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Charkhi Dadri News: फाग पर्व पर जिले में 32 लाख लीटर पानी की होगी अतिरिक्त खपत, विभाग नहीं करेगा अतिरिक्त आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:30 AM IST
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दादरी की चंपापुरी कॉलोनी स्थित जलघर में बना टैंक।
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चरखी दादरी। फाग पर्व पर दादरी जिले में 32 लाख लीटर पानी की अतिरिक्त खपत होगी। विभाग अलग से पेयजल की सप्लाई नहीं करेगा। फाग के दिन एक-दूसरे पर पानी डालकर होली खेली जाती है। विभाग ने लोगों से पानी की एक-एक बूंद बचाने की अपील की है। जिले में करीब 1.50 लाख पेयजल उपभोक्ता हैं। 60 से ज्यादा जलघरों से घरों में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इस समय जिले के जलघरों में पानी का अभाव बना हुआ है। गांवों में तो दो से तीन दिन में पानी की सप्लाई करनी पड़ रही है। शहर में बोरिंग ट्यूबवेल का पानी मिलाकर सप्लाई किया जा रहा है। नगर में एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई की जा रही है।
फाग पर्व पर पानी की खपत ज्यादा होती है। पुरुष महिलाओं पर पानी डालते हैं और महिलाएं उन्हें रस्सी का कोरड़ा मारती हैं। ऐसे में पानी की खपत आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा होती है। मंगलवार से ही होली खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को दिनभर फाग उत्सव रहेगा। जिले में पेयजल का संकट वैसे ही बना रहता है।
पुराने समय में तो फाग के दिन महिलाएं सिर पर पानी लाकर कढ़ाई में डालती थी। महिलाएं जोहड़ से पानी लाती थी, उस पानी से ही फाग खेला जाता था। आजकल तो जोहड़ों में गुणवत्तापरक पानी नहीं है। जोहड़ों मेंं गांवों का दूषित पानी भर रहा है। ऐसे में केवल जलघरों पर ही पानी की आपूर्ति निर्भर है। जलघर नहरों से भरे जाते हैं। नहरी पानी का वैसे ही संकट बना रहता है। 24 दिन में नहरी पानी मिलता है, उससे पहले ही जलघरों का पानी खत्म हो जाता है।
ऐसे में बुधवार को फाग पर्व पर जिले में 32 लाख लीटर पानी की अतिरिक्त खपत होने का अनुमान है। विभाग की ओर से अलग से कोई सप्लाई नहीं की जाएगी। विभाग अधिकारियों ने आमजन से पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील की है। प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है।
फाग के दिन पानी की अतिरिक्त सप्लाई नहीं की जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे पानी की बर्बादी न करें। प्राकृतिक रंगों से होली खेलें।
-कनिष्ठ अभियंता, धीरेंद्र सांगवान, जन स्वास्थ्य विभाग, दादरी।
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फाग पर्व पर पानी की खपत ज्यादा होती है। पुरुष महिलाओं पर पानी डालते हैं और महिलाएं उन्हें रस्सी का कोरड़ा मारती हैं। ऐसे में पानी की खपत आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा होती है। मंगलवार से ही होली खेलने का सिलसिला शुरू हो गया। बुधवार को दिनभर फाग उत्सव रहेगा। जिले में पेयजल का संकट वैसे ही बना रहता है।
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पुराने समय में तो फाग के दिन महिलाएं सिर पर पानी लाकर कढ़ाई में डालती थी। महिलाएं जोहड़ से पानी लाती थी, उस पानी से ही फाग खेला जाता था। आजकल तो जोहड़ों में गुणवत्तापरक पानी नहीं है। जोहड़ों मेंं गांवों का दूषित पानी भर रहा है। ऐसे में केवल जलघरों पर ही पानी की आपूर्ति निर्भर है। जलघर नहरों से भरे जाते हैं। नहरी पानी का वैसे ही संकट बना रहता है। 24 दिन में नहरी पानी मिलता है, उससे पहले ही जलघरों का पानी खत्म हो जाता है।
ऐसे में बुधवार को फाग पर्व पर जिले में 32 लाख लीटर पानी की अतिरिक्त खपत होने का अनुमान है। विभाग की ओर से अलग से कोई सप्लाई नहीं की जाएगी। विभाग अधिकारियों ने आमजन से पानी की बर्बादी नहीं करने की अपील की है। प्राकृतिक रंगों से होली खेलने की अपील की है।
फाग के दिन पानी की अतिरिक्त सप्लाई नहीं की जाएगी। लोगों को चाहिए कि वे पानी की बर्बादी न करें। प्राकृतिक रंगों से होली खेलें।
-कनिष्ठ अभियंता, धीरेंद्र सांगवान, जन स्वास्थ्य विभाग, दादरी।