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Fatehabad News: गांव ढिंगसरा में पेयजल को तरसे लोग, 4 दिन में मिल रही आपूर्ति
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गांव ढिंगसरा के जलघर में बनी पानी डिग्गी, जिसमें मात्र दो फीट पानी है। स्रोत ग्रामीण
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फतेहाबाद। गांव ढिंगसरा के जलघर के टैंक जर्जर होने से पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित है। करीब आठ हजार की आबादी वाले इस गांव में चार दिन के बाद पेयजल की आपूर्ति होती है। इस कारण ग्रामीणों को मजबूरन पानी के टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। वहीं लोगों को ट्यूबवेल के पानी आपूर्ति दी जा रही है।
ग्रामीण अरुण, रमेश, दीपचंद और रोहतास ने बताया कि गांव का जलघर वर्ष 1984 में बनाया गया था। उस समय आबादी के अनुसार यहां पर दो डिग्गियों का निर्माण किया गया। उसके बाद एक नई डिग्गी का निर्माण करवाया गया है। इस डिग्गी का आकार छोटा है। वहीं 42 वर्ष पुरानी दोनों डिग्गियों में कई जगह दरारें आ चुकी हैं। इन दरारों से पानी रिसता रहता है जिससे पानी का स्टोरेज ज्यादा दिनों तक नहीं रुक पा रहा है।
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माइनर से जलघर की पाइपलाइन जर्जर
ग्रामीणों के अनुसार जलघर में पानी की आपूर्ति करीब तीन किलोमीटर दूर डिंग माइनर से होती है। यह सीमेंट पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूटी हुई है। लीकेज के कारण नहर से जलघर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद मरम्मत के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं। ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग से जलघर के पुनर्निर्माण और पाइपलाइन बदलने की मांग की है।
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चार दिन में एक बार हो रही सप्लाई
डिग्गियों में पानी नहीं ठहरने से पेयजल की बर्बादी हो रही है। इससे ढिंगसरा गांव में नियमित पानी की सप्लाई ठप है। वहीं हर चौथे दिन केवल 45 मिनट की पानी की आपूर्ति मिलती है। ग्रामीणों ने बताया कि दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह सप्लाई पर्याप्त नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं या फिर खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी ढोना पड़ रहा है।
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जलघर का निर्माण वर्ष 1984 में करवाया गया था। उसके बाद से अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। घरों में 4-4 दिन में पेयजल की आपूर्ति मिल रही है। इससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- प्रमोद सिंह, ग्रामीण।
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डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली पाइपलाइन कई जगह से लीकेज है। इसको तुरंत बदला या ठीक किया जाए ताकि जलघर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके। साथ ही परिसर की साफ-सफाई भी रहनी चाहिए।
- पृथ्वी सिंह, ग्रामीण।
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गांव की आबादी के अनुसार हर दिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही जलघर की मरम्मत और सफाई भी करवाई जाए। वर्ष 1984 के पुराने ढांचे की जगह आधुनिक और मजबूत डिग्गियों का निर्माण हो।
- कालू सिंह, ग्रामीण।
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जनस्वास्थ्य विभाग को इन डिग्गियां का मरम्मत कार्य करवाना चाहिए ताकि गर्मी के सीजन में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन से मांग है कि जलघर की देखरेख सही से करवाए।
- भूप सिंह, ग्रामीण।
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:: नहर से लेकर जलघर को सप्लाई देने वाली पाइपलाइन को डिंग माइनर से हटाकर से फतेहाबाद ब्रांच में जोड़ा जाने का काम जारी है। इससे जलघर में पर्याप्त पानी पहुंचेगा। पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
- चंद्रमोहन, जेई, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, फतेहाबाद।
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ग्रामीण अरुण, रमेश, दीपचंद और रोहतास ने बताया कि गांव का जलघर वर्ष 1984 में बनाया गया था। उस समय आबादी के अनुसार यहां पर दो डिग्गियों का निर्माण किया गया। उसके बाद एक नई डिग्गी का निर्माण करवाया गया है। इस डिग्गी का आकार छोटा है। वहीं 42 वर्ष पुरानी दोनों डिग्गियों में कई जगह दरारें आ चुकी हैं। इन दरारों से पानी रिसता रहता है जिससे पानी का स्टोरेज ज्यादा दिनों तक नहीं रुक पा रहा है।
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माइनर से जलघर की पाइपलाइन जर्जर
ग्रामीणों के अनुसार जलघर में पानी की आपूर्ति करीब तीन किलोमीटर दूर डिंग माइनर से होती है। यह सीमेंट पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूटी हुई है। लीकेज के कारण नहर से जलघर तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। बार-बार शिकायतों के बावजूद मरम्मत के नाम पर केवल आश्वासन मिलते हैं। ग्रामीणों ने जनस्वास्थ्य विभाग से जलघर के पुनर्निर्माण और पाइपलाइन बदलने की मांग की है।
चार दिन में एक बार हो रही सप्लाई
डिग्गियों में पानी नहीं ठहरने से पेयजल की बर्बादी हो रही है। इससे ढिंगसरा गांव में नियमित पानी की सप्लाई ठप है। वहीं हर चौथे दिन केवल 45 मिनट की पानी की आपूर्ति मिलती है। ग्रामीणों ने बताया कि दैनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए यह सप्लाई पर्याप्त नहीं है। मजबूरी में ग्रामीणों को महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं या फिर खेतों में लगे ट्यूबवेल से पानी ढोना पड़ रहा है।
जलघर का निर्माण वर्ष 1984 में करवाया गया था। उसके बाद से अभी तक कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। घरों में 4-4 दिन में पेयजल की आपूर्ति मिल रही है। इससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- प्रमोद सिंह, ग्रामीण।
डिंग माइनर से जलघर तक आने वाली पाइपलाइन कई जगह से लीकेज है। इसको तुरंत बदला या ठीक किया जाए ताकि जलघर में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंच सके। साथ ही परिसर की साफ-सफाई भी रहनी चाहिए।
- पृथ्वी सिंह, ग्रामीण।
गांव की आबादी के अनुसार हर दिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही जलघर की मरम्मत और सफाई भी करवाई जाए। वर्ष 1984 के पुराने ढांचे की जगह आधुनिक और मजबूत डिग्गियों का निर्माण हो।
- कालू सिंह, ग्रामीण।
जनस्वास्थ्य विभाग को इन डिग्गियां का मरम्मत कार्य करवाना चाहिए ताकि गर्मी के सीजन में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशासन से मांग है कि जलघर की देखरेख सही से करवाए।
- भूप सिंह, ग्रामीण।
:: नहर से लेकर जलघर को सप्लाई देने वाली पाइपलाइन को डिंग माइनर से हटाकर से फतेहाबाद ब्रांच में जोड़ा जाने का काम जारी है। इससे जलघर में पर्याप्त पानी पहुंचेगा। पाइपलाइन डालने का काम शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि इस माह के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा।
- चंद्रमोहन, जेई, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, फतेहाबाद।
