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मूलभूत सुविधाएं सुचारू रूप से रहें जारी, लोगों को न हो परेशानी : उपायुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Jun 2026 11:46 PM IST
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चरखी दादरी। मूलभूत सुविधाओं के चलते किसी भी नागरिक को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। संबंधित विभागों की पेयजल, बिजली, सीवर लाइन, सड़कें व पानी निकासी आदि सुविधाएं निर्बाध जारी रहनी चाहिए। इस कार्य में कोताही के लिए संबंधित को सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
उपायुक्त मनदीप कौर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (एनएच), सिंचाई विभाग के सभी कार्यकारी अभियंता और कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद ये आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त ने आदेश जारी कर कहा है कि मानसून से पहले और मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों द्वारा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उपयोगिताओं की देखरेख, रखरखाव और परिचालन तत्परता से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा है कि मानसून के मौसम के आगमन के साथ ही सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं का निर्बाध संचालन और उचित रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। रखरखाव में किसी भी प्रकार की कमी से जनता को असुविधा, सेवाओं में व्यवधान, जलभराव, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याएं, यातायात संबंधी खतरे और टाले जा सकने वाले हादसे हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए हैं कि तेज जल निकासी प्रणाली, जल आपूर्ति अवसंरचना, जिसमें पंपिंग स्टेशन, बूस्टिंग स्टेशन और वितरण नेटवर्क शामिल हैं, सीवरेज सिस्टम, सीवर लाइनें, मैनहोल और सीवेज पंपिंग स्टेशन के काम पर विशेष ध्यान दें।
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उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, फीडर और वितरण अवसंरचना का रखरखाव, प्रतिकूल मौसम की स्थिति में बिजली आपूर्ति में व्यवधान को रोकने के लिए बिजली लाइनों के पास पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करना, आपातकालीन ब्रेकडाउन टीमों की उपलब्धता और ट्रांसफार्मर, खंभे, कंडक्टर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक, खराबी या मौसम संबंधी घटनाओं की स्थिति में बिजली आपूर्ति की शीघ्र बहाली, मानसून के मौसम से पहले कमजोर बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और ओवरहेड लाइनों का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को नहरों व जलमार्गों की सफाई व रखरखाव, जल के प्रवाह को बाधित करने वाली बाधाओं को दूर करना, नहरों की दरारों, जलभराव या बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील बिंदुओं की निगरानी, बाढ़ नियंत्रण अवसंरचना का उचित संचालन और आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारी, जल निकासी प्रबंधन के लिए पीएचईडी, नगर परिषद और क्षेत्रीय प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है।
आदेशों में कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) को विभागीय अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सड़कों का उचित रखरखाव और देखभाल, गड्ढों, क्षतिग्रस्त सड़क खंडों और सड़क के किनारों की तत्काल मरम्मत, पुलियों, पुलों और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं का रखरखाव, यातायात आवागमन को प्रभावित करने वाले मलबे और अवरोधों को हटाना, सड़क संकेतों, चिह्नों और सुरक्षा उपायों की उचित दृश्यता, सड़क के धंसने और क्षतिग्रस्त हिस्सों का तत्काल सुधार, सार्वजनिक कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों और प्रमुख आवासीय क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त मनदीप कौर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन, कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी (एनएच), सिंचाई विभाग के सभी कार्यकारी अभियंता और कार्यकारी अभियंता, नगर परिषद ये आदेश जारी किए हैं। उपायुक्त ने आदेश जारी कर कहा है कि मानसून से पहले और मानसून के दौरान सभी संबंधित विभागों द्वारा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और उपयोगिताओं की देखरेख, रखरखाव और परिचालन तत्परता से सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने कहा है कि मानसून के मौसम के आगमन के साथ ही सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं का निर्बाध संचालन और उचित रखरखाव अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। रखरखाव में किसी भी प्रकार की कमी से जनता को असुविधा, सेवाओं में व्यवधान, जलभराव, सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याएं, यातायात संबंधी खतरे और टाले जा सकने वाले हादसे हो सकते हैं। उन्होंने कार्यकारी अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिए हैं कि तेज जल निकासी प्रणाली, जल आपूर्ति अवसंरचना, जिसमें पंपिंग स्टेशन, बूस्टिंग स्टेशन और वितरण नेटवर्क शामिल हैं, सीवरेज सिस्टम, सीवर लाइनें, मैनहोल और सीवेज पंपिंग स्टेशन के काम पर विशेष ध्यान दें।
उपायुक्त ने कार्यकारी अभियंता, डीएचबीवीएन को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति, ट्रांसफार्मर, फीडर और वितरण अवसंरचना का रखरखाव, प्रतिकूल मौसम की स्थिति में बिजली आपूर्ति में व्यवधान को रोकने के लिए बिजली लाइनों के पास पेड़ों की शाखाओं की छंटाई करना, आपातकालीन ब्रेकडाउन टीमों की उपलब्धता और ट्रांसफार्मर, खंभे, कंडक्टर और अन्य आवश्यक सामग्री का पर्याप्त स्टॉक, खराबी या मौसम संबंधी घटनाओं की स्थिति में बिजली आपूर्ति की शीघ्र बहाली, मानसून के मौसम से पहले कमजोर बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों और ओवरहेड लाइनों का निरीक्षण कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को नहरों व जलमार्गों की सफाई व रखरखाव, जल के प्रवाह को बाधित करने वाली बाधाओं को दूर करना, नहरों की दरारों, जलभराव या बाढ़ की आशंका वाले संवेदनशील बिंदुओं की निगरानी, बाढ़ नियंत्रण अवसंरचना का उचित संचालन और आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारी, जल निकासी प्रबंधन के लिए पीएचईडी, नगर परिषद और क्षेत्रीय प्रशासन के साथ समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है।
आदेशों में कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) को विभागीय अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी सड़कों का उचित रखरखाव और देखभाल, गड्ढों, क्षतिग्रस्त सड़क खंडों और सड़क के किनारों की तत्काल मरम्मत, पुलियों, पुलों और क्रॉस-ड्रेनेज संरचनाओं का रखरखाव, यातायात आवागमन को प्रभावित करने वाले मलबे और अवरोधों को हटाना, सड़क संकेतों, चिह्नों और सुरक्षा उपायों की उचित दृश्यता, सड़क के धंसने और क्षतिग्रस्त हिस्सों का तत्काल सुधार, सार्वजनिक कार्यालयों, विद्यालयों, अस्पतालों और प्रमुख आवासीय क्षेत्रों की ओर जाने वाली सड़कों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।