ड का कथित दुरुपयोग कर लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक भिवानी, डीजीपी हरियाणा तथा ईसीएचएस क्षेत्रीय केंद्र हिसार को शिकायत भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रक्षा मंत्रालय व जिला पुलिस को भेजी शिकायत में बलवान सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय भीम सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। पिता के निधन के बाद उनकी 75 वर्षीय माता खजानी देवी के नाम ईसीएचएस कार्ड बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे अपनी माता के कार्ड में जन्म तिथि संबंधी त्रुटि ठीक करवाने के लिए ईसीएचएस लोहारू पहुंचे।
उन्हें रिकॉर्ड से पता चला कि उनकी माता को पिछले कुछ वर्षों में भिवानी के एक निजी अस्पताल में आठ बार भर्ती दिखाया गया है। बलवान सिंह का कहना है कि उनकी माता चलने-फिरने में असमर्थ हैं और उनका कभी भी उक्त अस्पताल में इलाज नहीं हुआ। इसके बावजूद अस्पताल के रिकॉर्ड में विभिन्न तिथियों पर भर्ती दिखाकर लाखों रुपये के बिल बनाए गए।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के अनुसार अस्पताल द्वारा करीब नौ लाख रुपये तक की राशि के फर्जी बिल ईसीएचएस के माध्यम से प्राप्त किए जाने का संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि किसी उच्चस्तरीय अधिकारी से मामले की जांच कार्रवाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल व अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
रक्षा मंत्रालय व जिला पुलिस को भेजी शिकायत में बलवान सिंह ने बताया कि उनके पिता स्वर्गीय भीम सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त थे। पिता के निधन के बाद उनकी 75 वर्षीय माता खजानी देवी के नाम ईसीएचएस कार्ड बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे अपनी माता के कार्ड में जन्म तिथि संबंधी त्रुटि ठीक करवाने के लिए ईसीएचएस लोहारू पहुंचे।
विज्ञापन
उन्हें रिकॉर्ड से पता चला कि उनकी माता को पिछले कुछ वर्षों में भिवानी के एक निजी अस्पताल में आठ बार भर्ती दिखाया गया है। बलवान सिंह का कहना है कि उनकी माता चलने-फिरने में असमर्थ हैं और उनका कभी भी उक्त अस्पताल में इलाज नहीं हुआ। इसके बावजूद अस्पताल के रिकॉर्ड में विभिन्न तिथियों पर भर्ती दिखाकर लाखों रुपये के बिल बनाए गए।
विज्ञापन
शिकायतकर्ता के अनुसार अस्पताल द्वारा करीब नौ लाख रुपये तक की राशि के फर्जी बिल ईसीएचएस के माध्यम से प्राप्त किए जाने का संदेह है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि किसी उच्चस्तरीय अधिकारी से मामले की जांच कार्रवाई जाए तथा यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल व अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।