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Fatehabad News: पीएम किसान निधि के लाभार्थियों के कटे बीपीएल कार्ड, पेंशन पर लटकी तलवार
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 01 Feb 2026 01:26 AM IST
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फतेहाबाद लघु सचिवालय में स्थित क्रीड विभाग में पेंशन संबंधित जानकारी लेने पहुंचे नागरिक।
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फतेहाबाद। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी योजनाओं में किए जा रहे बदलाव ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पीएम किसान सम्मान निधि योजना से लाभार्थियों की बुढ़ापा पेंशन व बीएल कार्ड कटने शुरू हो गए हैं। नागरिकों के बीपीएल राशन कार्ड और बुढ़ापा पेंशन अचानक बंद कर दी गई है। इसको लेकर लोग क्रीड विभाग और समाज कल्याण विभाग के चक्कर लगा रहे हैं।
नियमों में किए गए बदलाव के अनुसार, क्रीड विभाग ने भू-अभिलेखों को परिवार पहचान पत्र और आधार से लिंक कर दिया है। पोर्टल पर हुई इस मैपिंग के बाद कई लाभार्थी, जो गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में राशन ले रहे थे, व बुढ़ापा पेंशन ले रहे थे अब इन परिवारों की ये सुविधाएं बंद होनी शुरू हो गई है। वहीं जिस नागरिक के पास कृषि योग्य भूमि है और पीएम किसान निधि का लाभ मिल रहा है उनके भी बीपीएल कार्ड कटने शुरू हो गए हैं।
क्रीड विभाग में उमड़ी भीड़, नागरिक परेशान
सुविधाएं अचानक बंद होने से क्रीड विभाग और नागरिक सुविधा केंद्रों पर भीड़ देखी जा रही है। लोग अपनी बंद हुई पेंशन और बंद हुए राशन कार्डों की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से इन सुविधाओं का लाभ ले रहे थे, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
मेरा वार्षिक आय 1.80 से कम है, मेरे पास कृषि योग्य भूमि भी नहीं है, लेकिन मेरा बीपीएल कार्ड कट गया है। इसकी जानकारी लेने जब क्रीड विभाग में पहुंचा तो मुझे जानकारी दी गई कि पीएम किसान निधि का लाभ ले रहे हैं। जिससे सस्ता अनाज मिलने की सुविधा बंद हो गई है।
कुलदीप, गांव एमपी रोही।
मुझे फिलहाल बुढ़ापा पेंशन का लाभ मिल रहा है। मेरे पास कृषि योग्य भूमि है, ऐसे में अगर मेरी पेंशन बंद होती है, तो मुझे परेशानी होगी। सरकार को यह नियम बंद करना चाहिए। कई बुजुर्गों का बुढ़ापा पेंशन से चलता है।
मामचंद, गांव ढाणी डूल्ट।
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मेरी वार्षिक आय 1.80 है, लेकिन किसी गलती के कारण इसमें एक जीरो और लग गई, जिससे वार्षिक आय 18 लाख हो गई है। इसको कम करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहा हूं। वहीं सरकार को पीएम किसान निधि और अन्य जायजाद नाम होने पर बुढ़ापा पेंशन बंद नहीं करनी चाहिए। बुजुर्गों का गुजारा बिना पेंशन के मुश्किल हो जाता है।
बलबीर, गांव दौलतपुर।
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मेरी बुढ़ापा पेंशन पिछले दो महीने से बंद है। इसको लेकर मैं समाज कल्याण विभाग और समाधान शिविर के चक्कर लगा रहा हूं। पेंशन के बिना बुढ़ापे में गुजारा होना मुश्किल पैदा कर रहा है।
जगदीश, गांव बिघड़।
यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित है। डेटा के मिलान में जो भी परिवार आय या भूमि के मानकों को पूरा नहीं कर रहे, उनके नाम स्वयं ही पोर्टल से हट रहे हैं। हालांकि, जिन लोगों की जानकारी गलत दर्ज हुई है, उन्हें ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए खंड स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं।
-संदीप कुमार, जिला सहायक कार्यक्रम, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।
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नियमों में किए गए बदलाव के अनुसार, क्रीड विभाग ने भू-अभिलेखों को परिवार पहचान पत्र और आधार से लिंक कर दिया है। पोर्टल पर हुई इस मैपिंग के बाद कई लाभार्थी, जो गरीबी रेखा से नीचे की श्रेणी में राशन ले रहे थे, व बुढ़ापा पेंशन ले रहे थे अब इन परिवारों की ये सुविधाएं बंद होनी शुरू हो गई है। वहीं जिस नागरिक के पास कृषि योग्य भूमि है और पीएम किसान निधि का लाभ मिल रहा है उनके भी बीपीएल कार्ड कटने शुरू हो गए हैं।
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क्रीड विभाग में उमड़ी भीड़, नागरिक परेशान
सुविधाएं अचानक बंद होने से क्रीड विभाग और नागरिक सुविधा केंद्रों पर भीड़ देखी जा रही है। लोग अपनी बंद हुई पेंशन और बंद हुए राशन कार्डों की जानकारी लेने पहुंच रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि वे वर्षों से इन सुविधाओं का लाभ ले रहे थे, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें अपात्र घोषित कर दिया गया।
मेरा वार्षिक आय 1.80 से कम है, मेरे पास कृषि योग्य भूमि भी नहीं है, लेकिन मेरा बीपीएल कार्ड कट गया है। इसकी जानकारी लेने जब क्रीड विभाग में पहुंचा तो मुझे जानकारी दी गई कि पीएम किसान निधि का लाभ ले रहे हैं। जिससे सस्ता अनाज मिलने की सुविधा बंद हो गई है।
कुलदीप, गांव एमपी रोही।
मुझे फिलहाल बुढ़ापा पेंशन का लाभ मिल रहा है। मेरे पास कृषि योग्य भूमि है, ऐसे में अगर मेरी पेंशन बंद होती है, तो मुझे परेशानी होगी। सरकार को यह नियम बंद करना चाहिए। कई बुजुर्गों का बुढ़ापा पेंशन से चलता है।
मामचंद, गांव ढाणी डूल्ट।
मेरी वार्षिक आय 1.80 है, लेकिन किसी गलती के कारण इसमें एक जीरो और लग गई, जिससे वार्षिक आय 18 लाख हो गई है। इसको कम करवाने के लिए विभाग के चक्कर लगा रहा हूं। वहीं सरकार को पीएम किसान निधि और अन्य जायजाद नाम होने पर बुढ़ापा पेंशन बंद नहीं करनी चाहिए। बुजुर्गों का गुजारा बिना पेंशन के मुश्किल हो जाता है।
बलबीर, गांव दौलतपुर।
मेरी बुढ़ापा पेंशन पिछले दो महीने से बंद है। इसको लेकर मैं समाज कल्याण विभाग और समाधान शिविर के चक्कर लगा रहा हूं। पेंशन के बिना बुढ़ापे में गुजारा होना मुश्किल पैदा कर रहा है।
जगदीश, गांव बिघड़।
यह पूरी प्रक्रिया स्वचालित है। डेटा के मिलान में जो भी परिवार आय या भूमि के मानकों को पूरा नहीं कर रहे, उनके नाम स्वयं ही पोर्टल से हट रहे हैं। हालांकि, जिन लोगों की जानकारी गलत दर्ज हुई है, उन्हें ग्रीवेंस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने का विकल्प दिया गया है। इसके लिए खंड स्तर पर शिविर लगाए जा रहे हैं।
-संदीप कुमार, जिला सहायक कार्यक्रम, क्रीड विभाग, फतेहाबाद।
