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Fatehabad News: टीबी मुक्त भारत अभियान में उच्च जोखिम वाली आबादी की होगी पहचान
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फतेहाबाद में मेडिकल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते हुए अधिकारी स्त्रोत स्वास्थ्य विभाग
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फतेहाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय आयुष्मान आरोग्य शिविर का शुभारंभ किया गया। कंसलटेंट एवं सेवानिवृत उप सिविल सर्जन डॉ. संगीता अबरोल ने मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी को जन आंदोलन का रूप देना, गांव-गांव में जागरूकता फैलाना तथा उच्च जोखिम वाली आबादी की पहचान कर उनकी समय पर जांच सुनिश्चित करना है। सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि इस मुहिम के तहत लोगों को टीबी के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून, लगातार वजन कम होना, भूख न लगना, दोपहर बाद बुखार, रात में पसीना, छाती में दर्द, शरीर में गांठ, अत्यधिक थकान या कोई पुरानी बीमारी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। इस अवसर पर डॉ. दीक्षा, डॉ. तरुण, डॉ. राशिद , गोपाल बंसल, प्रमोद कुमार सहित जिला क्षयरोग विभाग और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा।
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गांवों में उच्च जोखिम वाले लोगों की होगी स्क्रीनिंग
जिले में तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन कार्यरत हैं इनमें से दो वैन एक्स-रे मशीन से लैस हैं। ये वैन शिविरों के दौरान गांवों में जाकर उच्च जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। उच्च जोखिम वर्ग में पूर्व टीबी मरीज, मरीजों के परिवारजन, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, मधुमेह रोगी, कम बीएमआई वाले व्यक्ति, धूम्रपान या शराब सेवन करने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा ईंट-भट्ठों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक, आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी व स्टाफ, अनाथालय व वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग, मलिन बस्तियों के निवासी तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग शामिल हैं।
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अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी को जन आंदोलन का रूप देना, गांव-गांव में जागरूकता फैलाना तथा उच्च जोखिम वाली आबादी की पहचान कर उनकी समय पर जांच सुनिश्चित करना है। सिविल सर्जन डॉ. बुधराम ने बताया कि इस मुहिम के तहत लोगों को टीबी के लक्षण, कारण, बचाव और उपचार के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून, लगातार वजन कम होना, भूख न लगना, दोपहर बाद बुखार, रात में पसीना, छाती में दर्द, शरीर में गांठ, अत्यधिक थकान या कोई पुरानी बीमारी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं। इस अवसर पर डॉ. दीक्षा, डॉ. तरुण, डॉ. राशिद , गोपाल बंसल, प्रमोद कुमार सहित जिला क्षयरोग विभाग और अस्पताल स्टाफ मौजूद रहा।
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गांवों में उच्च जोखिम वाले लोगों की होगी स्क्रीनिंग
जिले में तीन मेडिकल मोबाइल यूनिट वैन कार्यरत हैं इनमें से दो वैन एक्स-रे मशीन से लैस हैं। ये वैन शिविरों के दौरान गांवों में जाकर उच्च जोखिम वाले लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। उच्च जोखिम वर्ग में पूर्व टीबी मरीज, मरीजों के परिवारजन, एचआईवी संक्रमित व्यक्ति, 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग, मधुमेह रोगी, कम बीएमआई वाले व्यक्ति, धूम्रपान या शराब सेवन करने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा ईंट-भट्ठों व फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिक, आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थी व स्टाफ, अनाथालय व वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग, मलिन बस्तियों के निवासी तथा गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग शामिल हैं।