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Fatehabad News: हाथ में बस पास फिर भी पैदल तय कर रहे स्कूल का सफर, निजी बस वाले विद्यार्थियों को रास्ते में उतार रहे
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 29 Apr 2026 10:42 PM IST
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जाखल। जाखल-कुलां रूट पर चलने वाले निजी बस ऑपरेटर गांव तलवाड़ा और तलवाड़ी के विद्यार्थियों के बस पास मान्य नहीं कर रहे हैं। आरोप है कि किराया न देने पर विद्यार्थियों को बीच रास्ते में उतार दिया जाता है जिससे उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलकर गांव म्योंदकलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पहुंचना पड़ता है।
गांव तलवाड़ा और तलवाड़ी में पांचवीं कक्षा के बाद सरकारी स्कूल नहीं है। ऐसे में आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का दाखिला गांव म्योंदकलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कराया गया है। दोनों गांवों से स्कूल की दूरी करीब 5 किलोमीटर है।
विद्यार्थी सुखप्रीत, सिमरन, नवजोत, तमन्ना, निंद्रो, करण, जश्नप्रीत, रवि, शनि, गुरविंदर, हरमन और वीरेंद्र ने बताया कि वे जब निजी बसों में स्कूल जाने के लिए सवार होते हैं तो बस पास होने के बावजूद उनसे किराया मांगा जाता है। किराया न देने पर उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विशेषकर छात्राओं को बीच रास्ते असुरक्षित स्थानों पर उतारना गंभीर चिंता का विषय है जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, म्योंदकलां के प्राचार्य गुरलाल ने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से बच्चों को परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों के बस पास बनवाए जा चुके हैं लेकिन कई ऑपरेटर उन्हें मान्य नहीं कर रहे जो गलत है।
गांव तलवाड़ा के सरपंच प्रतिनिधि मनदीप सिंह ने आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर बस पास मानने से इन्कार कर रहे हैं और किराया न देने पर विद्यार्थियों को बीच रास्ते में उतार देते हैं।
बस ऑपरेटरों के खिलाफ होगी कार्रवाई
आरटीए संजय बिश्नोई ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना बस संचालकों की जिम्मेदारी है। हरियाणा सरकार द्वारा जारी सभी बस पास निजी बसों में भी मान्य हैं। यदि कोई बस ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करता है या बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बच्चों के बस पास बनाने की अपील की है।
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गांव तलवाड़ा और तलवाड़ी में पांचवीं कक्षा के बाद सरकारी स्कूल नहीं है। ऐसे में आगे की पढ़ाई के लिए विद्यार्थियों का दाखिला गांव म्योंदकलां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कराया गया है। दोनों गांवों से स्कूल की दूरी करीब 5 किलोमीटर है।
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विद्यार्थी सुखप्रीत, सिमरन, नवजोत, तमन्ना, निंद्रो, करण, जश्नप्रीत, रवि, शनि, गुरविंदर, हरमन और वीरेंद्र ने बताया कि वे जब निजी बसों में स्कूल जाने के लिए सवार होते हैं तो बस पास होने के बावजूद उनसे किराया मांगा जाता है। किराया न देने पर उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया जाता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
अभिभावकों ने भी इस स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि विशेषकर छात्राओं को बीच रास्ते असुरक्षित स्थानों पर उतारना गंभीर चिंता का विषय है जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, म्योंदकलां के प्राचार्य गुरलाल ने कहा कि निजी बस ऑपरेटरों की मनमानी से बच्चों को परेशानी हो रही है। विद्यार्थियों के बस पास बनवाए जा चुके हैं लेकिन कई ऑपरेटर उन्हें मान्य नहीं कर रहे जो गलत है।
गांव तलवाड़ा के सरपंच प्रतिनिधि मनदीप सिंह ने आरोप लगाया कि निजी बस ऑपरेटर बस पास मानने से इन्कार कर रहे हैं और किराया न देने पर विद्यार्थियों को बीच रास्ते में उतार देते हैं।
बस ऑपरेटरों के खिलाफ होगी कार्रवाई
आरटीए संजय बिश्नोई ने कहा कि स्कूली विद्यार्थियों को सुरक्षित यात्रा उपलब्ध कराना बस संचालकों की जिम्मेदारी है। हरियाणा सरकार द्वारा जारी सभी बस पास निजी बसों में भी मान्य हैं। यदि कोई बस ऑपरेटर नियमों का उल्लंघन करता है या बच्चों के साथ दुर्व्यवहार करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बच्चों के बस पास बनाने की अपील की है।
