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Charkhi Dadri News: भूजल योजना पूरी, अब ‘वाटर सिक्योर हरियाणा’ से जल संरक्षण को मिलेगी नई रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 12 Apr 2026 12:58 AM IST
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दादरी जिला स्थिति पंप हाऊस।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। भूजल योजना पूरी होने के बाद अब वाटर सिक्योर हरियाणा योजना पर काम शुरू होगा। योजना के तहत जल स्रोत बढ़ाने व फसल सिंचाई के लिए कम पानी के इस्तेमाल पर कार्य होगा। गत दिनों भू-जल योजना की समयावधि पूरी होने के बाद अब नई योजना शुरू होने जा रही है। जिले के करीब 60 गांवों में जल प्रबंधन के जरिए भूमिगत जलस्तर बढ़ाने की जरूरत है।
जिले में भूजल संरक्षण की दिशा में एक नई पहल के तहत अब वॉटर सिक्योर हरियाणा योजना पर कार्य शुरू किया जाएगा। हाल ही में पूर्व में चल रही भूजल योजना की समयावधि पूरी होने के बाद इस नई योजना की शुरुआत की तैयारी की जा रही है। पिछली भूजल योजना के दौरान जिले में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए। गांवों में पीजियोमीटर लगाए गए ताकि भूजल स्तर की नियमित निगरानी की जा सके। इसके अलावा गांवों में जल सूचना पट्ट लगाए गए, जिससे लोगों को जल स्तर की जानकारी मिलती रही।
48 गांवों को नहरी पानी से जोड़ा
जिले के 48 गांवों को नहरी पानी से जोड़ा गया जिससे सिंचाई सुविधा में सुधार हुआ। कई गांवों में सोख्ता गड्ढे बनाए गए और सरकारी भवनों में वर्षा जल का संग्रहण कर जल बचत पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी स्कूलों में भूमिगत बोरिंग की गई, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही जिले भर में 42 जलकुंड बनाए गए और ग्रामीणों को जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए गए।
योजना के तहत बजट आवंटन
अब नई वाटर सिक्योर हरियाणा योजना विश्व बैंक के सहयोग से पूरी का जानी है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से बजट का आवंटन कर दिया गया है। जिला के करीब 60 रेतीले गांवों में भूमिगत जलस्तर 180 से 400 फीट नीचे तक है। रेतीला क्षेत्र में किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट बना रहता है। इस क्षेत्र में किसानों को दो मोटर लगाकर जमीन से पानी का उठान करना पड़ता है तब जाकर फसलों की सिंचाई हो पाती है।
घटता जा रहा भूजल स्तर
गत कई सालों से मानसून की बारिश कम होने की वजह से इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर घटता ही जा रही है। आने वाली पीढि़यों के लिए पेयजल संकट भी गहरा सकता है। जल प्रबंधन के तहत किसानों को भी सूक्ष्म सिंचाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
वर्सन:
इस संबंध में राज्य स्तरीय बैठक हो चुकी है। इस योजना को मंजूरी मिल गई है। सरकार की यह नई योजना जल संरक्षण की दिशा में कारगर साबित होगी। भू-जल योजना के तहत जिला में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए थे।- खुर्शीद अहमद, जल आकड़ा विशेषज्ञ
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48 गांवों को नहरी पानी से जोड़ा
जिले के 48 गांवों को नहरी पानी से जोड़ा गया जिससे सिंचाई सुविधा में सुधार हुआ। कई गांवों में सोख्ता गड्ढे बनाए गए और सरकारी भवनों में वर्षा जल का संग्रहण कर जल बचत पर विशेष ध्यान दिया गया। सरकारी स्कूलों में भूमिगत बोरिंग की गई, जिससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिला। इसके साथ ही जिले भर में 42 जलकुंड बनाए गए और ग्रामीणों को जल प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाए गए।
योजना के तहत बजट आवंटन
अब नई वाटर सिक्योर हरियाणा योजना विश्व बैंक के सहयोग से पूरी का जानी है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से बजट का आवंटन कर दिया गया है। जिला के करीब 60 रेतीले गांवों में भूमिगत जलस्तर 180 से 400 फीट नीचे तक है। रेतीला क्षेत्र में किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट बना रहता है। इस क्षेत्र में किसानों को दो मोटर लगाकर जमीन से पानी का उठान करना पड़ता है तब जाकर फसलों की सिंचाई हो पाती है।
घटता जा रहा भूजल स्तर
गत कई सालों से मानसून की बारिश कम होने की वजह से इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर घटता ही जा रही है। आने वाली पीढि़यों के लिए पेयजल संकट भी गहरा सकता है। जल प्रबंधन के तहत किसानों को भी सूक्ष्म सिंचाई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
वर्सन:
इस संबंध में राज्य स्तरीय बैठक हो चुकी है। इस योजना को मंजूरी मिल गई है। सरकार की यह नई योजना जल संरक्षण की दिशा में कारगर साबित होगी। भू-जल योजना के तहत जिला में कई महत्वपूर्ण कार्य हुए थे।- खुर्शीद अहमद, जल आकड़ा विशेषज्ञ