{"_id":"6a5bbedb40d5b6683509838f","slug":"a-caretakers-health-deteriorated-after-drinking-water-three-lizards-were-found-dead-in-the-water-cooler-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-157576-2026-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: पानी पीते ही तीमारदार की बिगड़ी तबीयत, वाटर कूलर में मरी मिलीं तीन छिपकलियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: पानी पीते ही तीमारदार की बिगड़ी तबीयत, वाटर कूलर में मरी मिलीं तीन छिपकलियां
Sat, 18 Jul 2026 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 18 Jul 2026 11:33 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में पानी की टंकी में छिपकली स्त्रोत सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में शनिवार को जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक के बाहर लगे वाटर कूलर का पानी पीने से तीमारदार की तबीयत बिगड़ गई। तीमारदार ने शक होने पर वाटर कूलर की टंकी की जांच की तो उसमें तीन मरी हुई छिपकलियां मिलीं। इस पर युवक ने हंगामा कर दिया और अस्पताल प्रशासन को घटना की जानकारी दी।
वहीं इस मामले की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की है। जिसमें टंकी में मरी हुई छिपकली नजर आ रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टंकी का ढक्कन खुला होने के कारण छिपकली गई है। नशेड़ी टंकी खोल देते हैं जिससे छिपकली अंदर गई है। वहीं इस घटना से अस्पताल में पीने के पानी के लिए लगाए गए वाटर कूलरों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टंकियों पर ताले लगवाए जाएंगे। गांव हिजरावां खुर्द निवासी रिंकू ने बताया कि शनिवार दोपहर को वह अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए अस्पताल में आया था। शिशु को टीका लगाने के बाद उसे 20 मिनट रुकने के लिए कहा गया। इसी दौरान उसे प्यास लगी तो वह जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक के साथ लगे वाटर कूलर पर गया और पानी पिया।
विज्ञापन
पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ गई और उल्टी आने लगी। रिंकू के अनुसार पानी में से बदबू भी आ रही थी। इस पर उसने वाटर कूलर की टंकी खोलकर जांच की तो उसमें तीन मरीं छिपकली मिलीं। इस पर उसने मौके पर ही नर्सिंग ऑफिसर को बुलाया और टंकी दिखाई। तबीयत खराब होने पर उसने अस्पताल से दवाई ली। अस्पताल प्रशासन को भी इस बारे में अवगत करवाया ताकि किसी की जान खतरे में न पड़े।
वाटर कूलरों पर नहीं लगे हैं ताले नागरिक अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए प्रशासन ने वाटर कूलर लगवाए हैं। हालात ये हैं कि इनकी टंकी के ढक्कनों को कोई भी आसानी से खोल सकता है। अस्पताल प्रशासन खुद मान रहा है कि ढक्कन खुला रहने के कारण छिपकली गई है।
-- -- -- -- -- -- -
मामला संज्ञान में आया है। वाटर कूलर के ढक्कन को नशेड़ी युवक खोल देते हैं। पहले कई बार प्लंबर ठीक कर चुके हैं। ढक्कन पर ताला लगवाया जाएगा। पानी की टंकियों को समय-समय पर साफ करवाया जाता है।
डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
वहीं इस मामले की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की है। जिसमें टंकी में मरी हुई छिपकली नजर आ रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टंकी का ढक्कन खुला होने के कारण छिपकली गई है। नशेड़ी टंकी खोल देते हैं जिससे छिपकली अंदर गई है। वहीं इस घटना से अस्पताल में पीने के पानी के लिए लगाए गए वाटर कूलरों की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि टंकियों पर ताले लगवाए जाएंगे। गांव हिजरावां खुर्द निवासी रिंकू ने बताया कि शनिवार दोपहर को वह अपने बच्चे को टीका लगवाने के लिए अस्पताल में आया था। शिशु को टीका लगाने के बाद उसे 20 मिनट रुकने के लिए कहा गया। इसी दौरान उसे प्यास लगी तो वह जच्चा-बच्चा ओपीडी ब्लॉक के साथ लगे वाटर कूलर पर गया और पानी पिया।
विज्ञापन
पानी पीने के बाद तबीयत बिगड़ गई और उल्टी आने लगी। रिंकू के अनुसार पानी में से बदबू भी आ रही थी। इस पर उसने वाटर कूलर की टंकी खोलकर जांच की तो उसमें तीन मरीं छिपकली मिलीं। इस पर उसने मौके पर ही नर्सिंग ऑफिसर को बुलाया और टंकी दिखाई। तबीयत खराब होने पर उसने अस्पताल से दवाई ली। अस्पताल प्रशासन को भी इस बारे में अवगत करवाया ताकि किसी की जान खतरे में न पड़े।
वाटर कूलरों पर नहीं लगे हैं ताले नागरिक अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के लिए प्रशासन ने वाटर कूलर लगवाए हैं। हालात ये हैं कि इनकी टंकी के ढक्कनों को कोई भी आसानी से खोल सकता है। अस्पताल प्रशासन खुद मान रहा है कि ढक्कन खुला रहने के कारण छिपकली गई है।
मामला संज्ञान में आया है। वाटर कूलर के ढक्कन को नशेड़ी युवक खोल देते हैं। पहले कई बार प्लंबर ठीक कर चुके हैं। ढक्कन पर ताला लगवाया जाएगा। पानी की टंकियों को समय-समय पर साफ करवाया जाता है।
डॉ. सुभाष, एसएमओ, नागरिक अस्पताल