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Fatehabad News: छत पर कपड़े सूखा रही बुजुर्ग पर बंदरों का हमला, कान काटा
Sun, 09 Aug 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 09 Aug 2026 11:00 PM IST
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घायल भगवान देवी जानकारी देते हुए
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फतेहाबाद। डेरेवाला मोहल्ले में रविवार सुबह झुंड में से एक बंदर ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। बंदर के हमले में महिला के कान पर गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। महिला को परिजन तुरंत नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उनके कान पर 8 टांके लगाए।
वहीं बंदरों के हमले से मोहल्ले में दहशत है। नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची भगवान देवी (80) ने बताया कि रविवार सुबह वह छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई थीं। परिवार के अन्य सदस्य उस समय नीचे मौजूद थे। आसपास की छतों पर अचानक बंदरों का झुंड आ गया।
इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं झुंड में शामिल एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर ने उनके कान को बुरी तरह नोच दिया। अचानक हुए हमले से वह घबरा गईं। वहीं बंदर के हमले से उनके कान से खून बहने लगा। महिला ने शोर मचाया तो परिवार के लोग ऊपर आने लगे।
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लोगों की आवाज सुनकर बंदर वहां से भाग गया। भगवान देवी ने नीचे आकर परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और कान पर 8 टांके लगाए।
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बंदरों से बचाव के लिए छत से कूद चुकीं दो महिलाएं
शहर में बंदरों के आतंक से आमजन बेहद परेशान हैं। बंदरों के हमले के डर से दो महिलाओं की टांगें टूट चुकी हैं। करीब दो साल पहले भीमां बस्ती में बंदरों के हमले के दौरान महिला छत से कूद गई थी जिससे उसकी टांगें टूट गई थी। इसके बाद शिव चौक में भी एक ऐसे ही हादसे में महिला की टांगें टूटी थी।
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बंदरों को पकड़ने का ठेका, फिर भी हालात खराब
नगर परिषद ने शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। एजेंसी के पास अक्तूबर माह तक का ठेका है लेकिन हालात ये है कि शहर में बंदरों का आतंक जारी है। नगर परिषद के एसआई महेश का कहना है कि अगर कहीं बंदरों की समस्या है तो कार्यालय में सूचना जरूर दें। एजेंसी इन बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ेगी।
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वहीं बंदरों के हमले से मोहल्ले में दहशत है। नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए पहुंची भगवान देवी (80) ने बताया कि रविवार सुबह वह छत पर कपड़े सुखाने के लिए गई थीं। परिवार के अन्य सदस्य उस समय नीचे मौजूद थे। आसपास की छतों पर अचानक बंदरों का झुंड आ गया।
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इससे पहले कि वह कुछ समझ पातीं झुंड में शामिल एक बंदर ने उन पर हमला कर दिया। बंदर ने उनके कान को बुरी तरह नोच दिया। अचानक हुए हमले से वह घबरा गईं। वहीं बंदर के हमले से उनके कान से खून बहने लगा। महिला ने शोर मचाया तो परिवार के लोग ऊपर आने लगे।
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लोगों की आवाज सुनकर बंदर वहां से भाग गया। भगवान देवी ने नीचे आकर परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां पर चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और कान पर 8 टांके लगाए।
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बंदरों से बचाव के लिए छत से कूद चुकीं दो महिलाएं
शहर में बंदरों के आतंक से आमजन बेहद परेशान हैं। बंदरों के हमले के डर से दो महिलाओं की टांगें टूट चुकी हैं। करीब दो साल पहले भीमां बस्ती में बंदरों के हमले के दौरान महिला छत से कूद गई थी जिससे उसकी टांगें टूट गई थी। इसके बाद शिव चौक में भी एक ऐसे ही हादसे में महिला की टांगें टूटी थी।
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बंदरों को पकड़ने का ठेका, फिर भी हालात खराब
नगर परिषद ने शहर में बंदरों को पकड़ने के लिए निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। एजेंसी के पास अक्तूबर माह तक का ठेका है लेकिन हालात ये है कि शहर में बंदरों का आतंक जारी है। नगर परिषद के एसआई महेश का कहना है कि अगर कहीं बंदरों की समस्या है तो कार्यालय में सूचना जरूर दें। एजेंसी इन बंदरों को पकड़कर जंगल में छोड़ेगी।