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Charkhi Dadri News: दादरी व झज्जर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिहार भ्रूण लिंग जांच गिरोह का किया भंडाफोड़
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 22 Jun 2026 01:09 AM IST
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बिहार के टेकारी थाने के बाहर मौजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम। नीचे बैठे हुए आरोपी तथा जब्त की गई अ
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चरखी दादरी। दादरी और झज्जर के स्वास्थ्य विभाग की पीसी-पीएनडीटी टीम ने बिहार के गया जिले में अंतरराज्यीय भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और मौके से एक अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई है।
दादरी के डिप्टी सिविल सर्जन एवं पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. उदयभान शर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह टीम को सूचना मिली थी कि झज्जर जिले के छुछकवास निवासी सुरेंद्र और भालगढ़ निवासी राकेश यादव गर्भवती महिलाओं को हरियाणा से बिहार ले जाकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करवाते हैं। इसके बाद दोनों जिलों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की योजना तैयार की। टीम में दादरी से डॉ. संदीप कुमार, लिपिक राजू शामिल रहे, जबकि झज्जर से नोडल अधिकारी (पीसी-पीएनडीटी) डॉ. संदीप कुमार, डॉ. बसंत कुमार दुबे और विनोद कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाकर अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ करने की योजना बनाई। महिला के साथ एक व्यक्ति को उसके पति के रूप में भेजा गया। इस दौरान दोनों एजेंटों ने 50 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग जांच कराने की सहमति दी और यह राशि ऑनलाइन माध्यम से खाते में डलवाई। उन्होंने 19 जून की रात करीब 10 बजे डिकॉय ग्राहक व उसके सहयोगी को बिहार के गया जिले में भ्रूण लिंग जांच के लिए चलने की बात कही। इसके बाद महिला को गया जिले के टिकारी कस्बे में ले जाया गया। टीम इनका पीछा करते शनिवार शाम करीब पांच बजे टिकारी पहुंची।
शिवशक्ति अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचाया
टिकारी पहुंचने पर आरोपियों ने महिला को शिव शक्ति अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचाया। केंद्र संचालक रामाश्रय प्रसाद और खुद को सोनोलॉजिस्ट बताने वाले गुलशन कुमार ने अल्ट्रासाउंड जांच की और गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी। डिकॉय महिला के साथी से संकेत मिलते ही संयुक्त टीम ने गया जिला प्रशासन और जिला पीएनडीटी इकाई के अधिकारियों के सहयोग से केंद्र पर छापा मारा। रामाश्रय प्रसाद, गुलशन कुमार, सुरेंद्र और राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने परिसर से एक अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त की। डॉ. उदयभान शर्मा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्र और उसमें रखी मशीन बगैर पंजीकरण के चल रहे तई। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टिकारी पुलिस के हवाले कर दिया है। दादरी के सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग जांच करवाना और करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। किसी भी व्यक्ति को भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना मिलती है तो सिविल सर्जन कार्यालय को सूचित करें।
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दादरी के डिप्टी सिविल सर्जन एवं पीसी-पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डॉ. उदयभान शर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह टीम को सूचना मिली थी कि झज्जर जिले के छुछकवास निवासी सुरेंद्र और भालगढ़ निवासी राकेश यादव गर्भवती महिलाओं को हरियाणा से बिहार ले जाकर अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच करवाते हैं। इसके बाद दोनों जिलों की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई की योजना तैयार की। टीम में दादरी से डॉ. संदीप कुमार, लिपिक राजू शामिल रहे, जबकि झज्जर से नोडल अधिकारी (पीसी-पीएनडीटी) डॉ. संदीप कुमार, डॉ. बसंत कुमार दुबे और विनोद कुमार को जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाकर अवैध भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़ करने की योजना बनाई। महिला के साथ एक व्यक्ति को उसके पति के रूप में भेजा गया। इस दौरान दोनों एजेंटों ने 50 हजार रुपये लेकर भ्रूण लिंग जांच कराने की सहमति दी और यह राशि ऑनलाइन माध्यम से खाते में डलवाई। उन्होंने 19 जून की रात करीब 10 बजे डिकॉय ग्राहक व उसके सहयोगी को बिहार के गया जिले में भ्रूण लिंग जांच के लिए चलने की बात कही। इसके बाद महिला को गया जिले के टिकारी कस्बे में ले जाया गया। टीम इनका पीछा करते शनिवार शाम करीब पांच बजे टिकारी पहुंची।
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शिवशक्ति अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचाया
टिकारी पहुंचने पर आरोपियों ने महिला को शिव शक्ति अल्ट्रासाउंड सेंटर पहुंचाया। केंद्र संचालक रामाश्रय प्रसाद और खुद को सोनोलॉजिस्ट बताने वाले गुलशन कुमार ने अल्ट्रासाउंड जांच की और गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी। डिकॉय महिला के साथी से संकेत मिलते ही संयुक्त टीम ने गया जिला प्रशासन और जिला पीएनडीटी इकाई के अधिकारियों के सहयोग से केंद्र पर छापा मारा। रामाश्रय प्रसाद, गुलशन कुमार, सुरेंद्र और राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने परिसर से एक अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन भी जब्त की। डॉ. उदयभान शर्मा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड केंद्र और उसमें रखी मशीन बगैर पंजीकरण के चल रहे तई। आरोपियों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए टिकारी पुलिस के हवाले कर दिया है। दादरी के सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि प्रसव पूर्व भ्रूण लिंग जांच करवाना और करना दोनों ही दंडनीय अपराध हैं। किसी भी व्यक्ति को भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना मिलती है तो सिविल सर्जन कार्यालय को सूचित करें।