{"_id":"6a32d5423dbcfa521d0bbfd3","slug":"from-struggle-to-success-kiran-scripted-a-story-of-triumph-fatehabad-news-c-127-1-ftb1001-155851-2026-06-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: संघर्ष से सुगंध तक, किरण ने रची सफलता की कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: संघर्ष से सुगंध तक, किरण ने रची सफलता की कहानी
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:41 PM IST
विज्ञापन
किरण।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
फतेहाबाद। गांव गोरखपुर की किरण ने घरेलू स्तर पर शुद्ध और मिलावट रहित मसाला निर्माण कर प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने सीमित संसाधनों के बीच भी आत्मनिर्भरता की राह चुनते हुए ऐसा व्यवसाय खड़ा किया है जो आज लोगों के लिए मिसाल बन रहा है।
किरण राजस्थान के भादरा से उच्च गुणवत्ता वाले साबुत मसाले थोक में लाकर घर पर ही उनकी शुद्धता के साथ प्रोसेसिंग करती हैं। इनमें लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, जीरा, राई, मैथी, काला नमक, हींग और गर्म मसाला जैसे प्रमुख मसाले शामिल हैं। घर पर ही स्वच्छ वातावरण में इन मसालों को पीसकर तैयार किया जाता है और फिर आकर्षक पैकिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाता है।
उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं बल्कि लोगों तक शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य सामग्री पहुंचाना है। बदलते समय में मिलावट की समस्या को देखते हुए किरण की यह पहल लोगों के बीच काफई लोकप्रिय हो रही है। ग्राहक घर के पिसे मसालों को अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं जिससे उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
किरण ने इस कार्य को छोटे समूह के सहयोग से आगे बढ़ाया है जिसे बाजार में सोना सिक्का उत्पाद के नाम से पहचान मिली है। गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के कारण यह उद्यम बेहतर आय का साधन भी बन चुका है। उनकी यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि मेहनत, लगन और सही सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
-- -- -- -- -- -- -- -- --
:: गांव की 20 महिलाओं को मिला रोजगार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में स्वयं सहायता समूह मददगार साबित हो रहे हैं। गांव गोरखपुर के सोना सिक्का उत्पाद समूह के साथ गांव की 20 महिलाएं काम कर रही हैं। गांव गोरखपुर का स्वयं सहायता समूह स्थानीय स्तर पर बेहतरीन उत्पादों को तैयार करने और उनकी मार्केटिंग के लिए पहचान बना चुका है। समूह की महिलाएं विभिन्न खास आयोजनों, त्योहारों और सरकारी व गैर-सरकारी कार्यक्रमों में अपनी स्टॉल लगाती हैं। इनके माध्यम से शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसालों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
-- -- -- -- -
8 साल से समूह से जुड़ी हैं किरण
सोना सिक्का उत्पाद समूह महिला किरण पिछले 8 वर्षों से इस समूह से जुड़ी हुई हैं। किरण ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत किया है और अब वे समूह की दूसरी महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। समूह की सदस्य मंजू, किरण और सुमन ने बताया कि अगर सही दिशा और हौंसला मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। इस समूह से 20 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। महिलाएं घरेलू कामकाज के साथ-साथ व्यवसाय को भी कुशलता से संभाला जा सकता है।
-- -- -- -- -- -- -
:: सोना सिक्का समूह से बने उत्पादों की मांग बाजार में अच्छी है। हर कार्यक्रम में इस समूह की स्टॉल लगती है जिससे उनके द्वारा बनाए गए मसालों की बिक्री काफी अधिक रहती है।
- सतबीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी मिशन, फतेहाबाद।
किरण राजस्थान के भादरा से उच्च गुणवत्ता वाले साबुत मसाले थोक में लाकर घर पर ही उनकी शुद्धता के साथ प्रोसेसिंग करती हैं। इनमें लाल मिर्च, धनिया, हल्दी, जीरा, राई, मैथी, काला नमक, हींग और गर्म मसाला जैसे प्रमुख मसाले शामिल हैं। घर पर ही स्वच्छ वातावरण में इन मसालों को पीसकर तैयार किया जाता है और फिर आकर्षक पैकिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उनका उद्देश्य केवल व्यवसाय करना नहीं बल्कि लोगों तक शुद्ध और मिलावट रहित खाद्य सामग्री पहुंचाना है। बदलते समय में मिलावट की समस्या को देखते हुए किरण की यह पहल लोगों के बीच काफई लोकप्रिय हो रही है। ग्राहक घर के पिसे मसालों को अधिक स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं जिससे उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।
किरण ने इस कार्य को छोटे समूह के सहयोग से आगे बढ़ाया है जिसे बाजार में सोना सिक्का उत्पाद के नाम से पहचान मिली है। गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के कारण यह उद्यम बेहतर आय का साधन भी बन चुका है। उनकी यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी है, बल्कि यह भी संदेश देती है कि मेहनत, लगन और सही सोच के साथ ग्रामीण क्षेत्र से भी बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
:: गांव की 20 महिलाओं को मिला रोजगार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में स्वयं सहायता समूह मददगार साबित हो रहे हैं। गांव गोरखपुर के सोना सिक्का उत्पाद समूह के साथ गांव की 20 महिलाएं काम कर रही हैं। गांव गोरखपुर का स्वयं सहायता समूह स्थानीय स्तर पर बेहतरीन उत्पादों को तैयार करने और उनकी मार्केटिंग के लिए पहचान बना चुका है। समूह की महिलाएं विभिन्न खास आयोजनों, त्योहारों और सरकारी व गैर-सरकारी कार्यक्रमों में अपनी स्टॉल लगाती हैं। इनके माध्यम से शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मसालों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाती हैं जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
8 साल से समूह से जुड़ी हैं किरण
सोना सिक्का उत्पाद समूह महिला किरण पिछले 8 वर्षों से इस समूह से जुड़ी हुई हैं। किरण ने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत किया है और अब वे समूह की दूसरी महिलाओं को भी रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। समूह की सदस्य मंजू, किरण और सुमन ने बताया कि अगर सही दिशा और हौंसला मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी सफल उद्यमी बन सकती हैं। इस समूह से 20 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है। महिलाएं घरेलू कामकाज के साथ-साथ व्यवसाय को भी कुशलता से संभाला जा सकता है।
:: सोना सिक्का समूह से बने उत्पादों की मांग बाजार में अच्छी है। हर कार्यक्रम में इस समूह की स्टॉल लगती है जिससे उनके द्वारा बनाए गए मसालों की बिक्री काफी अधिक रहती है।
- सतबीर, जिला कार्यक्रम अधिकारी, राष्ट्रीय ग्रामीण एवं शहरी मिशन, फतेहाबाद।

किरण।