{"_id":"6a527b18a706759c570bb2fd","slug":"meat-market-relocation-stalled-for-three-years-trade-continues-openly-in-the-city-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-157588-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: तीन साल से अटकी मीट मार्केट शिफ्टिंग, शहर में अब भी खुलेआम कारोबार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: तीन साल से अटकी मीट मार्केट शिफ्टिंग, शहर में अब भी खुलेआम कारोबार
Sat, 11 Jul 2026 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:49 PM IST
विज्ञापन
शहर के महेंद्रगढ़ रोड पर बनी मीट की दुकाने।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चरखी दादरी। शहर के मुख्य मार्गों और वाल्मीकि नगर के समीप महेंद्रगढ़ रोड पर संचालित मीट की दुकानें आज भी खुलेआम कारोबार कर रही हैं। लंबे समय से स्थानीय लोग इन दुकानों को रिहायशी और व्यस्त क्षेत्रों से हटाने की मांग कर रहे हैं। नगर परिषद ने भी इन दुकानों को कलियाणा रोड स्थित स्लाटर हाउस में स्थानांतरित करने की योजना बनाई थी लेकिन तीन साल बीतने के बावजूद यह योजना अमल में नहीं आ सकी। प्रशासनिक सुस्ती और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण मामला अब भी फाइलों तक सीमित नजर आ रहा है।
नगर परिषद ने शहर में बढ़ते यातायात, स्वच्छता और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घोषणा की थी कि मुख्य बाजारों और महेंद्रगढ़ रोड पर संचालित मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थित स्लाटर हाउस में शिफ्ट किया जाएगा। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, यातायात बाधित नहीं होगा और मुख्य मार्गों पर गंदगी व आवारा पशुओं की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि घोषणा के बाद लोगों को जल्द कार्रवाई की उम्मीद थी लेकिन महीनों नहीं बल्कि वर्षों बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
स्लाटर हाउस में सुविधाओं की कमी बनी अड़चन
मीट कारोबारियों का कहना है कि कलियाणा रोड स्थित स्लाटर हाउस शहर से काफी दूर है जिससे उनके व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका तर्क है कि ग्राहकों की संख्या कम हो जाएगी और रोजगार प्रभावित होगा। साथ ही प्रस्तावित स्थल पर पानी, बिजली, ड्रेनेज, कचरा निस्तारण और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं अभी तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। जब तक इन व्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वहां कारोबार शुरू करना व्यावहारिक नहीं होगा।
विज्ञापन
लोगों को स्वच्छता और धार्मिक भावनाओं की चिंता
शहर के व्यस्त मार्गों पर संचालित मीट की दुकानों के कारण आसपास गंदगी फैलने, दुर्गंध आने और आवारा पशुओं के जमावड़े की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महेंद्रगढ़ रोड से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, महिलाएं और श्रद्धालु गुजरते हैं। ऐसे में खुलेआम मीट की बिक्री से स्वच्छता प्रभावित होती है और कुछ लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
तीन साल में योजना आगे नहीं बढ़ी
तत्कालीन उपायुक्त मनदीप कौर के कार्यकाल में नगर परिषद ने मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना तैयार की थी लेकिन करीब तीन साल बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इस बीच शहर के विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में मीट की दुकानों और अस्थायी खोखों की संख्या बढ़ी है। कई स्थानों पर अवैध रूप से लगाए गए खोखे स्वच्छता के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में शहरवासी अब नगर परिषद और प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्सन:
नगर परिषद की योजना अनुसार महेंद्रगढ़ रोड पर बनी मीट की दुकानों की जगह को ग्रीन बेल्ट के लिए चयनित किया गया है। वहीं योजना पर भी काम चल रहा है और वे दुकानदारों के साथ बातचीत कर रहे हैं। जल्दी ही शहर से सभी मीट की दुकानों को बाहर करवाने का काम करवाया जाएगा। -बख्शी राम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद।
विज्ञापन
नगर परिषद ने शहर में बढ़ते यातायात, स्वच्छता और आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए घोषणा की थी कि मुख्य बाजारों और महेंद्रगढ़ रोड पर संचालित मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थित स्लाटर हाउस में शिफ्ट किया जाएगा। इससे शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर होगी, यातायात बाधित नहीं होगा और मुख्य मार्गों पर गंदगी व आवारा पशुओं की समस्या से भी राहत मिलेगी। हालांकि घोषणा के बाद लोगों को जल्द कार्रवाई की उम्मीद थी लेकिन महीनों नहीं बल्कि वर्षों बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
विज्ञापन
स्लाटर हाउस में सुविधाओं की कमी बनी अड़चन
मीट कारोबारियों का कहना है कि कलियाणा रोड स्थित स्लाटर हाउस शहर से काफी दूर है जिससे उनके व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उनका तर्क है कि ग्राहकों की संख्या कम हो जाएगी और रोजगार प्रभावित होगा। साथ ही प्रस्तावित स्थल पर पानी, बिजली, ड्रेनेज, कचरा निस्तारण और अन्य आवश्यक बुनियादी सुविधाएं अभी तक पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। जब तक इन व्यवस्थाओं को पूरा नहीं किया जाता, तब तक वहां कारोबार शुरू करना व्यावहारिक नहीं होगा।
विज्ञापन
लोगों को स्वच्छता और धार्मिक भावनाओं की चिंता
शहर के व्यस्त मार्गों पर संचालित मीट की दुकानों के कारण आसपास गंदगी फैलने, दुर्गंध आने और आवारा पशुओं के जमावड़े की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि महेंद्रगढ़ रोड से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, महिलाएं और श्रद्धालु गुजरते हैं। ऐसे में खुलेआम मीट की बिक्री से स्वच्छता प्रभावित होती है और कुछ लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत होती हैं। नागरिकों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है।
तीन साल में योजना आगे नहीं बढ़ी
तत्कालीन उपायुक्त मनदीप कौर के कार्यकाल में नगर परिषद ने मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने की योजना तैयार की थी लेकिन करीब तीन साल बाद भी योजना धरातल पर नहीं उतर सकी। इस बीच शहर के विभिन्न रिहायशी क्षेत्रों में मीट की दुकानों और अस्थायी खोखों की संख्या बढ़ी है। कई स्थानों पर अवैध रूप से लगाए गए खोखे स्वच्छता के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में शहरवासी अब नगर परिषद और प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं बल्कि ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
वर्सन:
नगर परिषद की योजना अनुसार महेंद्रगढ़ रोड पर बनी मीट की दुकानों की जगह को ग्रीन बेल्ट के लिए चयनित किया गया है। वहीं योजना पर भी काम चल रहा है और वे दुकानदारों के साथ बातचीत कर रहे हैं। जल्दी ही शहर से सभी मीट की दुकानों को बाहर करवाने का काम करवाया जाएगा। -बख्शी राम सैनी, चेयरमैन, नगर परिषद।