{"_id":"69f637db2513b442a3046cd3","slug":"kits-run-out-in-sirsa-hepatitis-c-sample-collection-stopped-at-fatehabad-civil-hospital-fatehabad-news-c-127-1-shsr1017-153080-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Fatehabad News: सिरसा में किट खत्म, फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस सी के सैंपल लेना बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Fatehabad News: सिरसा में किट खत्म, फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस सी के सैंपल लेना बंद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sat, 02 May 2026 11:13 PM IST
विज्ञापन
फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए मौजूद मरीज संवाद
विज्ञापन
फतेहाबाद। नागरिक अस्पताल में काला पीलिया की जांच के सैंपल लेने पर एक बार फिर रोक लग गई है। सिरसा नागरिक अस्पताल में जांच किट खत्म होने से यह स्थिति बनी है जिससे पुराने और नए मरीजों के इलाज पर असर पड़ना तय है।
अस्पताल से हर मंगलवार 25 मरीजों के सैंपल सिरसा भेजे जाते थे। वहां जांच के बाद रिपोर्ट वापस भेजी जाती थी लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। करीब 100 सैंपल पहले से लंबित हैं जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में ओपीडी में आने वाले नए मरीजों की जांच और उपचार भी प्रभावित हो रहे हैं।
पिछले चार साल से फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में काला पीलिया की जांच सुविधा बंद है। इस दौरान सैंपल रोहतक, बहादुरगढ़, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और अंबाला भेजे जाते रहे लेकिन वहां भी समय-समय पर किट की कमी के कारण जांच बंद होती रही। करीब तीन महीने पहले सिरसा में सैंपल भेजने की अनुमति मिली थी जिससे कुछ राहत मिली थी। अब वहां भी किट खत्म होने से समस्या फिर गहरा गई है।
-
निजी से अनुबंध हुआ खत्म, संकट हुआ शुरू
वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय में ही हेपेटाइटिस सी की जांच शुरू हुई थी। विभाग की तरफ से कूपन दिए जाते थे और निजी लैब में जांच होती थी लेकिन 28 जुलाई 2022 को ये अनुबंध खत्म कर दिया गया। कोरोना जांच के लिए शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में सैंपल जांच के निर्देश दिए गए थे लेकिन लैब में माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो पाई। बीच में करीब 6 माह ही सैंपलों की जांच शुरू हुई थी जब विशेषज्ञ थे।
-
क्या है हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट
हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट एक रक्त परीक्षण है जो इसकी मात्रा को मापता है। परीक्षण यह निर्धारित करने में मदद करता है कि क्या किसी व्यक्ति को सक्रिय हेपेटाइटिस सी वायरल संक्रमण है। उपचार की प्रभावशीलता की निगरानी करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी के सबसे ज्यादा मरीज मिल चुके हैं।
-
ये रही है जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्नित मरीज - 6871
उपचार पूरा हुआ - 6520
उपचार जारी - 351
-
हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। इसमें ए, बी, सी, डी व ई शामिल हैं। हेपेटाइटिस का वायरस संक्रमित रक्त, संक्रमित रक्त उत्पाद, दूषित सूई, रेजर, ब्रश से होता है। हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में लीवर कैंसर तक हो सकता है। जिला नागरिक अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सैंपल जांच के लिए सिरसा भेजे जाते हैं लेकिन फिलहाल वहां भी किट खत्म है। उम्मीद है जल्द फिर से सैंपलिंग शुरू हो जाएगी।
- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
Trending Videos
अस्पताल से हर मंगलवार 25 मरीजों के सैंपल सिरसा भेजे जाते थे। वहां जांच के बाद रिपोर्ट वापस भेजी जाती थी लेकिन अब यह प्रक्रिया पूरी तरह ठप हो गई है। करीब 100 सैंपल पहले से लंबित हैं जिनकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में ओपीडी में आने वाले नए मरीजों की जांच और उपचार भी प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले चार साल से फतेहाबाद नागरिक अस्पताल में काला पीलिया की जांच सुविधा बंद है। इस दौरान सैंपल रोहतक, बहादुरगढ़, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज और अंबाला भेजे जाते रहे लेकिन वहां भी समय-समय पर किट की कमी के कारण जांच बंद होती रही। करीब तीन महीने पहले सिरसा में सैंपल भेजने की अनुमति मिली थी जिससे कुछ राहत मिली थी। अब वहां भी किट खत्म होने से समस्या फिर गहरा गई है।
-
निजी से अनुबंध हुआ खत्म, संकट हुआ शुरू
वर्ष 2017 में जिला मुख्यालय में ही हेपेटाइटिस सी की जांच शुरू हुई थी। विभाग की तरफ से कूपन दिए जाते थे और निजी लैब में जांच होती थी लेकिन 28 जुलाई 2022 को ये अनुबंध खत्म कर दिया गया। कोरोना जांच के लिए शुरू की गई आरटीपीसीआर लैब में सैंपल जांच के निर्देश दिए गए थे लेकिन लैब में माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने के कारण जांच शुरू नहीं हो पाई। बीच में करीब 6 माह ही सैंपलों की जांच शुरू हुई थी जब विशेषज्ञ थे।
-
क्या है हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट
हेपेटाइटिस सी वायरल लोड टेस्ट एक रक्त परीक्षण है जो इसकी मात्रा को मापता है। परीक्षण यह निर्धारित करने में मदद करता है कि क्या किसी व्यक्ति को सक्रिय हेपेटाइटिस सी वायरल संक्रमण है। उपचार की प्रभावशीलता की निगरानी करने के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल रह चुका है। रतिया क्षेत्र में हेपेटाइटिस सी के सबसे ज्यादा मरीज मिल चुके हैं।
-
ये रही है जिले में मरीजों की स्थिति
वर्ष 2017 से 2025 तक मरीजों का पंजीकरण - 8868
उपचार के लिए चिह्नित मरीज - 6871
उपचार पूरा हुआ - 6520
उपचार जारी - 351
-
हेपेटाइटिस पांच प्रकार के होते हैं। इसमें ए, बी, सी, डी व ई शामिल हैं। हेपेटाइटिस का वायरस संक्रमित रक्त, संक्रमित रक्त उत्पाद, दूषित सूई, रेजर, ब्रश से होता है। हेपेटाइटिस सी के अंतिम चरण में लीवर कैंसर तक हो सकता है। जिला नागरिक अस्पताल में उपचार की सुविधा उपलब्ध है लेकिन सैंपल जांच के लिए सिरसा भेजे जाते हैं लेकिन फिलहाल वहां भी किट खत्म है। उम्मीद है जल्द फिर से सैंपलिंग शुरू हो जाएगी।
- डॉ. मनीष टुटेजा, विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
