{"_id":"69ceb1092bb085867f00abf4","slug":"farmers-protested-against-crop-compensation-and-wheat-procurement-conditions-fatehabad-news-c-127-1-ftb1003-151262-2026-04-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा, गेहूं खरीद की नई शर्तों का किया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: बर्बाद फसलों का मुआवजा मांगा, गेहूं खरीद की नई शर्तों का किया विरोध
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 02 Apr 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
फसल बेचने पर लागू किए गए नियमाें को विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकती पुलिस। संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे तथा गेहूं व सरसों की सरकारी खरीद में लगाई गई शर्तों के विरोध में जिले के किसानों ने प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय किसान सभा के आह्वान पर किसान लघु सचिवालय पर एकत्रित हुए और मांगों के समर्थन में प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दूसरी तरफ सरकार खरीद प्रक्रिया में पेचीदा शर्तें लगाकर उनको मानसिक रूप से परेशान कर रही है। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
किसानों ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम काटने के बावजूद क्लेम नहीं दिया गया है। जलभराव से प्रभावित गांवों जांडवाला बागड़ व अन्य के किसानों का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। सरसों और गेहूं की खरीद पर लगाई गई जटिल शर्तें तुरंत हटाई जाएं। पहले की तरह सरल प्रक्रिया से खरीद शुरू की जाए। सरसों और गेहूं की फसल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।
मंडियों में सरकारी लैब और मार्केट कमेटी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों की तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा गांव खाराखेड़ी व बड़ोपल के किसान भी एसडीएम से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर लंबित मुआवजा व बीमा राशि जल्द दिलवाने की गुहार लगाई।
नुकसान दर्ज करवाने के लिए पोर्टल खोला जाए। किसानों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर मनीष गोरखपुरिया, मा. हनुमान सिंह, संजीव पूनियां, सतबीर सिंह, रोहताश डूडी, मांगेराम आदि मौजूद रहे।
Trending Videos
लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दूसरी तरफ सरकार खरीद प्रक्रिया में पेचीदा शर्तें लगाकर उनको मानसिक रूप से परेशान कर रही है। प्रदर्शन के बाद किसान सभा के जिला प्रधान विष्णुदत्त शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने कहा कि बीमा कंपनियों द्वारा प्रीमियम काटने के बावजूद क्लेम नहीं दिया गया है। जलभराव से प्रभावित गांवों जांडवाला बागड़ व अन्य के किसानों का बकाया मुआवजा तुरंत जारी किया जाए। सरसों और गेहूं की खरीद पर लगाई गई जटिल शर्तें तुरंत हटाई जाएं। पहले की तरह सरल प्रक्रिया से खरीद शुरू की जाए। सरसों और गेहूं की फसल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाए।
मंडियों में सरकारी लैब और मार्केट कमेटी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों की तुरंत स्पेशल गिरदावरी करवाकर 50 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा गांव खाराखेड़ी व बड़ोपल के किसान भी एसडीएम से मिले और उन्हें ज्ञापन सौंपकर लंबित मुआवजा व बीमा राशि जल्द दिलवाने की गुहार लगाई।
नुकसान दर्ज करवाने के लिए पोर्टल खोला जाए। किसानों ने प्रदेश सरकार को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया तो अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। इस अवसर पर मनीष गोरखपुरिया, मा. हनुमान सिंह, संजीव पूनियां, सतबीर सिंह, रोहताश डूडी, मांगेराम आदि मौजूद रहे।