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Hisar News: 14 दिन चला आंदोलन खत्म, धरनास्थल से उखाड़े टेंट
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लघु सचिवालय के बाहर धरना समाप्त होने के बाद टेंट हटाते हुए।
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हिसार। सूर्य नगर डेयरी संचालक जीवन कुंडू हत्याकांड में 14 दिन से चल रहा आंदोलन सोमवार को खत्म हो गया। मंगलवार को गांंव किनाला में जीवन का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
आंदोलन खत्म होने के साथ ही लघु सचिवालय के सामने लगे टेंट को उखाड़ लिया और गद्दे उठा लिए गए। उधर, हांसी में उपद्रव मामले में गिरफ्तार कर भौंडसी जेल भेजे गए 10 लोग शाम को जमानत पर रिहा कर दिया। इनमें किसान नेता शमशेर सिंह नंबरदार, सुरेश कौथ, सुरेंद्र हिसार, सुभाषचंद्र गांव नहला, सतपाल लाडवा, सुमित गांव चिड़ी रोहतक, रणबीर गांव उमरा, वजीर सिंह लाडवा, जगमहेंद्र बहु अकबरपुर व सुलेंद्र किनाला शामिल हैं।
पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के 12 वाहन अभी हांसी पुलिस के कब्जे हैं। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर जीवन कुंडू को श्रद्धांजलि दें। अंतिम दिन जीवन के पिता बिजेंद्र, पत्नी रमन और बहन गीता धरना स्थल पर नहीं आए।
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पिछले एक दशक में सबसे लंबा चला आंदोलन
जीवन का अंतिम संस्कार 14 दिन तक नहीं किया जा सका। माना जा रहा है कि इस तरह का पिछले एक दशक में यह सबसे लंबा आंदोलन है। इससे पहले गणेश हत्याकांड में 11वें दिन शव का अंतिम संस्कार किया गया था। गणेश की मौत 7 जुलाई 2025 की रात छत से गिरकर हुई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस बचने के लिए वह छत पर चढ़ा। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर छत से धक्का दे दिया।
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आंदोलन खत्म होने के साथ ही लघु सचिवालय के सामने लगे टेंट को उखाड़ लिया और गद्दे उठा लिए गए। उधर, हांसी में उपद्रव मामले में गिरफ्तार कर भौंडसी जेल भेजे गए 10 लोग शाम को जमानत पर रिहा कर दिया। इनमें किसान नेता शमशेर सिंह नंबरदार, सुरेश कौथ, सुरेंद्र हिसार, सुभाषचंद्र गांव नहला, सतपाल लाडवा, सुमित गांव चिड़ी रोहतक, रणबीर गांव उमरा, वजीर सिंह लाडवा, जगमहेंद्र बहु अकबरपुर व सुलेंद्र किनाला शामिल हैं।
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पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के 12 वाहन अभी हांसी पुलिस के कब्जे हैं। धरना स्थल पर किसान नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर जीवन कुंडू को श्रद्धांजलि दें। अंतिम दिन जीवन के पिता बिजेंद्र, पत्नी रमन और बहन गीता धरना स्थल पर नहीं आए।
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पिछले एक दशक में सबसे लंबा चला आंदोलन
जीवन का अंतिम संस्कार 14 दिन तक नहीं किया जा सका। माना जा रहा है कि इस तरह का पिछले एक दशक में यह सबसे लंबा आंदोलन है। इससे पहले गणेश हत्याकांड में 11वें दिन शव का अंतिम संस्कार किया गया था। गणेश की मौत 7 जुलाई 2025 की रात छत से गिरकर हुई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस बचने के लिए वह छत पर चढ़ा। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा कर छत से धक्का दे दिया।