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Charkhi Dadri News: गांव चांदवास में वॉलीबाल खेल नर्सरी आवंटित न होने से रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 06 Apr 2026 01:50 AM IST
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कादमा। गांव चांदवास में वाॅलीबाल खेल नर्सरी आवंटित न हाेने पर गुस्साए ग्रामीणों व खिलाड़ियों ने रविवार को राजीव गांधी खेल स्टेडियम काे ताला जड़ दिया। सरकार व प्रशासन के खिलाफ विराेध-प्रदर्शन किया। उन्होंने आगामी तीन दिन में समाधान नही हाेने पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने व मुख्यमंत्री से मामले में मिलने की चेतावनी दी है।
चांदवास गांव के मुख्य चौक में समस्त ग्रामवासियों, अभिभावकों एवं ग्राम पंचायत की एक महापंचायत सरपंच प्रदीप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। पंचायत में गांव को इसी वर्ष वॉलीबाल खेल नर्सरी आवंटित न किए जाने पर गहरा रोष जताया। बीडीसी सुनील कुमार व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि चांदवास गांव की मिट्टी के कण-कण में वाॅलीबाल समाया हुआ है।
यह केवल एक खेल नहीं बल्कि उनके गांव की पहचान है। गांव चांदवास के लगभग हर परिवार से एक सदस्य खिलाड़ी है जिन्होंने खेल के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का गौरव प्राप्त किया है।
गांव में स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में विश्वस्तरीय ग्राउंड और सुविधाएं मौजूद हैं, जो पूरे जिले में सर्वश्रेष्ठ हैं। इतनी उत्कृष्ट खेल परंपरा और बुनियादी ढांचा होने के बावजूद खेल नर्सरी का आवंटन ना करना बेहद खेदजनक है।
खेल नर्सरी आवंटित नहीं होने से प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। खेल स्टेडियम में चांदवास व आसपास के गांवों के दर्जनों खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए आते हैं लेकिन खेल विभाग व प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
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चांदवास गांव के मुख्य चौक में समस्त ग्रामवासियों, अभिभावकों एवं ग्राम पंचायत की एक महापंचायत सरपंच प्रदीप की अध्यक्षता में आयोजित की गई। पंचायत में गांव को इसी वर्ष वॉलीबाल खेल नर्सरी आवंटित न किए जाने पर गहरा रोष जताया। बीडीसी सुनील कुमार व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि चांदवास गांव की मिट्टी के कण-कण में वाॅलीबाल समाया हुआ है।
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यह केवल एक खेल नहीं बल्कि उनके गांव की पहचान है। गांव चांदवास के लगभग हर परिवार से एक सदस्य खिलाड़ी है जिन्होंने खेल के माध्यम से भारतीय सेना में भर्ती होकर देश सेवा का गौरव प्राप्त किया है।
गांव में स्थित राजीव गांधी खेल स्टेडियम में विश्वस्तरीय ग्राउंड और सुविधाएं मौजूद हैं, जो पूरे जिले में सर्वश्रेष्ठ हैं। इतनी उत्कृष्ट खेल परंपरा और बुनियादी ढांचा होने के बावजूद खेल नर्सरी का आवंटन ना करना बेहद खेदजनक है।
खेल नर्सरी आवंटित नहीं होने से प्रतिभावान खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। खेल स्टेडियम में चांदवास व आसपास के गांवों के दर्जनों खिलाड़ी प्रतिदिन अभ्यास करने के लिए आते हैं लेकिन खेल विभाग व प्रशासन इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।