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Hisar News: बासड़ा सब माइनर के लिए 8.52 करोड़ मंजूर
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हिसार। बालसमंद क्षेत्र की नहरी एवं पेयजल समस्याओं के स्थायी समाधान को लेकर 3 जून 2026 को चंडीगढ़ में सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के समक्ष रखी गई सात प्रमुख मांगों में से एक पूरी हो गई है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बासड़ा सब माइनर नंबर-2 के पुनर्वास के लिए 8 करोड़ 51 लाख 91 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी प्रदान की है।
बैठक में कुरड़ाराम नंबरदार और पारस लौरा सहित किसान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए मांगें रखी थीं।
बासड़ा सब माइनर नंबर-2 को आरडी 0 से आरडी 23050 तक पुनर्वासित किया जाएगा। यह कार्य ‘मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैनाल’ के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में कराया जाएगा। कुरड़ाराम ने कहा कि मंजूरी मिलना क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत है। बासड़ा सब माइनर सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके पुनर्वास की लंबे समय से आवश्यकता थी। उन्होंने संबंधित विभाग से आगामी प्रक्रिया जल्द पूरी कर कार्य धरातल पर शुरू कराने की मांग की।
पारस ने इसे किसानों के लिए सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि शेष मांगों में किशनगढ़ सब ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ना, राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से सीसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराना, बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक रीमॉडलिंग, बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाना, मानसून अवधि में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना तथा अमर सिंह ब्रांच नहर को लाडवी के पास बालसमंद नहर से जोड़ने की योजना को प्राथमिकता देना शामिल है।
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बैठक में कुरड़ाराम नंबरदार और पारस लौरा सहित किसान प्रतिनिधियों ने क्षेत्र की सिंचाई एवं पेयजल व्यवस्था के स्थायी समाधान के लिए मांगें रखी थीं।
बासड़ा सब माइनर नंबर-2 को आरडी 0 से आरडी 23050 तक पुनर्वासित किया जाएगा। यह कार्य ‘मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैनाल’ के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में कराया जाएगा। कुरड़ाराम ने कहा कि मंजूरी मिलना क्षेत्र के किसानों के लिए बड़ी राहत है। बासड़ा सब माइनर सिंचाई व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसके पुनर्वास की लंबे समय से आवश्यकता थी। उन्होंने संबंधित विभाग से आगामी प्रक्रिया जल्द पूरी कर कार्य धरातल पर शुरू कराने की मांग की।
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पारस ने इसे किसानों के लिए सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि शेष मांगों में किशनगढ़ सब ब्रांच को बालसमंद क्षेत्र से जोड़ना, राजस्थान जाने वाली यमुना जल परियोजना से सीसवाला हेड पर कम से कम 200 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराना, बरवाला ब्रांच की आरडी 52000 से टेल तक रीमॉडलिंग, बालसमंद सब ब्रांच की क्षमता बढ़ाना, मानसून अवधि में पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना तथा अमर सिंह ब्रांच नहर को लाडवी के पास बालसमंद नहर से जोड़ने की योजना को प्राथमिकता देना शामिल है।
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