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Fatehabad News: राहत का सूरज ढला, कार्रवाई की घटा घिरी
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 11:25 PM IST
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बीडीपीओ कार्यालय की दुकान से सामान निकालते हुए दुकानदार। संवाद
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फतेहाबाद। बीडीपीओ कार्यालय के बाहर स्थित विवादित और जर्जर दुकानों को लेकर कार्रवाई की आशंका बढ़ने के बाद दुकानदारों ने अपना सामान हटाना शुरू कर दिया है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर दी गई राहत अवधि 15 जून को समाप्त हो चुकी है। इसके बाद पंचायत विभाग बकाया किराये की वसूली के लिए आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
आशंका है कि नियमानुसार सामान जब्त करने या अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। खंड अधिकारी ने जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुमति मांगी है। विभाग का कहना है कि कई दुकानदारों पर लंबे समय से किराया बकाया है। वसूली न होने की स्थिति में दुकान में रखा सामान जब्त किया जा सकता है या पुलिस की सहायता से राजस्व वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
कार्रवाई की संभावना देखते हुए दुकानदार बुधवार को छुट्टी के दिन भी अपनी दुकानों में रखा फर्नीचर, कीमती सामान और अन्य सामग्री निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। बुधवार को कई दुकानों के बाहर सामान लोडिंग और शिफ्टिंग का काम देखा गया।
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व्यापारियों का कहना है कि यदि जब्ती की कार्रवाई होती है तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका मानना है कि इस विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो सके।
आशंका है कि नियमानुसार सामान जब्त करने या अन्य कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। खंड अधिकारी ने जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुमति मांगी है। विभाग का कहना है कि कई दुकानदारों पर लंबे समय से किराया बकाया है। वसूली न होने की स्थिति में दुकान में रखा सामान जब्त किया जा सकता है या पुलिस की सहायता से राजस्व वसूली की कार्रवाई की जा सकती है।
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कार्रवाई की संभावना देखते हुए दुकानदार बुधवार को छुट्टी के दिन भी अपनी दुकानों में रखा फर्नीचर, कीमती सामान और अन्य सामग्री निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं। बुधवार को कई दुकानों के बाहर सामान लोडिंग और शिफ्टिंग का काम देखा गया।
व्यापारियों का कहना है कि यदि जब्ती की कार्रवाई होती है तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका मानना है कि इस विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए, ताकि वर्षों से चली आ रही अनिश्चितता समाप्त हो सके।