{"_id":"69c17b2942b09a024705a559","slug":"childrens-lungs-are-weakening-56-found-suffering-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-150698-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बच्चों के फेफड़े हो रहे कमजोर, 56 मिले पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बच्चों के फेफड़े हो रहे कमजोर, 56 मिले पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 23 Mar 2026 11:10 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद में टीबी बीमारी को लेकर एक्सरे करते हुए कर्मचारी स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
फतेहाबाद। टीबी बच्चों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। इससे उनके फेफड़े कमजोर हो रहे हैं। अब तक 56 बच्चे इससे ग्रसित मिल चुके हैं। वहीं टीबी मरीजों में एचआईवी और डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा तेजी से सामने आ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मिलने पर मरीजों की एचआईवी और डायबिटीज जांच अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही डायबिटीज और एचआईवी से पीड़ित लोगों की भी टीबी जांच की जा रही है ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार जिले में 96.1 प्रतिशत टीबी मरीजों का डायबिटीज स्टेटस जांचा गया जिनमें 255 मरीज दोनों बीमारियों से ग्रसित पाए गए।
वहीं 98.6 प्रतिशत मरीजों का एचआईवी स्टेटस भी पता किया गया जिनमें 26 मरीज सह-संक्रमण के शिकार मिले। पिछले वर्ष जनवरी से दिसंबर तक 3,03,851 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 56,346 लोगों की जांच हुई और 2,019 मामलों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 2,304 मरीजों का उपचार शुरू किया गया।
-
बच्चे भी टीबी की चपेट में
टीबी की चपेट में अब बच्चे भी आ रहे हैं। टीबी बीमारी बच्चों के फेफड़े कमजोर कर रही है। हर साल जांच के दौरान जिले में दो से तीन फीसदी बच्चे टीबी संक्रमित मिल रहे हैं। हालांकि समय पर उपचार लेने से टीबी बीमारी पर जीत भी हासिल कर रहे हैं। वजह यह है कि टीबी मरीज का संपर्क बच्चों पर असर डाल रहा है और वे वायरस की चपेट में आ रहे हैं। पिछले साल 56 बच्चे टीबी ग्रस्त मिले हैं। वर्ष 2024 में ये आंकड़ा 72 था।
-
टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढऩे के साथ बढ़ना
- थकावट होना
- वजन कम होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
-- -- --
116 ग्राम पंचायतें हो चुकी टीबी मुक्त घोषित
जिले की 116 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। इनमें 18 ग्राम पंचायतों को लगातार तीसरी बार सम्मान मिलेगा। इन्हें विभाग राष्ट्रपिता की स्वर्ण रंग प्रतिमा देकर सम्मानित करेगा। 40 पंचायतें ऐसी हैं जिन्हें दूसरी और 58 को पहली बार सम्मानित किया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए बजट का इंतजार है।
-
वर्ष 2025 में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
टीबी को लेकर लोगों की हुई स्क्रीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
-
पहले साल 35 पंचायतें हुईं थी सम्मानित
वर्ष कांस्य प्रतिमा रजत स्वर्ण
2023 35 0 0
2024 62 22 0
2025 58 40 18
-
टीबी बीमारी के प्रति जागरूक होना जरूरी है। ये किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकती है। अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो टीबी की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को खानपान अच्छा रखना चाहिए और अगर लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं। पूरा उपचार लेना जरूरी होता है अगर बीच में छोड़ते है तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ
Trending Videos
स्वास्थ्य विभाग ने टीबी मिलने पर मरीजों की एचआईवी और डायबिटीज जांच अनिवार्य कर दी है। इसके साथ ही डायबिटीज और एचआईवी से पीड़ित लोगों की भी टीबी जांच की जा रही है ताकि समय रहते उपचार शुरू हो सके। वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार जिले में 96.1 प्रतिशत टीबी मरीजों का डायबिटीज स्टेटस जांचा गया जिनमें 255 मरीज दोनों बीमारियों से ग्रसित पाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं 98.6 प्रतिशत मरीजों का एचआईवी स्टेटस भी पता किया गया जिनमें 26 मरीज सह-संक्रमण के शिकार मिले। पिछले वर्ष जनवरी से दिसंबर तक 3,03,851 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इनमें 56,346 लोगों की जांच हुई और 2,019 मामलों की पुष्टि हुई। इसी अवधि में 2,304 मरीजों का उपचार शुरू किया गया।
-
बच्चे भी टीबी की चपेट में
टीबी की चपेट में अब बच्चे भी आ रहे हैं। टीबी बीमारी बच्चों के फेफड़े कमजोर कर रही है। हर साल जांच के दौरान जिले में दो से तीन फीसदी बच्चे टीबी संक्रमित मिल रहे हैं। हालांकि समय पर उपचार लेने से टीबी बीमारी पर जीत भी हासिल कर रहे हैं। वजह यह है कि टीबी मरीज का संपर्क बच्चों पर असर डाल रहा है और वे वायरस की चपेट में आ रहे हैं। पिछले साल 56 बच्चे टीबी ग्रस्त मिले हैं। वर्ष 2024 में ये आंकड़ा 72 था।
-
टीबी बीमारी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी रहना
- रात को सोते समय पसीना आना, ठंड में भी पसीना आना
- बुखार आना, संक्रमण बढऩे के साथ बढ़ना
- थकावट होना
- वजन कम होना
-सांस लेने में दिक्कत होना
116 ग्राम पंचायतें हो चुकी टीबी मुक्त घोषित
जिले की 116 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। इनमें 18 ग्राम पंचायतों को लगातार तीसरी बार सम्मान मिलेगा। इन्हें विभाग राष्ट्रपिता की स्वर्ण रंग प्रतिमा देकर सम्मानित करेगा। 40 पंचायतें ऐसी हैं जिन्हें दूसरी और 58 को पहली बार सम्मानित किया जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए बजट का इंतजार है।
-
वर्ष 2025 में टीबी को लेकर ये रही है स्थिति
टीबी को लेकर लोगों की हुई स्क्रीनिंग - 303851
जांच के दौरान मिले पॉजिटिव - 2019
0 से 14 साल के बच्चों में मिली टीबी - 56
-
पहले साल 35 पंचायतें हुईं थी सम्मानित
वर्ष कांस्य प्रतिमा रजत स्वर्ण
2023 35 0 0
2024 62 22 0
2025 58 40 18
-
टीबी बीमारी के प्रति जागरूक होना जरूरी है। ये किसी भी उम्र में और किसी को भी हो सकती है। अगर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो टीबी की चपेट में आ सकते हैं। लोगों को खानपान अच्छा रखना चाहिए और अगर लक्षण हैं तो जांच जरूर करवाएं। पूरा उपचार लेना जरूरी होता है अगर बीच में छोड़ते है तो स्थिति खतरनाक हो सकती है।
-डॉ. मनीष टुटेजा, टीबी रोग विशेषज्ञ