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किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें : सुनीता
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:18 AM IST
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फतेहाबाद। जिला पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और नशा मुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर सेल की ओर से गांव भट्टू खुर्द में विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों को साइबर सुरक्षा और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी गई।
थाना साइबर सेल में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक सुनीता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक और ऑनलाइन ठगी के जरिए साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस टीम ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक से संबंधित विवरण या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बच्चों को बताया गया कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराने की आवश्यकता नहीं है और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने उन्हें नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्या बनता है।
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थाना साइबर सेल में तैनात महिला सहायक उपनिरीक्षक सुनीता के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान बच्चों को साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक और ऑनलाइन ठगी के जरिए साइबर अपराधी लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। पुलिस टीम ने बच्चों को जागरूक करते हुए कहा कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक से संबंधित विवरण या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
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इसके अलावा डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई, जिसमें ठग खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बच्चों को बताया गया कि ऐसे किसी भी कॉल से घबराने की आवश्यकता नहीं है और तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस टीम ने उन्हें नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्या बनता है।
