सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Demands for implementation of old cabinet decision intensify in Haryana

Haryana: मंत्रीमंडल के पुराने फैसले को लागू करने की मांग तेज, लिपिकों का वेतन 35,400 रुपये करने पर अड़ा HMSA

अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Naveen Updated Sun, 01 Mar 2026 10:03 AM IST
विज्ञापन
सार

हरियाणा सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें आंशिक रूप से लागू की हैं, जैसे महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी, लेकिन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के पदों के मूल वेतनमान में लंबित मांग अभी अनसुलझी है।

Demands for implementation of old cabinet decision intensify in Haryana
सीएम नायब सिंह सैनी - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार

हरियाणा के विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों, नगर निगमों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने एक बार फिर 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। हरियाना मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो राज्यव्यापी तीखा आंदोलन छेड़ दिया जाएगा।

Trending Videos


संगठन के प्रदेशाध्यक्ष हितेंद्र सिहाग, महासचिव जगमिंदर सिंह और महिला सब कमेटी संयोजक मुकेश खरब ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि भाजपा के 2014 के चुनावी संकल्प पत्र और 25 अगस्त 2014 के हरियाणा कैबिनेट के निर्णय के अनुसार लिपिक मूल वेतन 35,400 रुपये, सीनियर डाटा एंट्री ऑपरेटर का 39,900 रुपये, सहायक और स्टेनोग्राफर का 44,900 रुपये, उपाधीक्षक का 47,600 रुपये तथा अधीक्षक का 56,100 रुपये निर्धारित होना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से कर्मचारियों को उनके वैधानिक हक से वंचित रखा जा रहा है, जबकि विधायकों और जनप्रतिनिधियों के वेतन एवं भत्तों में कई बार बढ़ोतरी हो चुकी है। बढ़ती महंगाई के इस दौर में कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति बद से बदतर हो गई है और परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने ही मंत्रीमंडल के फैसले को लागू नहीं कर रही, जो कर्मचारियों के साथ अन्याय है।

संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन अनिवार्य हो जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में भी क्लर्क एसोसिएशन और मिनिस्ट्रीयल स्टाफ ने इसी मांग को लेकर हड़तालें और प्रदर्शन किए हैं, जिसमें मूल वेतन को 19,900 से बढ़ाकर 35,400 करने की मांग प्रमुख रही है। कर्मचारी संगठन इसे 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल-6 के अनुरूप मानते हैं।

हरियाणा सरकार ने 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें आंशिक रूप से लागू की हैं, जैसे महंगाई भत्ता (डीए) में बढ़ोतरी, लेकिन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ के पदों के मूल वेतनमान में लंबित मांग अभी अनसुलझी है। संगठन ने मांग की है कि पुराने कैबिनेट निर्णय को तुरंत लागू किया जाए ताकि कर्मचारियों को न्याय मिल सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed