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Charkhi Dadri News: आधे घंटे की खानापूर्ति कर लौटी नगर परिषद की टीम, महिला दुकानदारों व अधिकारियों में हुई कहासुनी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 12:08 AM IST
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बस स्टैंड रोड पर दुकान के बाहर रखे तख्त को उठाते नगर परिषद के कर्मचारी। संवाद
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चरखी दादरी। नगर परिषद दादरी की ओर से शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए शुरू किया गया अभियान लगातार तोबड़तोड कार्रवाई में कर रहा है। शुक्रवार को अभियान दूसरे दिन भी काफी आम दिखाई दिया। नगर परिषद की टीम भारी दलबल के साथ सड़कों पर उतरी लेकिन यह पूरी कार्रवाई महज आधा घंटा सिमट कर रह गई। टीम ने शाम चार बजे कार्रवाई शुरू की और साढ़े चार बजे तक डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के पास पहुंचकर अभियान को समाप्त कर दिया। इस दौरान जांगड़ा मार्केट में महिला दुकानदारों और परिषद के कर्मचारियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। टीम ने दुकानों के बाहर रखा कुछ सामान जब्त किया गया।
शुक्रवार शाम जैसे ही नगर परिषद की टीम बाजार में पहुंची तो दुकानदारों में हड़कंप मंच गया। जो दुकानदार अपनी दुकानों का सामान सड़क और फुटपाथ पर सजाए बैठे थे वे आनन-फानन में अपना सामान समेटने लगे। इस विशेष अभियान में नगर परिषद के बिल्डिंग अधिकारी प्रवीण छिकारा और सीएसआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) राजेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ नगर परिषद के 20 से अधिक कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात थे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
जांगड़ा मार्केट में हुआ विरोध
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सबसे ज्यादा तनाव जांगड़ा मार्केट में देखने को मिला। जब नगर परिषद की टीम जांगड़ा मार्केट में दुकानों के बाहर रखे सामान को हटाने लगी तो वहां मौजूद महिला दुकानदार विरोध पर उतर आईं। महिला ने कहा कि प्रशासन बिना किसी पूर्व चेतावनी के गरीब छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहा है जबकि काठ मंडी जैसी मार्केट में अतिक्रमण पर कोई उंगली नहीं उठाता। देखते ही देखते नगर परिषद के कर्मचारियों और महिला दुकानदारों के बीच मामूली कहासुनी के बाद टीम लौट आई। काफी देर तक बाजार में हंगामा चलता रहा जिसके बाद कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए कुछ दुकानों के बाहर रखा सामान गाड़ी में लादकर जब्त कर लिया।
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आधे घंटे में सिमटा अभियान
नगर परिषद की इस कार्रवाई के लिए शहर के नागरिकों और व्यापारियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल दिखावे के लिए सड़कों पर उतरता है। शाम 4 बजे शुरू हुआ यह अभियान मात्र आधे घंटे के भीतर ही कार्रवाई पूरी की दी गई। अभियान की शुरुआत नगर परिषद के मुख्य कार्यालय के बाहर से शुरू की गई थी जो बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड होते हुए भीमराव आंबेडकर चौक पर पहुंचकर अचानक रोक दिया गया। इसके बाद पूरी टीम वापस गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महज आधे घंटे की इस कार्रवाई से शहर की यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं होने वाला। लोगों ने आरोप लगाया कि यह अभियान सिर्फ फाइलों में अपनी हाजिरी दर्ज कराने और खानापूर्ति करने के लिए चलाया गया था। अगर प्रशासन वाकई गंभीर है तो उसे बिना किसी भेदभाव के पूरे शहर में बड़े स्तर पर और लंबे समय तक कार्रवाई करनी चाहिए।
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शहर के अधिकतर बाजार में दुकानदारों ने पहले ही सामान को उठा लिया गया था वहीं कुछ दुकानों के सामने रखे सामान को टीम ने जब्त कर लिया गया है। टीम लगातार पूरे शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएगी ताकि शहर को जाम मुक्त रखा जा सके। - प्रवीण छिकारा, बिल्डिंग अधिकारी, नगर परिषद
शुक्रवार शाम जैसे ही नगर परिषद की टीम बाजार में पहुंची तो दुकानदारों में हड़कंप मंच गया। जो दुकानदार अपनी दुकानों का सामान सड़क और फुटपाथ पर सजाए बैठे थे वे आनन-फानन में अपना सामान समेटने लगे। इस विशेष अभियान में नगर परिषद के बिल्डिंग अधिकारी प्रवीण छिकारा और सीएसआई (चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर) राजेश कुमार मुख्य रूप से मौजूद रहे। उनके साथ नगर परिषद के 20 से अधिक कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तैनात थे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
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जांगड़ा मार्केट में हुआ विरोध
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान सबसे ज्यादा तनाव जांगड़ा मार्केट में देखने को मिला। जब नगर परिषद की टीम जांगड़ा मार्केट में दुकानों के बाहर रखे सामान को हटाने लगी तो वहां मौजूद महिला दुकानदार विरोध पर उतर आईं। महिला ने कहा कि प्रशासन बिना किसी पूर्व चेतावनी के गरीब छोटे दुकानदारों को निशाना बना रहा है जबकि काठ मंडी जैसी मार्केट में अतिक्रमण पर कोई उंगली नहीं उठाता। देखते ही देखते नगर परिषद के कर्मचारियों और महिला दुकानदारों के बीच मामूली कहासुनी के बाद टीम लौट आई। काफी देर तक बाजार में हंगामा चलता रहा जिसके बाद कर्मचारियों ने सख्ती दिखाते हुए कुछ दुकानों के बाहर रखा सामान गाड़ी में लादकर जब्त कर लिया।
आधे घंटे में सिमटा अभियान
नगर परिषद की इस कार्रवाई के लिए शहर के नागरिकों और व्यापारियों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि प्रशासन केवल दिखावे के लिए सड़कों पर उतरता है। शाम 4 बजे शुरू हुआ यह अभियान मात्र आधे घंटे के भीतर ही कार्रवाई पूरी की दी गई। अभियान की शुरुआत नगर परिषद के मुख्य कार्यालय के बाहर से शुरू की गई थी जो बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड होते हुए भीमराव आंबेडकर चौक पर पहुंचकर अचानक रोक दिया गया। इसके बाद पूरी टीम वापस गई। स्थानीय निवासियों का कहना है कि महज आधे घंटे की इस कार्रवाई से शहर की यातायात व्यवस्था और अतिक्रमण की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं होने वाला। लोगों ने आरोप लगाया कि यह अभियान सिर्फ फाइलों में अपनी हाजिरी दर्ज कराने और खानापूर्ति करने के लिए चलाया गया था। अगर प्रशासन वाकई गंभीर है तो उसे बिना किसी भेदभाव के पूरे शहर में बड़े स्तर पर और लंबे समय तक कार्रवाई करनी चाहिए।
शहर के अधिकतर बाजार में दुकानदारों ने पहले ही सामान को उठा लिया गया था वहीं कुछ दुकानों के सामने रखे सामान को टीम ने जब्त कर लिया गया है। टीम लगातार पूरे शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाएगी ताकि शहर को जाम मुक्त रखा जा सके। - प्रवीण छिकारा, बिल्डिंग अधिकारी, नगर परिषद

बस स्टैंड रोड पर दुकान के बाहर रखे तख्त को उठाते नगर परिषद के कर्मचारी। संवाद