{"_id":"6a528b2baf7653a53c0ef40e","slug":"inadequate-preparations-spell-trouble-for-the-public-even-a-little-rain-has-exposed-the-hollowness-of-the-claims-hisar-news-c-21-hsr1020-908605-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: अधूरी तैयारी, जनता पर भारी, जरा सी बारिश ने खोली दावों की पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: अधूरी तैयारी, जनता पर भारी, जरा सी बारिश ने खोली दावों की पोल
विज्ञापन
बस स्टैंड रोड गड्ढे में भरें पानी के आगे से गुजरती बस।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। शहर में शुक्रवार को हुई महज 16.6 एमएम बारिश ने नगर निगम और प्रशासन की मानसून तैयारियों की पोल खोल दी है। बारिश के बाद सड़कों पर गड्ढे और गहरे हो गए जबकि कई स्थानों पर खुले नालों में 24 घंटे बाद भी पानी भरा रहा। मानसून शुरू हुए 11 दिन बीत चुके हैं लेकिन शहर में बरसाती नालों, ड्रेनेज और सीवरेज लाइनों के कार्य अब भी अधूरे पड़े हैं।
लोगों को आशंका है कि यदि तेज बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। खुले नाले और अधूरी ड्रेनेज परियोजनाएं हादसों का कारण बन सकती हैं। मानसून से पहले बरसाती नालों की सफाई और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य पूरा किया जाना था लेकिन शहर के कई हिस्सों में अभी भी निर्माण और सफाई कार्य अधूरे हैं। पिछले वर्ष जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद इस बार भी तैयारियों में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दी।
ऑटो मार्केट क्षेत्र में नगर निगम ने सफाई के दौरान नालों के स्लैब उखाड़ दिए जिन्हें अब तक दोबारा नहीं लगाया गया है। खुले नाले और रास्तों में पड़े स्लैब व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
विज्ञापन
अर्बन एस्टेट में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही ड्रेनेज लाइन के कारण मुख्य सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। आजाद नगर में भी बरसाती ड्रेनेज का कार्य अधूरा है जबकि सीवरेज और नाला सफाई का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। शांति नगर के पास अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब 100 से 150 फीट सड़क दोनों ओर से उखड़ी हुई है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
जलभराव पर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं : बजरंग इंदल
हिसार। कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के स्टेट मीडिया कोऑर्डिनेटर एडवोकेट बजरंग इंदल ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित रहे आर्यनगर, पातन, गंगवा, कैमरी, दाहिमा, भोजराज और तोशाम रोड क्षेत्र की जर्जर सड़कों तथा जलभराव की समस्या को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है। पिछले वर्ष घग्गर ड्रेन टूटने और भारी बारिश के कारण आर्यनगर सहित आसपास के गांवों और खेतों में महीनों तक पानी भरा रहा था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। बजरंग इंदल ने कहा कि शहर में गंगवा रोड, अर्बन एस्टेट, बरवाला रोड और ऑटो मार्केट क्षेत्र में बरसाती नालों एवं ड्रेनेज का कार्य अब भी अधूरा है। ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो इन क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हो सकते हैं।
विज्ञापन
लोगों को आशंका है कि यदि तेज बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। खुले नाले और अधूरी ड्रेनेज परियोजनाएं हादसों का कारण बन सकती हैं। मानसून से पहले बरसाती नालों की सफाई और सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने का कार्य पूरा किया जाना था लेकिन शहर के कई हिस्सों में अभी भी निर्माण और सफाई कार्य अधूरे हैं। पिछले वर्ष जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का सामना करने के बावजूद इस बार भी तैयारियों में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं दी।
विज्ञापन
ऑटो मार्केट क्षेत्र में नगर निगम ने सफाई के दौरान नालों के स्लैब उखाड़ दिए जिन्हें अब तक दोबारा नहीं लगाया गया है। खुले नाले और रास्तों में पड़े स्लैब व्यापारियों, ग्राहकों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं। बारिश के दौरान इनमें पानी भरने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
विज्ञापन
अर्बन एस्टेट में बरसाती पानी की निकासी के लिए बनाई जा रही ड्रेनेज लाइन के कारण मुख्य सड़क खोदकर छोड़ दी गई है। आजाद नगर में भी बरसाती ड्रेनेज का कार्य अधूरा है जबकि सीवरेज और नाला सफाई का काम भी पूरा नहीं हो पाया है। शांति नगर के पास अधिकारियों की लापरवाही के चलते करीब 100 से 150 फीट सड़क दोनों ओर से उखड़ी हुई है जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
जलभराव पर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं : बजरंग इंदल
हिसार। कांग्रेस लीगल डिपार्टमेंट हरियाणा के स्टेट मीडिया कोऑर्डिनेटर एडवोकेट बजरंग इंदल ने कहा कि पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित रहे आर्यनगर, पातन, गंगवा, कैमरी, दाहिमा, भोजराज और तोशाम रोड क्षेत्र की जर्जर सड़कों तथा जलभराव की समस्या को लेकर सरकार और प्रशासन गंभीर नहीं है। पिछले वर्ष घग्गर ड्रेन टूटने और भारी बारिश के कारण आर्यनगर सहित आसपास के गांवों और खेतों में महीनों तक पानी भरा रहा था लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी क्षतिग्रस्त सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं कराया गया। बजरंग इंदल ने कहा कि शहर में गंगवा रोड, अर्बन एस्टेट, बरवाला रोड और ऑटो मार्केट क्षेत्र में बरसाती नालों एवं ड्रेनेज का कार्य अब भी अधूरा है। ऐसे में यदि तेज बारिश होती है तो इन क्षेत्रों में हालात बेहद खराब हो सकते हैं।