{"_id":"69f4ea4b7522df21b6087097","slug":"8000-rupees-per-school-will-be-given-for-cleaning-primary-schools-hisar-news-c-21-hsr1027-861285-2026-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: प्राथमिक विद्यालयों की सफाई के लिए 8 हजार रुपये प्रति स्कूल मिलेगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: प्राथमिक विद्यालयों की सफाई के लिए 8 हजार रुपये प्रति स्कूल मिलेगा
विज्ञापन
उकलाना क्षेत्र के आरोही विद्यालय गैबीपुर में डीईईओ रामरतन का स्वागत करते शिक्षाधिकारी और ग्रामी
विज्ञापन
हिसार। हरियाणा सरकार ने प्राथमिक विद्यालयों में स्वच्छता और रखरखाव को मजबूत करने के लिए स्वच्छ प्रांगण योजना के तहत प्रत्येक स्कूल के लिए 8,000 रुपये दिए गए हैं। चालू वर्ष 2026-27 के लिए कुल 3.71 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं जिससे प्रदेश के 4,641 प्राथमिक विद्यालयों को लाभ मिलेगा।
आरोही विद्यालय गैबीपुर में वीरवार को आयोजित बैठक में जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) रामरतन ने बताया कि इस योजना के तहत स्कूलों में सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और परिसर की देखरेख सुनिश्चित की जाएगी। राशि डीईईओ के माध्यम से स्कूलों तक पहुंचाई जाएगी।
इससे पहले शिक्षाधिकारियों और ग्रामीणों ने डीईईओ रामरतन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक राशि हिसार और नूंह (मेवात) को आवंटित की गई है। साथ ही अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने का आह्वान भी किया।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि केवल स्वीकृत मदों में ही खर्च की जाएगी और सभी स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक इसका उपयोग करना होगा। खर्च के बाद उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य रहेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्कूलों का वातावरण स्वच्छ होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। बैठक में बीईओ उकलाना सुरेश कुमार, बीईओ बरवाला जिले सिंह सहित आसपास के सभी स्कूलों के प्रभारी, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
योजना का उद्देश्य
स्कूल परिसर को स्वच्छ रखना।
नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करना।
बागवानी और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना।
स्वच्छ वातावरण में शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
मुख्य शर्तें
खर्च केवल स्वीकृत बजट के भीतर ही किया जाएगा।
सभी व्यय नियमों के अनुसार और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से होंगे।
राशि 31 मार्च 2027 तक उपयोग करना अनिवार्य।
कार्य पूर्ण होने के बाद उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी।
जिलावार स्कूल और स्वीकृत राशि
जिला — विद्यालय — राशि (रुपये में)
हिसार — 394 — 31,52,000
भिवानी — 265 — 21,20,000
चरखी दादरी — 161 — 12,88,000
फरीदाबाद — 82 — 6,56,000
फतेहाबाद — 202 — 16,16,000
गुरुग्राम — 234 — 18,72,000
अंबाला — 127 — 10,16,000
झज्जर — 174 — 13,92,000
जींद — 266 — 21,28,000
कैथल — 256 — 20,48,000
करनाल — 291 — 23,28,000
कुरुक्षेत्र — 259 — 20,72,000
महेंद्रगढ़ — 309 — 24,72,000
नूंह (मेवात) — 411 — 32,88,000
पलवल — 187 — 14,96,000
पंचकूला — 45 — 3,60,000
पानीपत — 211 — 16,88,000
रेवाड़ी — 225 — 18,00,000
रोहतक — 140 — 11,20,000
सिरसा — 72 — 5,76,000
सोनीपत — 161 — 12,88,000
यमुनानगर — 169 — 13,52,000
कुल — 4641 — 3,71,28,000
Trending Videos
आरोही विद्यालय गैबीपुर में वीरवार को आयोजित बैठक में जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) रामरतन ने बताया कि इस योजना के तहत स्कूलों में सफाई, हाउसकीपिंग, बागवानी और परिसर की देखरेख सुनिश्चित की जाएगी। राशि डीईईओ के माध्यम से स्कूलों तक पहुंचाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले शिक्षाधिकारियों और ग्रामीणों ने डीईईओ रामरतन का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सबसे अधिक राशि हिसार और नूंह (मेवात) को आवंटित की गई है। साथ ही अधिकारियों ने सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने और स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ने का आह्वान भी किया।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि केवल स्वीकृत मदों में ही खर्च की जाएगी और सभी स्कूलों को 31 मार्च 2027 तक इसका उपयोग करना होगा। खर्च के बाद उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना अनिवार्य रहेगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्कूलों का वातावरण स्वच्छ होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। बैठक में बीईओ उकलाना सुरेश कुमार, बीईओ बरवाला जिले सिंह सहित आसपास के सभी स्कूलों के प्रभारी, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य मौजूद रहे।
योजना का उद्देश्य
स्कूल परिसर को स्वच्छ रखना।
नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करना।
बागवानी और सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देना।
स्वच्छ वातावरण में शिक्षा को प्रोत्साहित करना।
मुख्य शर्तें
खर्च केवल स्वीकृत बजट के भीतर ही किया जाएगा।
सभी व्यय नियमों के अनुसार और सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से होंगे।
राशि 31 मार्च 2027 तक उपयोग करना अनिवार्य।
कार्य पूर्ण होने के बाद उपयोग प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी।
जिलावार स्कूल और स्वीकृत राशि
जिला — विद्यालय — राशि (रुपये में)
हिसार — 394 — 31,52,000
भिवानी — 265 — 21,20,000
चरखी दादरी — 161 — 12,88,000
फरीदाबाद — 82 — 6,56,000
फतेहाबाद — 202 — 16,16,000
गुरुग्राम — 234 — 18,72,000
अंबाला — 127 — 10,16,000
झज्जर — 174 — 13,92,000
जींद — 266 — 21,28,000
कैथल — 256 — 20,48,000
करनाल — 291 — 23,28,000
कुरुक्षेत्र — 259 — 20,72,000
महेंद्रगढ़ — 309 — 24,72,000
नूंह (मेवात) — 411 — 32,88,000
पलवल — 187 — 14,96,000
पंचकूला — 45 — 3,60,000
पानीपत — 211 — 16,88,000
रेवाड़ी — 225 — 18,00,000
रोहतक — 140 — 11,20,000
सिरसा — 72 — 5,76,000
सोनीपत — 161 — 12,88,000
यमुनानगर — 169 — 13,52,000
कुल — 4641 — 3,71,28,000
