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Charkhi Dadri News: एक करोड़ से बने लोहारू कैनाल पुल में आईं दरारें, एसडीओ बोले-काम टनाटन
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 26 Apr 2026 11:49 PM IST
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कैनाल के नए पुल में आई दरार।
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चरखी दादरी। रावलधी स्थित लोहारू कैनाल आरडी 91500 पर करीब डेढ़ महीने पहले करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए पुल में दरारें आने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। यह पुल किसानों के आवागमन के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है जिससे प्रतिदिन सैकड़ों किसान अपने खेतों तक पहुंचते हैं और फसल व अन्य कृषि सामग्री का परिवहन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से करते हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि पुल का काम टनाटन है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण के कुछ ही सप्ताह बाद कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। साथ ही सड़क की सतह से रोड़ियां भी उखड़ने लगी हैं। इससे पुल की मजबूती और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों में आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुल में दिखाई दे रहे निशान दरारें नहीं बल्कि निर्माण प्रक्रिया के तहत बनाए गए ज्वाइंट हैं जो तकनीकी रूप से आवश्यक होते हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति की निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर जांच भी कराई जाएगी।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
सीजन में गुजरते हैं फसल से भरे भारी वाहन : लोहारू कैनाल पर बनाए गए पुल से प्रतिदिन जहां सैंकड़ों की संख्या में पैदल राहगीर गुजरते हैं। सीजन के दौरान यह संख्या दोगुनी होने के साथ ही फसल से भरे भारी भरकम वाहनों का आवागमन भी होता है। ऐसे में एक महीने पहले बनाए गए पुल में बनी दरारें व निकली निर्माण सामग्री जानलेवा साबित हो सकती है।
लोहारू कैनाल पर खेतों में जाने वाले किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से पुल का निर्माण करवाया गया था लेकिन इतनी कम अवधि में पुल पर 10 से अधिक स्थानों पर दरारें बनी हुई हैं। हालांकि दरारें न दिखे, इसके लिए निर्माण सामग्री भी लगाई गई है उसके बावजूद दरारें साफ झलक रही हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण के कुछ ही सप्ताह बाद कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं। साथ ही सड़क की सतह से रोड़ियां भी उखड़ने लगी हैं। इससे पुल की मजबूती और निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। किसानों में आशंका है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
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वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पुल में दिखाई दे रहे निशान दरारें नहीं बल्कि निर्माण प्रक्रिया के तहत बनाए गए ज्वाइंट हैं जो तकनीकी रूप से आवश्यक होते हैं। अधिकारियों के अनुसार स्थिति की निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर जांच भी कराई जाएगी।लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पुल की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
सीजन में गुजरते हैं फसल से भरे भारी वाहन : लोहारू कैनाल पर बनाए गए पुल से प्रतिदिन जहां सैंकड़ों की संख्या में पैदल राहगीर गुजरते हैं। सीजन के दौरान यह संख्या दोगुनी होने के साथ ही फसल से भरे भारी भरकम वाहनों का आवागमन भी होता है। ऐसे में एक महीने पहले बनाए गए पुल में बनी दरारें व निकली निर्माण सामग्री जानलेवा साबित हो सकती है।
लोहारू कैनाल पर खेतों में जाने वाले किसानों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से पुल का निर्माण करवाया गया था लेकिन इतनी कम अवधि में पुल पर 10 से अधिक स्थानों पर दरारें बनी हुई हैं। हालांकि दरारें न दिखे, इसके लिए निर्माण सामग्री भी लगाई गई है उसके बावजूद दरारें साफ झलक रही हैं।
