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Hisar News: बालसमंद में उप तहसील का आधार केंद्र तीन साल से बंद
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बालसमंद उप तहसील का बंद आधार केंद्र।
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बालसमंद। डिजिटल सेवाओं को घर-घर पहुंचाने के सरकारी दावों के बीच बालसमंद उप तहसील का आधार सेवा केंद्र पिछले करीब तीन वर्षों से बंद पड़ा है। इसके कारण क्षेत्र के 19 गांवों की सवा लाख से अधिक आबादी आधार कार्ड से जुड़े कार्यों के लिए परेशान है। लोगों को आधार बनवाने या संशोधन कराने के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर हिसार जाना पड़ रहा है।
बालसमंद उप तहसील में तीन वर्ष पहले तक प्रत्येक शुक्रवार को आधार कार्ड बनाने और संशोधन का कार्य होता था लेकिन इसके बंद होने के बाद नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, फोटो, बायोमेट्रिक अपडेट और नए आधार कार्ड बनवाने जैसे कार्यों के लिए लोगों को हिसार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उप तहसील के अंतर्गत 19 गांव आते हैं। इनमें अकेले बालसमंद की आबादी 17 हजार से अधिक है जबकि पूरे क्षेत्र की जनसंख्या सवा लाख से ज्यादा है। राजस्थान सीमा से सटे होने के कारण पहले पड़ोसी राज्य के लोग भी यहां आधार संबंधी कार्य करवाने आते थे। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी हिसार जाना पड़ता है जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के अभिभावकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि आधार केंद्र दोबारा शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य केंद्रों में भी नहीं मिल रही सुविधा
क्षेत्र में बालसमंद, डोभी और गावड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, लेकिन यहां नवजात शिशुओं के लिए भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आर्यनगर में भी आधार सेवा केंद्र नहीं है।
इन 19 गांवों के लोग हो रहे प्रभावित
बालसमंद उप तहसील के अंतर्गत बालसमंद, बांडाहेड़ी, बुड़ाक, बासड़ा, भिवानी रोहिल्ला, चौधरीवाली, धीरणवास, डोभी, गावड़, घुड़शाल, गोरछी, खारियां, रावलवास कलां, किरतान, सलेमगढ़, सरसाना, सीसवाला, सुंडावास और तेलनवाली गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के लोग आधार सेवाओं के अभाव में लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं।
कुछ समय पहले ही मैंने बालसमंद का कार्यभार संभाला है। यहां पहले आधार सुविधा उपलब्ध थी जो अब बंद है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत कर आमजन की सुविधा के लिए आधार केंद्र दोबारा शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
- धर्मपाल सिंह, नायब तहसीलदार, उप तहसील बालसमंद
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बालसमंद उप तहसील में तीन वर्ष पहले तक प्रत्येक शुक्रवार को आधार कार्ड बनाने और संशोधन का कार्य होता था लेकिन इसके बंद होने के बाद नाम, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर, फोटो, बायोमेट्रिक अपडेट और नए आधार कार्ड बनवाने जैसे कार्यों के लिए लोगों को हिसार के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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उप तहसील के अंतर्गत 19 गांव आते हैं। इनमें अकेले बालसमंद की आबादी 17 हजार से अधिक है जबकि पूरे क्षेत्र की जनसंख्या सवा लाख से ज्यादा है। राजस्थान सीमा से सटे होने के कारण पहले पड़ोसी राज्य के लोग भी यहां आधार संबंधी कार्य करवाने आते थे। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी हिसार जाना पड़ता है जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के अभिभावकों को विशेष रूप से परेशानी उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि आधार केंद्र दोबारा शुरू होने से हजारों लोगों को राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य केंद्रों में भी नहीं मिल रही सुविधा
क्षेत्र में बालसमंद, डोभी और गावड़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित हैं, लेकिन यहां नवजात शिशुओं के लिए भी आधार कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आर्यनगर में भी आधार सेवा केंद्र नहीं है।
इन 19 गांवों के लोग हो रहे प्रभावित
बालसमंद उप तहसील के अंतर्गत बालसमंद, बांडाहेड़ी, बुड़ाक, बासड़ा, भिवानी रोहिल्ला, चौधरीवाली, धीरणवास, डोभी, गावड़, घुड़शाल, गोरछी, खारियां, रावलवास कलां, किरतान, सलेमगढ़, सरसाना, सीसवाला, सुंडावास और तेलनवाली गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों के लोग आधार सेवाओं के अभाव में लंबे समय से परेशानी झेल रहे हैं।
कुछ समय पहले ही मैंने बालसमंद का कार्यभार संभाला है। यहां पहले आधार सुविधा उपलब्ध थी जो अब बंद है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत कर आमजन की सुविधा के लिए आधार केंद्र दोबारा शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
- धर्मपाल सिंह, नायब तहसीलदार, उप तहसील बालसमंद