हरियाणा में डॉक्टरों का धरना: करनाल में पुलिस ने की थी मारपीट, पंचकूला में सिविल अस्पताल में ओपीडी आंशिक बंद
बहादुरगढ़ में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
विस्तार
हरियाणा के करनाल में घरौंडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक सरकारी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में पंचकूला के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने भी आंदोलन शुरू कर दिया है। डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर ओपीडी सेवाएं आंशिक रूप से बंद कर रखी हैं और धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा की है और प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना का विवरण
करनाल के घरौंडा में होली के दिन एक शराबी व्यक्ति द्वारा बदसलूकी के बाद डॉक्टर प्रशांत चौहान ने 112 पर दो बार कॉल किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार से फोन पर बात की, तो कथित तौर पर एसएचओ ने गाली-गलौज की और बाद में अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर को कई थप्पड़ मारे, कॉलर पकड़कर धक्का दिया और जबरन वाहन में बैठाकर थाने ले गए। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिसमें मारपीट के दृश्य साफ दिख रहे हैं।
इस घटना के बाद हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के बैनर तले करनाल जिले में डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की, जिसमें ओपीडी, इमरजेंसी, लेबोरेटरी, प्रसूति और पोस्टमार्टम सेवाएं भी प्रभावित हुईं। एसएचओ दीपक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू हो गई है, लेकिन डॉक्टर एफआईआर दर्ज करने और शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर अड़े हैं।
सोनीपत में भी दिखा हड़ताल के असर
सोनीपत के नागरिक अस्पताल सहित जिले के सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों ने धरना और हड़ताल शुरू कर दी है। जिले में तैनात 135 से अधिक चिकित्सकों ने ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद कर धरने पर बैठ गए हैं, जिससे हजारों मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बहादुरगढ़ में डॉक्टरों ने घटना की निंदा करते हुए सुरक्षा की मांग उठाई
बहादुरगढ़ में सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं बंद रखी गई, जिससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डॉक्टरों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के साथ इस तरह की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जो बेहद चिंताजनक है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) की जिला प्रधान आकृति हुड्डा ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
हड़ताल के कारण अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रखी गई। सामान्य मरीजों को ओपीडी बंद होने की वजह से इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा। उनका कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।