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Fatehabad News: पुराने कृषि-मौसम यंत्रों को हटाकर लगेंगे नए नया कृषि स्वचालित मौसम स्टेशन

संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Mon, 23 Mar 2026 11:06 PM IST
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Old agro-meteorological instruments will be replaced with new automatic agricultural weather stations
फतेहाबाद के लघुसचिवालय में लगा प्रदूषण मापक यंत्र स्त्रोत लाइब्रेरी
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फतेहाबाद। कृषि विज्ञान केंद्र ढाणी बिकानेरी में पुराने कृषि मौसम यंत्रों को हटाकर नया हाईटेक स्वचलित मौसम स्टेशन लगाने की तैयारी चल रही है। बाढ़ के दौरान पुराने यंत्र में खराबी आ गई थी। अब इसे हटाकर अत्याधुनिक यंत्र स्थापित किया जाएगा। विभाग के अधिकारियों ने करीब एक माह पहले इसका निरीक्षण भी कर लिया है। कृषि विज्ञान केंद्र के सब्जी विशेषज्ञ डॉ. ओमप्रकाश ने इसकी पुष्टि की है।
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अधिकारियों का कहना है कि अचानक होने वाले मौसम बदलाव और अनिश्चित परिस्थितियों से किसानों को अक्सर भारी नुकसान उठाना पड़ता है। पुराने यंत्रों से सटीक जानकारी न मिलने के कारण फसलें बर्बाद हो जाती थीं। नए हाईटेक यंत्रों से किसानों को मौसम की बदलती स्थिति की त्वरित और सटीक जानकारी मिल सकेगी, जिससे खेती संबंधी कार्यों में समायोजन किया जा सकेगा।
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने प्रदेश के आठ जिलों में ऐसे आधुनिक न्यू एग्रो-आटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है। इन यंत्रों में उच्च क्षमता के सेंसर लगे हैं जो वायुमंडलीय दबाव, हवा की गति और दिशा, तापमान, सापेक्ष आर्द्रता और वर्षा की मात्रा को माइक्रो-सेकेंड में मापने में सक्षम हैं।
इस नई प्रणाली से किसान पहले से जान पाएंगे कि अगले कुछ दिनों में मौसम कैसा रहेगा। बेमौसम बारिश, तेज हवा या अन्य अनियमितताओं के कारण पकने को तैयार फसलें बर्बाद होने से बचेंगी। किसान इस जानकारी के आधार पर सिंचाई, खाद और कीट नाशक स्प्रे जैसे कार्यों का सही समय तय कर सकेंगे।
नई डिजिटल डेटा लॉगिंग प्रणाली न केवल मौसम पूर्वानुमान को सटीक बनाएगी बल्कि वास्तविक समय में डेटा उपलब्ध कराने के कारण खेती को जोखिम मुक्त करने में भी मददगार साबित होगी। इससे उनकी फसल सुरक्षा बढ़ेगी और आर्थिक नुकसान भी कम उठाना पड़ेगा।
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भविष्य में मौसम की भी देगा जानकारी
अधिकारियों के अनुसार ये यंत्र प्रतिदिन की मौसम गतिविधियों को नोट करने के साथ-साथ पांच से सात दिन बाद होने वाले मौसमी बदलावों का भी एकदम सटीक पूर्वानुमान देंगे। इससे किसानों को खेती से जुड़े कार्य में आसानी होगी।
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लघु सचिवालय में लगा है प्रदूषण मापक यंत्र
जिला लघु सचिवालय में प्रशासन की तरफ से प्रदूषण मापक यंत्र लगाया गया है। इससे पर्यावरण में प्रदूषण और तापमान की जानकारी मिलती है। जिले में यहां एकमात्र प्रदूषण मापक यंत्र है।
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