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Fatehabad News: बिजली बिल में हेराफेरी का शॉर्ट-सर्किट, मीटर जल रहे तो कहीं चोरी

संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sat, 10 Jan 2026 11:29 PM IST
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Short-circuit of tampering with electricity bills, meters burning and theft elsewhere
फतेहाबाद की हंस कॉलोनी में टूटे हुए बिजली के मीटर। फाइल फोटो
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फतेहाबाद। शहर में बिजली के मीटर जलने या चोरी हाेने के मामले बढ़ रहे हैं। पिछले सात माह में लगभग 750 बिजली के मीटर जल चुके हैं। यही नहीं शहर में 8 बिजली मीटर चोरी भी हो चुके हैं। जबकि बिजली का मीटर प्लास्टिक का बना होता है, ऐसे में इनको कबाड़ी भी नहीं खरीदता।
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वहीं मीटर चोरी होने की शिकायत पर बिजली निगम ने भी जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजली निगम की ओर से ऐसे उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जाएगी। अक्सर चोरी उसी वस्तु की होती है जिसका कोई आर्थिक मूल्य हो। बिजली के मीटरों के मामले में स्थिति अलग है। उनको तो कोई कबाड़ी भी नहीं खरीदते। कारण इनमें मौजूद प्लास्टिक और चिप्स का पुनर्चक्रण नहीं है।
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वहीं इस बारे में निगम के कर्मचारियों का कहना है कि मीटर चोरी की घटनाओं के पीछे कोई गिरोह नहीं, बल्कि खुद उपभोक्ता ही हो सकते हैं। मीटर चोरी की शिकायत का मुख्य उद्देश्य अक्सर बिजली चोरी के सबूत मिटाना या मीटर रीडिंग में हेरफेर की कार्रवाई से बचना होता है।

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उपभोक्ता ही मीटर को पहुंचा रहे नुकसान

निगम की ओर से जारी जांच के कई मामलों में उपभोक्ता खुद मीटरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मीटर को जानबूझकर बंद करना या उसे जलने की स्थिति में पहुंचाना एक आम समस्या बनती जा रही है। इसके पीछे का उद्देश्य मीटर की रफ्तार कम करना या जुर्माने से बचना होता है। इसको लेकर बिजली निगम हर जले मीटर की लैब में जांच करते हैं। यदि मीटर के साथ छेड़छाड़ पाई गई, तो इसे केवल तकनीकी खराबी नहीं माना जाएगा। यदि उपभोक्ता मीटर की सुरक्षा करने में विफल रहता है या जानबूझकर उसे नुकसान पहुंचाता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, नए मीटर का खर्च भी उपभोक्ता को ही वहन करना होगा। मीटर चोरी होने की स्थिति में उपभोक्ता को तुरंत पुलिस रिपोर्ट दर्ज करानी होगी, अन्यथा निगम इसे बिजली चोरी की श्रेणी में रखकर कार्रवाई करेगा।

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:: बिजली के मीटर सार्वजनिक संपत्ति हैं और इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उपभोक्ता की भी है। मीटर चोरी या जलने की बढ़ती घटनाएं निगम को वित्तीय नुकसान पहुंचा रही हैं। कई बार लोड अधिक होने या तकनीकी खराबी होने से मीटर जल सकते हैं, लेकिन ज्यादातर मीटर सबूत मिटाने के लिए जलाएं जाने की आशंका रहती हैं।

-रविंद्र, एसडीओ, शहरी उपकेंद्र बिजली निगम, फतेहाबाद।
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