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Fatehabad News: केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा खाद, धान रोपाई पर पड़ रहा असर
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:35 PM IST
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शहर के कृभिको खाद केंद्र पर पहुंचा यूरिया खाद का रैक। संवाद
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फतेहाबाद। जिले में पिछले एक सप्ताह से यूरिया और डीएपी खाद की कमी बनी हुई है जिससे धान की रोपाई कर रहे किसानों की परेशानी लगातार बढ़ रही है। 15 जून से धान रोपाई की अनुमति मिलने के बाद खेतों में काम तेज हो गया है लेकिन जरूरी खाद उपलब्ध न होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहा है।
फसल की शुरुआती बढ़वार के लिए इस समय यूरिया और डीएपी की अत्यंत आवश्यकता होती है, लेकिन स्थानीय खाद केंद्रों और पैक्स समितियों पर पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंच पाया है। कई ग्रामीण सहकारी समितियों में खाद पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। स्थिति यह है कि किसानों को सुबह से ही सरकारी और निजी खाद केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, फिर भी उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समय पर खाद न मिलने से धान की रोपाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है और किसानों में चिंता बनी हुई है।
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कृभिको केंद्र पर लगी भीड़
खाद की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को शहर के कृभिको खाद केंद्र पर करीब 3000 बैग यूरिया की खेप पहुंची थी। इसकी सूचना मिलते ही सुबह से ही केंद्र पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्मी के बावजूद किसान लाइनों में खड़े रहे। मांग इतनी अधिक थी कि बुधवार को दोपहर तक यूरिया के सभी 3000 बैग खत्म हो गए। कई किसानों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वहीं डीएपी खाद का रैक पिछले कई दिनों से नहीं पहुंच रहा है।
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धान की रोपाई हो रही प्रभावित
जिले के किसान रामप्रताप, हेतराम और रोहताश ने बताया कि धान की रोपाई के तुरंत बाद यूरिया डालना जरूरी होता है ताकि पौधों की जड़ें मजबूत हो सकें। अगर समय पर खाद नहीं मिली, तो फसल पीली पड़ जाएगी और पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। कुछ निजी दुकानदार मजबूरी का फायदा उठाकर खाद के साथ अन्य गैर-जरूरी दवाइयां दें रहे हैं।
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:: जिले की मांग के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जल्द ही एक-दो दिनों में खाद का नया रैक पहुंचने की उम्मीद है जिसके बाद वितरण व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी। हालांकि निजी दुकानों पर खाद उपलब्ध है।
-डॉ. जागीर सिंह, गुणवत्ता जांच अधिकारी, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।
फसल की शुरुआती बढ़वार के लिए इस समय यूरिया और डीएपी की अत्यंत आवश्यकता होती है, लेकिन स्थानीय खाद केंद्रों और पैक्स समितियों पर पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंच पाया है। कई ग्रामीण सहकारी समितियों में खाद पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। स्थिति यह है कि किसानों को सुबह से ही सरकारी और निजी खाद केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, फिर भी उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समय पर खाद न मिलने से धान की रोपाई प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है और किसानों में चिंता बनी हुई है।
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कृभिको केंद्र पर लगी भीड़
खाद की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को शहर के कृभिको खाद केंद्र पर करीब 3000 बैग यूरिया की खेप पहुंची थी। इसकी सूचना मिलते ही सुबह से ही केंद्र पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। गर्मी के बावजूद किसान लाइनों में खड़े रहे। मांग इतनी अधिक थी कि बुधवार को दोपहर तक यूरिया के सभी 3000 बैग खत्म हो गए। कई किसानों को खाली हाथ ही लौटना पड़ा। वहीं डीएपी खाद का रैक पिछले कई दिनों से नहीं पहुंच रहा है।
धान की रोपाई हो रही प्रभावित
जिले के किसान रामप्रताप, हेतराम और रोहताश ने बताया कि धान की रोपाई के तुरंत बाद यूरिया डालना जरूरी होता है ताकि पौधों की जड़ें मजबूत हो सकें। अगर समय पर खाद नहीं मिली, तो फसल पीली पड़ जाएगी और पैदावार पर सीधा असर पड़ेगा। कुछ निजी दुकानदार मजबूरी का फायदा उठाकर खाद के साथ अन्य गैर-जरूरी दवाइयां दें रहे हैं।
:: जिले की मांग के अनुसार खाद का वितरण किया जा रहा है। जल्द ही एक-दो दिनों में खाद का नया रैक पहुंचने की उम्मीद है जिसके बाद वितरण व्यवस्था सुचारू कर दी जाएगी। हालांकि निजी दुकानों पर खाद उपलब्ध है।
-डॉ. जागीर सिंह, गुणवत्ता जांच अधिकारी, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।