{"_id":"6a2d99063bd8ba640d0629a5","slug":"municipal-council-teams-are-raising-awareness-among-women-about-cleanliness-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1010-156526-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: नप की टीमें स्वच्छता के प्रति कर रही महिलाओं को जागरूक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: नप की टीमें स्वच्छता के प्रति कर रही महिलाओं को जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 13 Jun 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
महिलाओं को जागरूक करते हुए नप की कर्मचारी।
- फोटो : 1
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चरखी दादरी। नगर परिषद की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम (एसडब्ल्यूएम रूल) 2026 को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए शहर में विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत परिषद की महिला कर्मचारी घर-घर जाकर महिलाओं को कचरे के सही निस्तारण और स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रही हैं। यह अभियान एक सप्ताह तक चलेगा जिसके दौरान शहर के विभिन्न वार्डों में लोगों को नए नियमों की जानकारी दी जाएगी।
अभियान के तहत महिलाओं को घरों में दो अलग-अलग रंग के डिब्बे रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिषद कर्मचारियों को बताया जा रहा है कि लाल रंग का डिब्बा घरेलू हानिकारक एवं सेनिटरी कचरे के लिए और काले रंग का डिब्बा सूखे कचरे के संग्रहण के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से कचरे को अलग करना आसान होगा और उसके वैज्ञानिक निस्तारण में मदद मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
महिला कर्मचारियों ने शहर की महिलाओं को समझाया जा रहा है कि घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि मिश्रित कचरा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और प्रदूषण का कारण बनता है, जबकि अलग-अलग कचरे के संग्रहण से रिसाइक्लिंग और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।
विज्ञापन
महिलाओं का किया जा रहा जागरूक
नगर परिषद की टीम महिलाओं को स्वच्छता का संदेश देते हुए उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित कर रही है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक परिवार कचरे के पृथक्करण के नियमों का पालन करेगा तो शहर को साफ-सुथरा रखने में काफी मदद मिलेगी।
वर्सन:
परिषद की टीमें विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। ईओ दीपक गोयल के आदेश अनुसार शहर की महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। नगर परिषद को उम्मीद है कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर और प्रभावी बन सकेगी।- ज्योति शर्मा, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन।
अभियान के तहत महिलाओं को घरों में दो अलग-अलग रंग के डिब्बे रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। परिषद कर्मचारियों को बताया जा रहा है कि लाल रंग का डिब्बा घरेलू हानिकारक एवं सेनिटरी कचरे के लिए और काले रंग का डिब्बा सूखे कचरे के संग्रहण के लिए उपयोग किया जाएगा। इसके माध्यम से कचरे को अलग करना आसान होगा और उसके वैज्ञानिक निस्तारण में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा
महिला कर्मचारियों ने शहर की महिलाओं को समझाया जा रहा है कि घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग रखने से न केवल शहर की स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा। अभियान के दौरान लोगों को यह भी बताया जा रहा है कि मिश्रित कचरा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और प्रदूषण का कारण बनता है, जबकि अलग-अलग कचरे के संग्रहण से रिसाइक्लिंग और निस्तारण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनती है।
महिलाओं का किया जा रहा जागरूक
नगर परिषद की टीम महिलाओं को स्वच्छता का संदेश देते हुए उन्हें अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित कर रही है। परिषद अधिकारियों का कहना है कि स्वच्छ और स्वस्थ शहर के निर्माण में नागरिकों की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। यदि प्रत्येक परिवार कचरे के पृथक्करण के नियमों का पालन करेगा तो शहर को साफ-सुथरा रखने में काफी मदद मिलेगी।
वर्सन:
परिषद की टीमें विभिन्न कॉलोनियों और मोहल्लों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। ईओ दीपक गोयल के आदेश अनुसार शहर की महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। नगर परिषद को उम्मीद है कि इस अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पहले से अधिक बेहतर और प्रभावी बन सकेगी।- ज्योति शर्मा, इंचार्ज, स्वच्छ भारत मिशन।