सब्सक्राइब करें

चेहरे पर हल्की मुस्कान: सफेद कुर्ता-पायजामा व ब्रांडेड शूज पहनकर जेल से बाहर आया रामपाल, संतरी ने किया प्रणाम

माई सिटी रिपोर्टर, हिसार (हरियाणा) Published by: Naveen Updated Sat, 11 Apr 2026 09:16 AM IST
सार

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे।

विज्ञापन
Dressed in a white kurta-pajama and branded shoes, Rampal walked out of jail; the sentry offered a salute
सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला

बदन पर सफेद कुर्ता-पायजामा, पैरों में ब्रांडेड शूज और चेहरे पर हल्की मुस्कान लिए सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल ने देशद्रोह मामले में शुक्रवार को 11 साल 5 महीने बाद जेल से बाहर कदम रखा। एहतियात के तौर पर पुलिस ने जेल के आसपास कड़े सुरक्षा प्रबंध किए। इस वजह से ज्यादा लोग नहीं जुटे। कुछ लोग आए थे जो रोड के दोनों और व्यवस्थित तरीके से खड़े रहे और दूर से ही रामपाल को प्रणाम किया।



जेल से बाहर आने के तीन मिनट में रामपाल लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ सोनीपत के लिए रवाना हो गया। शाम पांच बजकर 5 मिनट पर जैसे ही रामपाल जेल से बाहर आया गेट पर तैनात संतरी ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया। इससे पहले सुबह करीब 10 बजे केस नंबर 428 में रामपाल की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी हुई। छह पुलिसकर्मियों और एक तहसीलदार की गवाही दर्ज की गई। अदालत ने सुनवाई अगली तारीख 16 मई तय की है।

दोपहर में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की अदालत में जमानती बॉन्ड भरवाने की प्रक्रिया शुरू हुई। रामपाल की ओर से मिर्जापुर निवासी धर्मपाल और सतबीर बतौर जमानती अदालत में पेश हुए। वरिष्ठ अधिवक्ता महेंद्र सिंह नैन और सचिन दास की मौजूदगी में शाम करीब 4:30 बजे तक बेल बॉन्ड संंबधी औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद हाईकोर्ट से मिली जमानत आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। रिहाई से पहले जेल परिसर में ही रामपाल के साथ बंद अनुयायी बबीता और मनोज के भी बेल बॉन्ड जमा करवाए गए।

Trending Videos
Dressed in a white kurta-pajama and branded shoes, Rampal walked out of jail; the sentry offered a salute
सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सतलोक आश्रम प्रमुख रामपाल 11 साल 4 माह 24 दिन बाद शुक्रवार को मुस्कराते हुए जेल से बाहर निकला। परिवार के लोग उसे लेने गाड़ियों के काफिले के साथ हिसार सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। शाम 5 बजकर 5 मिनट पर जेल से बाहर आते ही रामपाल सफेद रंग की फॉर्च्यूनर गाड़ी में सवार होकर सोनीपत स्थित पैतृक गांव धनाना रवाना हो गया। देशद्रोह के मामले में जेल में बंद रामपाल को हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल को सशर्त जमानत दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
Dressed in a white kurta-pajama and branded shoes, Rampal walked out of jail; the sentry offered a salute
जेल से बाहर आए सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला

रामपाल को लेने के लिए दोपहर बाद 3.10 बजे परिजन वकीलों के साथ सेंट्रल जेल 2 पहुंचे। वकील सचिन दास व एमएस नैन ने देशद्रोह और हत्या के मामले में एक-एक लाख रुपये के बेल बॉन्ड की प्रति और जमानत के आदेश की कॉपी जेल प्रशासन को सौंपी। करीब पौने दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद रामपाल जेल से बाहर आया और मुख्य गेट के पास ही खड़ी गाड़ी में सवार हो गया। इसके बाद गाड़ियों का काफिला सोनीपत के लिए रवाना हो गया। काफिले में डिफेंडर, फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल रहीं। हरियाणा पुलिस की एक गाड़ी काफिले को एस्कॉर्ट कर रही थी।

Dressed in a white kurta-pajama and branded shoes, Rampal walked out of jail; the sentry offered a salute
सतपाल महाराज के स्वागत में पहुंचे ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
हमें न्याय मिला, अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी
जेल परिसर के बाहर रामपाल के भतीजे युद्धवीर ने बताया कि हमें बहुत लंबे समय बाद न्याय मिला है। धनाना से एक किलोमीटर पहले रामपाल का भव्य स्वागत किया जाएगा। उनका जेल से बाहर आना लाखों अनुयायियों के लिए दिवाली जैसी खुशी है।
 
विज्ञापन
Dressed in a white kurta-pajama and branded shoes, Rampal walked out of jail; the sentry offered a salute
रामपाल को जमानत - फोटो : फाइल

जेल के बाहर नियंत्रण में रही स्थिति
रामपाल के जेल से बाहर आने के समय ज्यादा भीड़ नहीं जुटी। इस वजह से कानून व्यवस्था नियंत्रण में रही। मीडिया और यूट्यूबर्स का भारी जमावड़ा रहा। सड़क के दोनों और खड़े लोग गाड़ी में सवार रामपाल को हाथ जोड़कर नमस्कार कर रहे थे। कुछ ने जयकारे भी लगाए। रामपाल भी इनका अभिवादन करते दिखे।

सतलोक आश्रम में हिंसा में मारे गए थे छह लोग
12 जुलाई 2006 को रोहतक के करोंथा गांव स्थित रामपाल के आश्रम में आर्य समाजियों के साथ हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इस मामले में अप्रैल 2008 में जमानत मिलने के बाद रामपाल बरवाला के सतलोक आश्रम में शिफ्ट हो गया। इसी मामले में जुलाई 2014 में रामपाल को हिसार की अदालत में पेश होना था। इस दौरान उसके समर्थकों और वकीलों में टकराव हो गया। अदालत ने रामपाल को हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए। पेश नहीं होने पर पुलिस को गिरफ्तारी के आदेश दिए। नवंबर 2014 में पुलिस ने आश्रम की घेराबंदी की। इस दौरान 14 दिन तक गतिरोध बना रहा। रामपाल आश्रम के अंदर महिलाओं, बच्चों और निजी सुरक्षाकर्मियों के घेरे में छिपा रहा। 18 नवंबर को पुलिस आश्रम में घुसी तो भारी बवाल हुआ। इसमें छह लोगों की मौत हो गई। 19 नवंबर 2014 को पुलिस ने रामपाल को गिरफ्तार किया और देशद्रोह सहित 14 मामले दर्ज किए। इनमें से 11 में अदालत बरी कर चुकी है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed