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Hisar News: बैटरी चालित ई-सिटी बस के लिए अड्डे के लिए सफाई कार्य शुरू
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हिसार। शहर के रोडवेज अड्डा परिसर में बैटरी चालित ई-सिटी बस के लिए अड्डे का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए जेसीबी की सहायता से झाड़ियां हटाई जा रहीं हैं। यह कार्य एक साल में पूरा होने की उम्मीद है तभी यहां नए चार्जिंग प्वाइंट लग सकेंगे और बसों की संख्या बढ़ सकेगी।
हिसार डिपो के पास करीब 250 सामान्य बसें उपलब्ध हैं। इसलिए इसे प्रदेश के सबसे बड़े डिपो में गिना जाता है। यहां मिलीं नौ पिंक बसों में से कई खराब हो चुकी हैं। पिछले साल से पांच ई-बसों का बेड़ा संचालित है।
गांवों की संख्या अधिक होने के कारण यहां यात्रियों का भारी दबाव रहता है। इन बसों में रोजाना करीब 10,000 यात्री रोडवेज आवाजाही करते हैं। यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा देने के लिए जनवरी 2025 में 5 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया था।
शहर में पिछले साल से गंगवा और तोशाम रोड पर बाईपास तक पांच ई-सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। इनके लिए वहां एकमात्र चार्जिंग प्वाइंट बनाया गया है जबकि हर बस को रोज दो बार चार्ज करना पड़ता है और इसमें करीब दो घंटे का समय लगता है।
स्थापना के समय शहर में 50 ई-बसों का अलग से डिपो बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। हरे रंग की यह वातानुकूलित बसें टेंपो के किराये 20 रुपये से पांच रुपये कम पर मात्र 15 किराये में सुविधाजनक सफर करवा रहीं हैं।
अधिकतर यात्रियों ने इन बसों को काफी सराहा है। हालांकि इनमें अन्य वातानुकूलित बसों की भांति किसी प्रकार का मुफ्त या रियायती यात्रा पास और स्टाफ के किराये में छूट जैसी सुविधा नहीं मिलती। इस सेवा के ड्यूटी निरीक्षक सुरेश स्याहड्वा ने बताया कि इन बसों का संचालन सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।
पिछले साल से शहर 5 ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। अब इनकी संख्या 50 करने की योजना है। इनके लिए नौ चार्जिंग प्वाइंट और चाहिए। इसलिए पहले चरण में प्रस्तावित स्टेशन निर्माण स्थल को समतल करने के लिए जेसीबी लगाई गई है। वहां भवन बनने के बाद ही चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे और तभी ई-बसों की संख्या बढ़ सकेगी। - केशव, प्रभारी, सिटी बस सेवा, हिसार।
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हिसार डिपो के पास करीब 250 सामान्य बसें उपलब्ध हैं। इसलिए इसे प्रदेश के सबसे बड़े डिपो में गिना जाता है। यहां मिलीं नौ पिंक बसों में से कई खराब हो चुकी हैं। पिछले साल से पांच ई-बसों का बेड़ा संचालित है।
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गांवों की संख्या अधिक होने के कारण यहां यात्रियों का भारी दबाव रहता है। इन बसों में रोजाना करीब 10,000 यात्री रोडवेज आवाजाही करते हैं। यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा देने के लिए जनवरी 2025 में 5 ई-बसों का संचालन शुरू किया गया था।
शहर में पिछले साल से गंगवा और तोशाम रोड पर बाईपास तक पांच ई-सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। इनके लिए वहां एकमात्र चार्जिंग प्वाइंट बनाया गया है जबकि हर बस को रोज दो बार चार्ज करना पड़ता है और इसमें करीब दो घंटे का समय लगता है।
स्थापना के समय शहर में 50 ई-बसों का अलग से डिपो बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। हरे रंग की यह वातानुकूलित बसें टेंपो के किराये 20 रुपये से पांच रुपये कम पर मात्र 15 किराये में सुविधाजनक सफर करवा रहीं हैं।
अधिकतर यात्रियों ने इन बसों को काफी सराहा है। हालांकि इनमें अन्य वातानुकूलित बसों की भांति किसी प्रकार का मुफ्त या रियायती यात्रा पास और स्टाफ के किराये में छूट जैसी सुविधा नहीं मिलती। इस सेवा के ड्यूटी निरीक्षक सुरेश स्याहड्वा ने बताया कि इन बसों का संचालन सुचारू रूप से चलाया जा रहा है।
पिछले साल से शहर 5 ई-बसों का संचालन किया जा रहा है। अब इनकी संख्या 50 करने की योजना है। इनके लिए नौ चार्जिंग प्वाइंट और चाहिए। इसलिए पहले चरण में प्रस्तावित स्टेशन निर्माण स्थल को समतल करने के लिए जेसीबी लगाई गई है। वहां भवन बनने के बाद ही चार्जिंग प्वाइंट लगाए जाएंगे और तभी ई-बसों की संख्या बढ़ सकेगी। - केशव, प्रभारी, सिटी बस सेवा, हिसार।
