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Fatehabad News: सफाईकर्मियों की हड़ताल से कचरा उठान रुका
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Fri, 01 May 2026 10:42 PM IST
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फतेहाबाद में नगर परिषद कर्मचारी प्रदर्शन करते हुए स्त्रोत संघ
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फतेहाबाद। नगर परिषद के कर्मचारियों ने शुक्रवार से दो दिन की हड़ताल शुरू कर दी। नगरपालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी हड़ताल पर बैठ गए हैं। इस कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। शुक्रवार को कर्मचारी सड़कों पर न तो सफाई करने उतरे और न ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाली गाड़ियां गली-मोहल्लों में पहुंचीं।
सफाई के साथ-साथ नगर परिषद कार्यालय की विभिन्न ब्रांचों में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा जिससे अपने कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर से रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। डोर टू डोर कचरा उठान और भट्टू रोड की तरफ से सफाई करने वाली एजेंसी ने भी काम नहीं किया। नगर परिषद अब दोनों एजेंसियों को नोटिस जारी करेगा और कार्रवाई करते हुए उन पर जुर्माना भी लग सकता है। अगर कर्मचारी सोमवार को काम पर लौटते हैं तब तक शहर में 120 टन कचरा जमा हो सकता है।
सफाई कर्मचारी शुक्रवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने और मंच संचालन सचिव ओमप्रकाश लोट ने किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 1 और 2 मई की इस हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।
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आज हड़ताल, रविवार को साप्ताहिक अवकाश
हड़ताल को शनिवार को दूसरा दिन है और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है ऐसे में अब सोमवार से पहले शहर की व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने के आसार नहीं हैं। इकाई प्रधान नरेश राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। कर्मचारी 16 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से विरोध कर रहे थे जिसमें काली पट्टी बांधना और क्रमिक भूख हड़ताल शामिल थी लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण उन्हें मजबूरन काम बंद कर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाना पड़ा।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें
हड़ताल के दौरान कर्मचारी संघ ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। उनकी मुख्य मांगों में सभी विभागों से ठेका प्रथा खत्म कर पक्की भर्ती करना, समान काम के लिए समान वेतन देना और कच्चे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करना शामिल है। इसके अलावा, फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने कर्मचारियों के परिजनों को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कच्चे कर्मियों को तुरंत पक्का करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की गई।
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डोर टू डोर कचरा उठान एजेंसी की गाड़ियां भी नहीं गई हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा।
- सुरेश चौहान, ईओ, नगर परिषद
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सफाई के साथ-साथ नगर परिषद कार्यालय की विभिन्न ब्रांचों में भी कामकाज पूरी तरह ठप रहा जिससे अपने कार्यों के लिए कार्यालय पहुंचे शहरवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहर से रोजाना 40 टन कचरा निकलता है। डोर टू डोर कचरा उठान और भट्टू रोड की तरफ से सफाई करने वाली एजेंसी ने भी काम नहीं किया। नगर परिषद अब दोनों एजेंसियों को नोटिस जारी करेगा और कार्रवाई करते हुए उन पर जुर्माना भी लग सकता है। अगर कर्मचारी सोमवार को काम पर लौटते हैं तब तक शहर में 120 टन कचरा जमा हो सकता है।
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सफाई कर्मचारी शुक्रवार सुबह नगर परिषद कार्यालय में एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन की अध्यक्षता नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान नरेश राणा ने और मंच संचालन सचिव ओमप्रकाश लोट ने किया। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 1 और 2 मई की इस हड़ताल के बाद भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जा सकता है।
आज हड़ताल, रविवार को साप्ताहिक अवकाश
हड़ताल को शनिवार को दूसरा दिन है और रविवार को साप्ताहिक अवकाश है ऐसे में अब सोमवार से पहले शहर की व्यवस्थाएं पटरी पर लौटने के आसार नहीं हैं। इकाई प्रधान नरेश राणा ने कहा कि प्रदेश सरकार की वादाखिलाफी अब बर्दाश्त से बाहर हो चुकी है। कर्मचारी 16 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से विरोध कर रहे थे जिसमें काली पट्टी बांधना और क्रमिक भूख हड़ताल शामिल थी लेकिन सरकार की हठधर्मिता के कारण उन्हें मजबूरन काम बंद कर प्रदेशव्यापी हड़ताल पर जाना पड़ा।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें
हड़ताल के दौरान कर्मचारी संघ ने सरकार के समक्ष अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। उनकी मुख्य मांगों में सभी विभागों से ठेका प्रथा खत्म कर पक्की भर्ती करना, समान काम के लिए समान वेतन देना और कच्चे कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये निर्धारित करना शामिल है। इसके अलावा, फरीदाबाद अग्निकांड में जान गंवाने कर्मचारियों के परिजनों को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने, हाईकोर्ट के निर्देशानुसार कच्चे कर्मियों को तुरंत पक्का करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की गई।
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डोर टू डोर कचरा उठान एजेंसी की गाड़ियां भी नहीं गई हैं। ऐसे में संबंधित एजेंसी को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा।
- सुरेश चौहान, ईओ, नगर परिषद
