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Fatehabad News: नप के पास 80 करोड़, फिर भी शहर बदहाल
Mon, 13 Jul 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 13 Jul 2026 01:01 AM IST
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फतेहाबाद। हिसार-सिरसा रोड पर फैला कचरा। स्त्रोत : संस्था
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फतेहाबाद। नगर परिषद के बैंक खातों में करीब 80 करोड़ रुपये जमा होने के बावजूद शहर की मूलभूत समस्याएं जस की तस रहने पर जागो संस्था ने सवाल उठाए हैं। संस्था ने उपायुक्त डा. विवेक भारती से हस्तक्षेप कर नगर परिषद की कार्यप्रणाली की समीक्षा कराने तथा शहर के लिए समयबद्ध विकास रोडमैप तैयार करवाने की मांग की है। साथ ही इसकी शिकायत ऑनलाइन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को भेजी है।
संस्था के प्रधान देवेंद्र दहिया और महासचिव ब्राइट गोदारा ने कहा कि यह राशि शहरवासियों द्वारा हाउस टैक्स और अन्य करों के रूप में जमा कराई गई है। इसके बावजूद अधिकांश वार्डों और गलियों में नियमित सफाई नहीं हो रही। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं जबकि मानसून शुरू होने के बावजूद नालों और गलियों की सफाई संतोषजनक नहीं है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बारिश के दौरान लोगों को जलभराव और गंदगी की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
उन्होंने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों, बेसहारा पशुओं और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को इनके काटने की घटनाएं सामने आई हैं लेकिन इन्हें पकड़ने के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया। इससे नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है। संस्था ने आरोप लगाया कि शहर की अनेक गलियों का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है।
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शहर के सुंदरीकरण के नाम पर भी कोई ठोस कार्य दिखाई नहीं दे रहा। मुख्य बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित है और नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने उपायुक्त से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर जवाबदेही तय करने और शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।
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संस्था के प्रधान देवेंद्र दहिया और महासचिव ब्राइट गोदारा ने कहा कि यह राशि शहरवासियों द्वारा हाउस टैक्स और अन्य करों के रूप में जमा कराई गई है। इसके बावजूद अधिकांश वार्डों और गलियों में नियमित सफाई नहीं हो रही। कई स्थानों पर कचरे के ढेर लगे हैं जबकि मानसून शुरू होने के बावजूद नालों और गलियों की सफाई संतोषजनक नहीं है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो बारिश के दौरान लोगों को जलभराव और गंदगी की समस्या झेलनी पड़ सकती है।
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उन्होंने कहा कि शहर में आवारा कुत्तों, बेसहारा पशुओं और बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले कुछ दिनों में कई लोगों को इनके काटने की घटनाएं सामने आई हैं लेकिन इन्हें पकड़ने के लिए कोई प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया। इससे नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है। संस्था ने आरोप लगाया कि शहर की अनेक गलियों का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है।
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शहर के सुंदरीकरण के नाम पर भी कोई ठोस कार्य दिखाई नहीं दे रहा। मुख्य बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित है और नागरिकों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। संस्था ने उपायुक्त से पूरे मामले में हस्तक्षेप कर जवाबदेही तय करने और शहर के विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।