{"_id":"69ab32e02606b590d8018992","slug":"open-manholes-along-the-highway-are-causing-accidents-with-stray-animals-falling-in-and-getting-injured-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-152268-2026-03-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: हाईवे के साथ खुला की-मैनहोल बना हादसों का सबब, बेसहारा पशु गिर कर हो रहे हैं घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: हाईवे के साथ खुला की-मैनहोल बना हादसों का सबब, बेसहारा पशु गिर कर हो रहे हैं घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 07 Mar 2026 01:32 AM IST
विज्ञापन
नेशनल हाईवे 334बी के साथ में खुला पड़ा की-मैनहोल।
- फोटो : 1
विज्ञापन
चरखी दादरी। वार्ड-11 स्थित भगवान वाल्मीकि नगर के सामने नेशनल हाईवे 334बी के साथ पिछले सात महीने से खुला पड़ा की-मैनहोल वाहन चालकों व राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। हालात ऐसे बने हैं कि आए दिन बेसहारा पशु इसमें गिरने से घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना हैं कि खुले पड़े की-मैनहोल के कारण पेयजल सप्लाई में भी पहले 10 मिनट तक दूषित पानी पहुंच रहा है। वहीं नेशनल हाईवे साथ में होने से हादसों का अंदेशा भी बना रहता है। लोगों ने जिला प्रशासन से खुले पड़े की-मैनहोल को तुरंत प्रभाव से ठीक करवाने की मांग की है, ताकि समय रहते किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
वार्ड-11 स्थित एनएच 334-बी के समीप सात महीने पहले मरम्मत के नाम पर तोड़े गए की-मैनहोल की सुध नहीं लेने से वार्डवासियों में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी बनी हुई हैं। नेशनल हाईवे नजदीक होने के कारण यहां कई बार बेसहारा पशु गिरकर घायल हो चुके है। वहीं की-मैनहोल में किसी भी राहगीर या वाहन चालक के गिरने की संभावना बनी रहती है। वार्डवासियों का कहना हैं कि की-मैनहोल ठीक करवाने के लिए कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया हैं, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे है।
वार्ड पार्षद विनोद वाल्मीकि ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए वो कई बार विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई से बात कर चुके है, लेकिन अधिकारी उन्हें जल्दी समस्या का समाधान करवाने का नाम लेकर टरका देते हैं। उन्होंने यहां कोई बड़ा हादसा होने से पहले की-मैनहोल ठीक करवाने की मांग की हैं।
घरों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी
स्थानीय निवासी राजेश कुमार, सुनील कुमार, प्रदीप, रजनीश कुमार, बाबूलाल, परमानंद आदि ने बताया कि पेयजल सप्लाई के दौरान पहले 10 मिनट लगातार दूषित पानी आता है। इसके बाद धीरे-धीरे साफ पानी की सप्लाई शुरू होती है। जिसके कारण घरों में पर्याप्त पेयजल का भंडारण नहीं हो पाता है। स्थानीय लोग पानी संबंधी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए टैंकर मंगवाने को मजबूर होते हैं।
बना रहता है हादसों का अंदेशा
बता दें कि नेशनल हाईवे 334बी से हर रोज हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। इसके अलावा दोनों तरफ रिहायशी कॉलोनी होने के कारण भी लोगों का आवागमन लगा रहता है। मुख्य सड़क के साथ बना गहरा गड्ढा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
वर्जन :
फिलहाल श्रमिक होली के पर्व पर अपने घर गए हुए हैं। श्रमिक आने के बाद प्राथमिकता से की-मैनहोल को ठीक करवाया जाएगा। इसके बाद लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। - धीरेंद्र सिंह, जेई जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।
Trending Videos
वार्ड-11 स्थित एनएच 334-बी के समीप सात महीने पहले मरम्मत के नाम पर तोड़े गए की-मैनहोल की सुध नहीं लेने से वार्डवासियों में विभाग के प्रति गहरी नाराजगी बनी हुई हैं। नेशनल हाईवे नजदीक होने के कारण यहां कई बार बेसहारा पशु गिरकर घायल हो चुके है। वहीं की-मैनहोल में किसी भी राहगीर या वाहन चालक के गिरने की संभावना बनी रहती है। वार्डवासियों का कहना हैं कि की-मैनहोल ठीक करवाने के लिए कई बार जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत करवाया गया हैं, लेकिन लंबा समय गुजर जाने के बाद भी जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी समस्या का समाधान नहीं कर रहे है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वार्ड पार्षद विनोद वाल्मीकि ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए वो कई बार विभाग के एक्सईएन, एसडीओ और जेई से बात कर चुके है, लेकिन अधिकारी उन्हें जल्दी समस्या का समाधान करवाने का नाम लेकर टरका देते हैं। उन्होंने यहां कोई बड़ा हादसा होने से पहले की-मैनहोल ठीक करवाने की मांग की हैं।
घरों में सप्लाई हो रहा दूषित पानी
स्थानीय निवासी राजेश कुमार, सुनील कुमार, प्रदीप, रजनीश कुमार, बाबूलाल, परमानंद आदि ने बताया कि पेयजल सप्लाई के दौरान पहले 10 मिनट लगातार दूषित पानी आता है। इसके बाद धीरे-धीरे साफ पानी की सप्लाई शुरू होती है। जिसके कारण घरों में पर्याप्त पेयजल का भंडारण नहीं हो पाता है। स्थानीय लोग पानी संबंधी घरेलू जरूरतें पूरी करने के लिए टैंकर मंगवाने को मजबूर होते हैं।
बना रहता है हादसों का अंदेशा
बता दें कि नेशनल हाईवे 334बी से हर रोज हजारों की संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। इसके अलावा दोनों तरफ रिहायशी कॉलोनी होने के कारण भी लोगों का आवागमन लगा रहता है। मुख्य सड़क के साथ बना गहरा गड्ढा कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
वर्जन :
फिलहाल श्रमिक होली के पर्व पर अपने घर गए हुए हैं। श्रमिक आने के बाद प्राथमिकता से की-मैनहोल को ठीक करवाया जाएगा। इसके बाद लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। - धीरेंद्र सिंह, जेई जनस्वास्थ्य विभाग, दादरी।