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Fatehabad News: बदलते नशे का स्वरूप बनी चिंता की लकीर, युवाओं का भविष्य संकट में
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:42 PM IST
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र संवाद
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फतेहाबाद। जिले में नशे का स्वरूप तेजी से बदलता दिखाई दे रहा है। हेरोइन नशे की बढ़ती कीमतों और पुलिस की सख्ती के चलते अब युवा वर्ग मेडिकल नशे की ओर जा रहे हैं। नशे की गोलियों, कैप्सूल और इंजेक्शनों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है जिससे नशे का नया पैटर्न सामने आ रहा है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कई तस्करों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दिल्ली से नशे की दवाओं की सप्लाई जिले तक पहुंच रही है। नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले मरीजों की काउंसिलिंग में भी यह बात सामने आई है कि युवा नशे की गोलियों को घोलकर इंजेक्शन के माध्यम से नस में लगा रहे हैं। इन दवाओं की आसान उपलब्धता और कम कीमत भी चिंता का विषय बनी हुई है। ये गोलियां 250 से 300 रुपये में मिल जाती हैं।
हाल ही में टोहाना क्षेत्र में पुलिस ने 5900 नशे की गोलियां बरामद की थीं। इसी वर्ष मई माह में 2555 नशे की गोलियों की बरामदगी भी की गई जबकि 1 किलो 510 ग्राम हेरोइन भी पुलिस के हाथ लगी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 में 219 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जो वर्ष 2025 में बढ़कर 295 तक पहुंच गई।
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इसी अवधि में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 434 से बढ़कर 645 हो गई जो करीब 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। सबसे चिंताजनक स्थिति नशे की गोलियों और कैप्सूल की बरामदगी को लेकर है। वर्ष 2024 में 16,934 टैबलेट बरामद हुई थीं जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.75 लाख तक पहुंच गया है। इसके अलावा 250 नशीले इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब नशे का तरीका बदल रहा है। युवा वर्ग तेजी से गोलियों व इंजेक्शनों के जरिए नशे की गिरफ्त में आ रहा है। यह स्थिति सामाजिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से गंभीर चुनौती बनती जा रही है जिस पर रोकथाम के प्रयास लगातार तेज किए जा रहे हैं।
-
वर्ष 2025 में 8 किलो से ज्यादा हेरोइन पकड़ी
हेरोइन की बरामदगी में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 1431.71 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी जबकि 2025 में यह मात्रा बढ़कर 8102.729 ग्राम हो गई। चूरा पोस्त, गांजा और चरस की बरामदगी में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पहली बार 9.72 ग्राम कोकीन भी बरामद की गई।
-
वर्ष
दर्ज अभियोग
गिरफ्तार आरोपी
2024
219
434
2025
295
645
-
नशीले पदार्थों की बरामदगी (तुलनात्मक विवरण)
नशीला पदार्थ
2024
2025
अफीम
23.131 किग्रा
15.529 किग्रा
चूरा पोस्त
2036.181 किग्रा
2118.696 किग्रा
चरस
0.16 ग्राम
18.158 किग्रा
गांजा
594.297 किग्रा 648.947 किग्रा
हेरोइन 1431.71 ग्राम
8102.729 ग्राम
कोकीन —
9.72 ग्राम
नशे की गोलियां
16,934
1,75,000
नशे के इंजेक्शन
—
250
पोस्त पौधे
1393 325
कॉमर्शियल मात्रा के 25
41
-
नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। काउंसिलिंग दौरान सामने आ रहा है कि युवा पहले हेरोइन नशा ज्यादा ले रहा था लेकिन अब वे नशे की गोलियां घोलकर ले रहे हैं। इसका असर सीधा हृदय पर पड़ता है जिससे मौत की आशंका बढ़ जाती है।
- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक।
-
नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस टीम ने हाल ही में नशे की गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं। सप्लायर भी पकड़े गए हैं। लोगों को भी नशे से दूर रहने के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
- निकिता खट्टर, एसपी।
पुलिस कार्रवाई के दौरान पकड़े गए कई तस्करों से पूछताछ में यह तथ्य सामने आया है कि दिल्ली से नशे की दवाओं की सप्लाई जिले तक पहुंच रही है। नशा मुक्ति केंद्रों में आने वाले मरीजों की काउंसिलिंग में भी यह बात सामने आई है कि युवा नशे की गोलियों को घोलकर इंजेक्शन के माध्यम से नस में लगा रहे हैं। इन दवाओं की आसान उपलब्धता और कम कीमत भी चिंता का विषय बनी हुई है। ये गोलियां 250 से 300 रुपये में मिल जाती हैं।
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हाल ही में टोहाना क्षेत्र में पुलिस ने 5900 नशे की गोलियां बरामद की थीं। इसी वर्ष मई माह में 2555 नशे की गोलियों की बरामदगी भी की गई जबकि 1 किलो 510 ग्राम हेरोइन भी पुलिस के हाथ लगी थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 में 219 प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जो वर्ष 2025 में बढ़कर 295 तक पहुंच गई।
इसी अवधि में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 434 से बढ़कर 645 हो गई जो करीब 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। सबसे चिंताजनक स्थिति नशे की गोलियों और कैप्सूल की बरामदगी को लेकर है। वर्ष 2024 में 16,934 टैबलेट बरामद हुई थीं जबकि वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 1.75 लाख तक पहुंच गया है। इसके अलावा 250 नशीले इंजेक्शन भी पुलिस ने बरामद किए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब नशे का तरीका बदल रहा है। युवा वर्ग तेजी से गोलियों व इंजेक्शनों के जरिए नशे की गिरफ्त में आ रहा है। यह स्थिति सामाजिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टि से गंभीर चुनौती बनती जा रही है जिस पर रोकथाम के प्रयास लगातार तेज किए जा रहे हैं।
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वर्ष 2025 में 8 किलो से ज्यादा हेरोइन पकड़ी
हेरोइन की बरामदगी में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में 1431.71 ग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी जबकि 2025 में यह मात्रा बढ़कर 8102.729 ग्राम हो गई। चूरा पोस्त, गांजा और चरस की बरामदगी में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं पहली बार 9.72 ग्राम कोकीन भी बरामद की गई।
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वर्ष
दर्ज अभियोग
गिरफ्तार आरोपी
2024
219
434
2025
295
645
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नशीले पदार्थों की बरामदगी (तुलनात्मक विवरण)
नशीला पदार्थ
2024
2025
अफीम
23.131 किग्रा
15.529 किग्रा
चूरा पोस्त
2036.181 किग्रा
2118.696 किग्रा
चरस
0.16 ग्राम
18.158 किग्रा
गांजा
594.297 किग्रा 648.947 किग्रा
हेरोइन 1431.71 ग्राम
8102.729 ग्राम
कोकीन —
9.72 ग्राम
नशे की गोलियां
16,934
1,75,000
नशे के इंजेक्शन
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250
पोस्त पौधे
1393 325
कॉमर्शियल मात्रा के 25
41
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नशा मुक्ति केंद्र में मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। काउंसिलिंग दौरान सामने आ रहा है कि युवा पहले हेरोइन नशा ज्यादा ले रहा था लेकिन अब वे नशे की गोलियां घोलकर ले रहे हैं। इसका असर सीधा हृदय पर पड़ता है जिससे मौत की आशंका बढ़ जाती है।
- डॉ. गिरीश, मनोचिकित्सक।
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नशा तस्करों पर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस टीम ने हाल ही में नशे की गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं। सप्लायर भी पकड़े गए हैं। लोगों को भी नशे से दूर रहने के बारे में लगातार जागरूक किया जा रहा है।
- निकिता खट्टर, एसपी।