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Charkhi Dadri News: विभाग और एजेंसी में तालमेल की कमी का खामियाजा भुगत रहे किसान, 250 एकड़ में भर रहा दूषित पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 29 Mar 2026 12:05 AM IST
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एसटीपी रिजर्व टैंक ओवरफ्लो होने के बाद परिसर में भरा दूषित पानी।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। शहर के दिल्ली रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की देखरेख करने वाली एजेंसी और जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में बनी तालमेल की कमी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बिजली गुल होने से एसटीपी पर लगी मोटरों के बंद होने से दूषित पानी परिसर और खेतों में फैल रहा है जिससे एसटीपी भवन के जर्जर होने की संभावना बनी हुई है वहीं खेतों में जलभराव होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से लाइट जाने के बाद जनरेटर चालू करवाने की मांग की है ताकि उन्हें राहत मिल सके।
शहर के दिल्ली रोड पर बने एसटीपी की देख-रेख के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने निजी एजेंसी को टेंडर जारी किया हुआ है। इसके लिए विभाग प्रति वर्ष 20 लाख रुपये की राशि खर्च कर रहा है लेकिन एजेंसी के कर्मचारी बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर तक नहीं चलाते जिससे एसटीपी के रिजर्व टैंक ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच जाते हैं। ऐसे में टैंकों से निकला दूषित पानी परिसर में भरने के साथ खेतों में पहुंच जाता है।
एसटीपी पर कार्यरत कर्मचारी से जब इसके बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि जनरेटर में तेल नहीं होने के कारण चालू नहीं हो पाया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल डलवाया गया है लेकिन एजेंसी का जनरेटर खराब होने की वजह से नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी की लापरवाही के कारण साथ लगते किसानों की करीब 250 एकड़ फसल बर्बाद हो रही है। वहीं लंबे समय तक परिसर में जलभराव होने से जैक से उठाए जा रहे भवन के गिरने की संभावना बनी हुई है।
विधानसभा में भी उठ चुका है जलभराव का मुद्दा
एसटीपी के साथ लगते खेतों में जलभराव के कारण किसानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में भी उठ चुका है। दादरी के विधायक सुनील सांगवान ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। जिसके बाद हरकत में आए विभाग ने प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि दिलवाने के लिए रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी थी।
बॉक्स :
किसान कई बार जता चुके हैं विरोध
बता दें दिल्ली रोड स्थित एसटीपी के आसपास गांव ढाणी फोगाट, समसपुर व दादरी क्षेत्र की करीब 250 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। लेकिन एसटीपी के रिजर्व टैंक ओवरफ्लो होने के कारण दूषित पानी खेतों में भर जाता है। जिससे कई बार किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है और लंबे समय जलभराव होने के कारण खेतों में चवे की स्थिति बनी हुई है। इससे क्षुब्ध किसान कई बार विरोध भी जता चुके हैं।
वर्सन :
एसटीपी से पानी निकासी और देखभाल के लिए हमने निजी एजेंसी को हायर किया हुआ है। एसटीपी पर जलभराव से संबंधित जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की बनती है। पिछले लंबे समय से एसटीपी का जनरेटर खराब होने की सूचना मिल रही है, इसके बारे में जांच करवाई जाएगी। यदि एजेंसी की कमी मिलती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
-- मुकेश कुमार, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग।
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शहर के दिल्ली रोड पर बने एसटीपी की देख-रेख के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने निजी एजेंसी को टेंडर जारी किया हुआ है। इसके लिए विभाग प्रति वर्ष 20 लाख रुपये की राशि खर्च कर रहा है लेकिन एजेंसी के कर्मचारी बिजली गुल होने की स्थिति में जनरेटर तक नहीं चलाते जिससे एसटीपी के रिजर्व टैंक ओवरफ्लो की स्थिति में पहुंच जाते हैं। ऐसे में टैंकों से निकला दूषित पानी परिसर में भरने के साथ खेतों में पहुंच जाता है।
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एसटीपी पर कार्यरत कर्मचारी से जब इसके बारे में जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि जनरेटर में तेल नहीं होने के कारण चालू नहीं हो पाया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल डलवाया गया है लेकिन एजेंसी का जनरेटर खराब होने की वजह से नहीं चल पाया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी की लापरवाही के कारण साथ लगते किसानों की करीब 250 एकड़ फसल बर्बाद हो रही है। वहीं लंबे समय तक परिसर में जलभराव होने से जैक से उठाए जा रहे भवन के गिरने की संभावना बनी हुई है।
विधानसभा में भी उठ चुका है जलभराव का मुद्दा
एसटीपी के साथ लगते खेतों में जलभराव के कारण किसानों को हो रहे नुकसान का मुद्दा विधानसभा के बजट सत्र में भी उठ चुका है। दादरी के विधायक सुनील सांगवान ने इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया था। जिसके बाद हरकत में आए विभाग ने प्रभावित किसानों को मुआवजा राशि दिलवाने के लिए रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेजी थी।
बॉक्स :
किसान कई बार जता चुके हैं विरोध
बता दें दिल्ली रोड स्थित एसटीपी के आसपास गांव ढाणी फोगाट, समसपुर व दादरी क्षेत्र की करीब 250 एकड़ कृषि योग्य भूमि है। लेकिन एसटीपी के रिजर्व टैंक ओवरफ्लो होने के कारण दूषित पानी खेतों में भर जाता है। जिससे कई बार किसानों की खड़ी फसल बर्बाद हो जाती है और लंबे समय जलभराव होने के कारण खेतों में चवे की स्थिति बनी हुई है। इससे क्षुब्ध किसान कई बार विरोध भी जता चुके हैं।
वर्सन :
एसटीपी से पानी निकासी और देखभाल के लिए हमने निजी एजेंसी को हायर किया हुआ है। एसटीपी पर जलभराव से संबंधित जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की बनती है। पिछले लंबे समय से एसटीपी का जनरेटर खराब होने की सूचना मिल रही है, इसके बारे में जांच करवाई जाएगी। यदि एजेंसी की कमी मिलती है तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।