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Charkhi Dadri News: डॉक्टर-एसएचओ विवाद के विरोध में दादरी के 103 चिकित्सकों ने की हड़ताल, 2200 मरीजों को उठानी पड़ी परेशानी

संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 07 Mar 2026 11:22 PM IST
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103 doctors in Dadri went on strike to protest the doctor-SHO dispute, causing inconvenience to 2,200 patients
मरीज को वापस घर लेकर जाते उसके साथी। - फोटो : 1
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चरखी दादरी। करनाल में डॉक्टर और एसएचओ के बीच हुए विवाद के विरोध में शनिवार को दादरी जिले के सरकारी चिकित्सकों ने रोष जताते हुए पूरे दिन हड़ताल की। सिविल अस्पताल सहित जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों ने सुबह 9 बजे से हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल के कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बाधित रहीं जिससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं, पोस्टमार्टम और लेबर रूम की सुविधाएं जारी रखी गईं, लेकिन सामान्य जांच और परामर्श बंद रहने से मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। जिले के करीब 2200 मरीज इलाज के बिना ही लौटने को मजबूर हो गए या फिर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
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103 चिकित्सकों ने की हड़ताल
शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे चिकित्सकों ने पहले अपनी हाजिरी दर्ज करवाई और इसके बाद हड़ताल पर चले गए। जिलेभर से करीब 103 चिकित्सक इस हड़ताल में शामिल हुए। चिकित्सकों का कहना था कि करनाल में डॉक्टर के साथ हुई घटना के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है और जब तक डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक ऐसे विरोध जारी रह सकते हैं।
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मायूस होकर लौटे मरीज
हड़ताल के कारण सबसे ज्यादा असर ओपीडी सेवाओं पर पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में मरीज सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन पर्ची काउंटर और डॉक्टरों के कक्ष बंद मिलने पर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। कई मरीज घंटों तक अस्पताल परिसर में बैठे रहे कि शायद डॉक्टर आ जाएं, लेकिन अंततः उन्हें निराश होकर घर लौटना पड़ा। कुछ मरीजों ने मजबूरी में निजी अस्पतालों से इलाज करवाया।
ये बोले मरीज


मैं आंखों की समस्या के इलाज के लिए सुबह ही सिविल अस्पताल पहुंच गई थी। काफी देर तक इंतजार किया, लेकिन जब पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं तो बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। दूर गांव से आने के बावजूद इलाज नहीं मिलना बहुत परेशानी भरा रहा।- मरीया, निवासी गांव बलकरा

मैं एक्सरे करवाने के लिए अस्पताल आया था, लेकिन पर्ची ही नहीं कट पाई। काउंटर बंद होने से वह काफी देर तक इधर-उधर जानकारी लेता रहा। आखिरकार उसे बिना जांच करवाए ही लौटना पड़ रहा है। अगर पहले से सूचना होती तो अस्पताल ही नहीं आता।- सत्यप्रकाश, निवासी गांव बलकरा


पैर में फ्रैक्चर है और डॉक्टर ने उसे शनिवार को दोबारा जांच के लिए बुलाया था। वह सुबह अस्पताल पहुंचा, लेकिन यहां आकर पता चला कि चिकित्सक हड़ताल पर हैं। दर्द के बावजूद इलाज नहीं मिल पाने से उसे काफी परेशानी हुई और अब उसे दोबारा अस्पताल आना पड़ेगा।- मनीष, निवासी गांव बेरी

मैं शुगर और बीपी की नियमित दवाइयां लेने के लिए अस्पताल आया था। हर महीने वह सिविल अस्पताल से ही दवाई लेता है, लेकिन इस बार हड़ताल के कारण उसे दवाई नहीं मिल सकी। उन्होंने कहा कि अब उसे निजी मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदनी पड़ेगी।- बंशीलाल, निवासी गांव पालड़ी

वर्सन:
करनाल में चिकित्सक के साथ हुए विवाद में आज पूरे प्रदेश भर में हड़ताल की गई थी। हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जारी रखी गई थीं ताकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो। - डॉ. राहुल अरोड़ा, जिला प्रधान, एचसीएमएस, चरखी दादरी

मरीज को वापस घर लेकर जाते उसके साथी।

मरीज को वापस घर लेकर जाते उसके साथी।- फोटो : 1

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