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Charkhi Dadri News: हिंदू सम्मेलन में पंच परिवर्तन पर साझा किए विचार
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 04 Mar 2026 12:37 AM IST
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हिंदू सम्मेलन में विचार रखते हुए विभाग प्रचारक जितेंद्र व मंच पर मौजूद अन्य वक्ता।
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चरखी दादरी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूरा होने पर समस्त हिंदू समाज के बैनर तले मंगलवार को स्थानीय काठ मंडी स्थित गीता भवन में साधु-संतों की उपस्थिति में केशव बस्ती का भव्य हिन्दू सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केशव बस्ती से काफी संख्या में महिलाओं, पुरुषों व धार्मिक संगठनों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।
प्रवक्ता पवन सर्राफ ने बताया कि कार्यक्रम यज्ञ के साथ शुरू हुआ। इसके बाद मां भारती की प्रतिमा के समक्ष अतिथियों ने ज्योति प्रज्वलित की। सम्मेलन में समाज में पंच परिवर्तन पर जोर दिया गया और हिंदू समाज को जोड़ने के लिए विचार साझा किए गए।
सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी कैलाश रिटोलिया ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभाग प्रचारक जितेन्द्र का मार्गदर्शन रहा। विभाग प्रचारक जितेंद्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ ने अपने स्थापना काल से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है।
संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसने समाज को संगठित करने का कार्य किया है। उन्होंने संघ द्वारा प्रस्तावित पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का भाव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इन परिवर्तनों को अपनाना समाज और राष्ट्र दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन में कृष्ण प्रणामी मंदिर से साध्वी कौशल, साध्वी प्रीति ने अपने आशीर्वचन में कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को जागृत करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र, धर्म और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें और सकारात्मक भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी प्रियंका ने स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर जाति रहित समाज निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने हिन्दू समाज की एकता, संगठन और जागरूकता के साथ साथ स्वदेशी, अच्छे संस्कार,परिवारों को संस्कारित करने पर भी बल दिया। सम्मेलन में बाबू जीतराम, प्रो. यशवीर, चुन्नी लाल बंसल, सतीश बजाज, संदीप छपारिया, रंजीत चौहान, विजय बिसलवासिया, विष्णु गोयल, पवन सर्राफ, रितू गोयल आदि भी मौजूद रहे।
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प्रवक्ता पवन सर्राफ ने बताया कि कार्यक्रम यज्ञ के साथ शुरू हुआ। इसके बाद मां भारती की प्रतिमा के समक्ष अतिथियों ने ज्योति प्रज्वलित की। सम्मेलन में समाज में पंच परिवर्तन पर जोर दिया गया और हिंदू समाज को जोड़ने के लिए विचार साझा किए गए।
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सम्मेलन की अध्यक्षता समाजसेवी कैलाश रिटोलिया ने की। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में विभाग प्रचारक जितेन्द्र का मार्गदर्शन रहा। विभाग प्रचारक जितेंद्र ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ ने अपने स्थापना काल से लेकर आज तक राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, सेवा कार्य और सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया है।
संघ केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसने समाज को संगठित करने का कार्य किया है। उन्होंने संघ द्वारा प्रस्तावित पंच परिवर्तन सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों का संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी का भाव और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में इन परिवर्तनों को अपनाना समाज और राष्ट्र दोनों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन में कृष्ण प्रणामी मंदिर से साध्वी कौशल, साध्वी प्रीति ने अपने आशीर्वचन में कहा कि ऐसे सम्मेलन समाज को जागृत करने और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र, धर्म और समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझें और सकारात्मक भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी प्रियंका ने स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट होकर जाति रहित समाज निर्माण पर जोर दिया। उन्होंने हिन्दू समाज की एकता, संगठन और जागरूकता के साथ साथ स्वदेशी, अच्छे संस्कार,परिवारों को संस्कारित करने पर भी बल दिया। सम्मेलन में बाबू जीतराम, प्रो. यशवीर, चुन्नी लाल बंसल, सतीश बजाज, संदीप छपारिया, रंजीत चौहान, विजय बिसलवासिया, विष्णु गोयल, पवन सर्राफ, रितू गोयल आदि भी मौजूद रहे।