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Charkhi Dadri News: होली से पहले बाजार सूने, कारोबारियों की बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 27 Feb 2026 01:41 AM IST
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होली पर्व से पहले सुना पड़ा शहर का तहसील रोड, जहां सबसे अधिक स्टॉलें लगती हैं।
- फोटो : 1
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चरखी दादरी। होली का पर्व नजदीक है, लेकिन शहर के बाजारों में इस बार त्योहार की पारंपरिक रौनक दिखाई नहीं दे रही। जहां पिछले वर्षों में होली से करीब दस दिन पहले ही बाजार रंग, गुलाल और पिचकारियों से सज जाते थे, वहीं इस बार पर्व में केवल एक सप्ताह शेष रहने के बावजूद गिनी-चुनी दुकानों पर ही त्योहार से जुड़ा सामान नजर आ रहा है।
मुख्य बाजारों में भीड़भाड़ कम है और रंगों की खुशबू के बजाय सामान्य दिनों जैसा माहौल दिखाई दे रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बाजार में सुस्ती के पीछे कई कारण हैं। एक तो माह का अंतिम चरण चल रहा है जिससे लोगों की जेब पर असर पड़ता है। दूसरा, ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ते रुझान ने भी बाजार की रौनक कम कर दी है।
कई ग्राहक रंग, गुलाल और पिचकारियां ई-खरीद के माध्यम से मंगवा रहे हैं जिससे पारंपरिक दुकानों पर बिक्री प्रभावित हो रही है। बाजार में फिलहाल इक्का-दुक्का अस्थायी स्टॉल ही लगे हुए हैं, जिन पर रंग-बिरंगे गुलाल और आकर्षक पिचकारियां सजी हैं। हालांकि, ग्राहकों की संख्या सीमित है। दुकानदारों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, वैसे-वैसे बाजार में भीड़ बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी।
थोक विक्रेताओं के अनुसार इस बार भी करीब 100 क्विंटल से अधिक गुलाल की बिक्री का अनुमान है। उनका मानना है कि अंतिम दिनों में खरीदारी का दौर तेज होता है, जिससे बाजार की सुस्ती दूर हो सकती है। फिलहाल व्यापारी अच्छे कारोबार की आस लगाए बैठे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में होली की रंगत बाजारों में भी साफ नजर आएगी।
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मुख्य बाजारों में भीड़भाड़ कम है और रंगों की खुशबू के बजाय सामान्य दिनों जैसा माहौल दिखाई दे रहा है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बाजार में सुस्ती के पीछे कई कारण हैं। एक तो माह का अंतिम चरण चल रहा है जिससे लोगों की जेब पर असर पड़ता है। दूसरा, ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ते रुझान ने भी बाजार की रौनक कम कर दी है।
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कई ग्राहक रंग, गुलाल और पिचकारियां ई-खरीद के माध्यम से मंगवा रहे हैं जिससे पारंपरिक दुकानों पर बिक्री प्रभावित हो रही है। बाजार में फिलहाल इक्का-दुक्का अस्थायी स्टॉल ही लगे हुए हैं, जिन पर रंग-बिरंगे गुलाल और आकर्षक पिचकारियां सजी हैं। हालांकि, ग्राहकों की संख्या सीमित है। दुकानदारों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, वैसे-वैसे बाजार में भीड़ बढ़ेगी और कारोबार में तेजी आएगी।
थोक विक्रेताओं के अनुसार इस बार भी करीब 100 क्विंटल से अधिक गुलाल की बिक्री का अनुमान है। उनका मानना है कि अंतिम दिनों में खरीदारी का दौर तेज होता है, जिससे बाजार की सुस्ती दूर हो सकती है। फिलहाल व्यापारी अच्छे कारोबार की आस लगाए बैठे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले दिनों में होली की रंगत बाजारों में भी साफ नजर आएगी।