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Fatehabad News: महिला का सब इंस्पेक्टर पर आरोप कहा- प्राथमिकी में बदल दिए बयान
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 19 May 2026 11:23 PM IST
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उपचाराधीन महिला सावित्री देवी
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रतिया। गांव लालवास निवासी सावित्री ने सदर थाना रतिया में तैनात सब इंस्पेक्टर पर उसके दिए गए बयानों के तहत प्राथमिकी न दर्ज करने के आरोप लगाए हैं। महिला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता महिला ने शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया कि 13 मई 2026 को गांव लालवास में खेत ढाणी में गांव खैरपुर के तीन-चार लोगों ने खेत में पानी देने के विवाद में उसके साथ मारपीट, जानलेवा हमला, कपड़े फाड़ने, सोने की चेन छीनने तथा पिस्तौल दिखाकर धमकाने की वारदात हुई थी। महिला का कहना है कि इस झगड़े में घायल होने के बाद उसे पहले नागरिक अस्पताल रतिया और बाद में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि 16 मई को सदर थाना रतिया में तैनात सब इंस्पेक्टर राजबाला और एक वर्दीधारी कर्मचारी अग्रोहा अस्पताल पहुंचे थे जहां उनके द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए। महिला ने शिकायत में बताया कि बयान पढ़कर सुनाए जाने के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी लेकिन बाद में एफआईआर में उसके मूल बयानों को तोड़-मरोड़ कर मात्र लड़ाई-झगड़े की बात लिख कर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
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महिला ने एसपी निकिता खट्टर को दी शिकायत में मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महिला जांच अधिकारी राज ने बताया कि महिला के बयानों के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
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शिकायतकर्ता महिला ने शिकायत में आरोप लगाते हुए बताया कि 13 मई 2026 को गांव लालवास में खेत ढाणी में गांव खैरपुर के तीन-चार लोगों ने खेत में पानी देने के विवाद में उसके साथ मारपीट, जानलेवा हमला, कपड़े फाड़ने, सोने की चेन छीनने तथा पिस्तौल दिखाकर धमकाने की वारदात हुई थी। महिला का कहना है कि इस झगड़े में घायल होने के बाद उसे पहले नागरिक अस्पताल रतिया और बाद में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था।
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महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि 16 मई को सदर थाना रतिया में तैनात सब इंस्पेक्टर राजबाला और एक वर्दीधारी कर्मचारी अग्रोहा अस्पताल पहुंचे थे जहां उनके द्वारा उसके बयान दर्ज किए गए। महिला ने शिकायत में बताया कि बयान पढ़कर सुनाए जाने के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई थी लेकिन बाद में एफआईआर में उसके मूल बयानों को तोड़-मरोड़ कर मात्र लड़ाई-झगड़े की बात लिख कर प्राथमिकी दर्ज कर दी गई।
महिला ने एसपी निकिता खट्टर को दी शिकायत में मांग की है कि मामले की जांच कर संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। महिला जांच अधिकारी राज ने बताया कि महिला के बयानों के आधार पर ही प्राथमिकी दर्ज की गई है। लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं।