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Fatehabad News: धेनू मानस गोकथा से पूर्व निकाली कलश यात्रा
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:56 PM IST
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फतेहाबाद। गांव काजलहेड़ी स्थित श्री कृष्ण प्रणामी गौशाला में चल रहीं श्री धेनू मानस गौ कथा में
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फतेहाबाद। गांव काजलहेड़ी स्थित श्रीकृष्ण प्रणामी गोशाला में बुधवार को सात दिवसीय धेनू मानस गोकथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व हवन और कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद हरिद्वार से पधारे आचार्य स्वामी गोविंदशरणानंद महाराज ने धेनू मानस की महिमा का बखान किया।
उन्होंने कहा कि गाय माता सनातन धर्म की आत्मा हैं। गाय सेवा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को संस्कारित और समृद्ध बनाने का सर्वोत्तम माध्यम है। जिस समाज और घर में गाय माता का सम्मान होता है वहां सुख-शांति का वास स्वतः ही हो जाता है। उन्होंने वर्तमान समय के मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए गाय सेवा और सत्संग को अनिवार्य बताया।
कथा से से पूर्व गांव में कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे गांव की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन में आहुतियां डालीं। महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि गाय माता में समस्त देवताओं का निवास है। उनकी सेवा साक्षात ईश्वर की सेवा है।
आचार्य स्वामी विश्वात्मानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार त्याग कर सेवा मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया। गोशाला कमेटी और ग्रामवासियों ने बताया कि यह कथा सात अप्रैल तक चलेगी। कथा के प्रथम दिन विनोद सेठ, खजुरी सरपंच सीताराम पूनिया, विनोद मांझू, सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल गोदारा, राजीव गोदारा, रामनिवास गोदारा आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि गाय माता सनातन धर्म की आत्मा हैं। गाय सेवा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को संस्कारित और समृद्ध बनाने का सर्वोत्तम माध्यम है। जिस समाज और घर में गाय माता का सम्मान होता है वहां सुख-शांति का वास स्वतः ही हो जाता है। उन्होंने वर्तमान समय के मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए गाय सेवा और सत्संग को अनिवार्य बताया।
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कथा से से पूर्व गांव में कलश यात्रा निकाली गई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर पूरे गांव की परिक्रमा की। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना के साथ हवन में आहुतियां डालीं। महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि गाय माता में समस्त देवताओं का निवास है। उनकी सेवा साक्षात ईश्वर की सेवा है।
आचार्य स्वामी विश्वात्मानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को अहंकार त्याग कर सेवा मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया। गोशाला कमेटी और ग्रामवासियों ने बताया कि यह कथा सात अप्रैल तक चलेगी। कथा के प्रथम दिन विनोद सेठ, खजुरी सरपंच सीताराम पूनिया, विनोद मांझू, सरपंच प्रतिनिधि जगतपाल गोदारा, राजीव गोदारा, रामनिवास गोदारा आदि उपस्थित रहे।