{"_id":"69ac6554055148306c07ee8e","slug":"farmers-warned-against-allowing-public-representatives-to-enter-their-villages-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-152302-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: किसानों ने दी जनप्रतिनिधियों के गांवों में नहीं घुसने देने की चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: किसानों ने दी जनप्रतिनिधियों के गांवों में नहीं घुसने देने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:20 PM IST
विज्ञापन
अनाज मंडी में धरने पर मौजूद संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी।
- फोटो : 1
विज्ञापन
बाढड़ा। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से वर्ष 2023 के बकाया मुआवजे के लिए शनिवार को 231 वें दिन भी धरना दिया गया। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेताओंं ने चेतावनी दी कि जल्द ही सुनवाई नहीं की गई तो जनप्रतिनिधियों को गांवों में नहीं घुसने देंगे।
अनाज मंडी में संयुक्त मोर्चा के सदस्य महिपाल कारी की अध्यक्षता में आयोजित धरने में श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बेरला ने कहा कि किसानों की जायजा मांगों को भी नहीं माना जा रहा है। बाढड़ा की भूमि ने पहले भी किसान, मजदूर के हकों के लिए कई कुर्बानियां दी हैं। भविष्य में भी सरकार ने हठ्धर्मिता नहीं छोड़ी तो सीधी टक्कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा क्लेम व मुआवजा वितरण की जांच होनी चाहिए।
मास्टर रघबीर ने कहा कि मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कर काॅरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है जो नई पीढ़ी के लिए न्यायसंगत नहीं है। आज किसान को डीएपी व यूरिया के लिए दर -दर भटकना पड़ता है। किसान कर्ज के दल -दल में फंसता जा रहा है। सरकार को तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरूरत है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। धरने पर किसान नेता राजकुमार हड़ौदी, किसान सभा खंड अध्यक्ष नसीब, प्रताप सिंह हंसावास, प्रताप सिंह, पारस, धर्मपाल पीटीआई व ब्रह्रापाल आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
अनाज मंडी में संयुक्त मोर्चा के सदस्य महिपाल कारी की अध्यक्षता में आयोजित धरने में श्योराण खाप पच्चीस अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह बेरला ने कहा कि किसानों की जायजा मांगों को भी नहीं माना जा रहा है। बाढड़ा की भूमि ने पहले भी किसान, मजदूर के हकों के लिए कई कुर्बानियां दी हैं। भविष्य में भी सरकार ने हठ्धर्मिता नहीं छोड़ी तो सीधी टक्कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 रबी व खरीफ सीजन की फसलों के बीमा क्लेम व मुआवजा वितरण की जांच होनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मास्टर रघबीर ने कहा कि मौजूदा सरकार किसान व कृषि व्यवस्था को कमजोर कर काॅरपोरेट घरानों को बढ़ावा दे रही है जो नई पीढ़ी के लिए न्यायसंगत नहीं है। आज किसान को डीएपी व यूरिया के लिए दर -दर भटकना पड़ता है। किसान कर्ज के दल -दल में फंसता जा रहा है। सरकार को तत्काल प्रभाव से कदम उठाने की जरूरत है। सरकार किसानों के हितों की रक्षा के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। धरने पर किसान नेता राजकुमार हड़ौदी, किसान सभा खंड अध्यक्ष नसीब, प्रताप सिंह हंसावास, प्रताप सिंह, पारस, धर्मपाल पीटीआई व ब्रह्रापाल आदि मौजूद रहे।