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Hisar News: डेढ़ साल बाद निशुल्क सफर के लिए 68,900 कार्ड पहुंचे, वितरण की चुनौती
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हैप्पी कार्ड शाखा में रखे नए हैप्पी कार्डों के बंडल।
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हिसार। रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा के लिए 68,900 नए हैप्पी कार्ड डेढ़ साल बाद रोडवेज डिपो पहुंच गए हैं। अधिकारियों के सामने अब इन्हें पात्र लोगों तक पहुंचाने की चुनौती है क्योंकि लेने के लिए बहुत कम लोग आ रहे हैं। करीब 12 हजार हैप्पी कार्ड तो पहले से ही धूल फांक रहे हैं। अधिकारी पात्र लोगों को कार्ड के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संदेश भेजने के साथ ही कॉल भी कर रहे हैं। वीरवार को भी 5-10 लोग कार्ड लेने के लिए पहुंचे।
प्रदेश में हैप्पी कार्ड योजना (हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना) का शुभारंभ 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। इस योजना के तहत एक लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को हरियाणा रोडवेज की बसों में सालाना एक हजार किलोमीटर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। कार्ड का सालाना नवीनीकरण करवाना पड़ता है। जिले में 1,43,689 हैप्पी कार्ड वर्ष 2024 में अगस्त तक बने थे। 30 अगस्त 2024 के बाद अब 68,900 नए कार्ड बनकर आए हैं। संवाद
लंबी है कार्ड बनाने की प्रक्रिया
कार्ड बनाने के लिए पात्र परिवारों को फैमिली आईडी में आय ठीक करवाने और अन्य शर्तें पूरी करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय का प्रमाणपत्र देने के बाद दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर ऑनलाइन आवेदन करके कार्ड बनवाया जा सकता है। इसके बाद रोडवेज विभाग को इन कार्डों को वितरित करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को कार्ड बनने का समय पर पता तक नहीं चल पाता। कुछ लोगों के मोबाइल नंबर बदल जाते हैं जिस कारण हैप्पी कार्ड बनने की सूचना उन तक नहीं पहुंच पाती।
हैप्पी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
हैप्पी कार्ड बनवाने के लिए एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फैमिली आईडी के जरिये लॉगिन, सदस्यों का चयन, आधार सत्यापन करवाकर किसी भी नागरिक सेवा केंद्र (सीएससी) से आवेदन किया जा सकता है। कार्ड बनवाने के लिए 50 रुपये की फीस लगती है। कार्ड बनने के बाद लेने के लिए रोडवेज डिपो आना पड़ता है।
डेढ़ साल के अंतराल के बाद 68,900 हैप्पी कार्ड बनकर एक सप्ताह पहले डिपो में पहुंचे हैं। इतने कार्ड पात्र लोगों तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है। लोगों को उनके मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं। हैप्पी कार्ड में अंकित मोबाइल नंबर पर कॉल कर डिपो में बुलाया जा रहा है ताकि कार्ड उनके सुपुर्द किया जा सके। इसके बाद भी काफी कम लोग पहुंच रहे हैं।
- अजय कुमार, इंचार्ज हैप्पी कार्ड शाखा, इंचार्ज, रोडवेज डिपो हिसार।
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प्रदेश में हैप्पी कार्ड योजना (हरियाणा अंत्योदय परिवार परिवहन योजना) का शुभारंभ 7 मार्च 2024 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। इस योजना के तहत एक लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों को हरियाणा रोडवेज की बसों में सालाना एक हजार किलोमीटर मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। कार्ड का सालाना नवीनीकरण करवाना पड़ता है। जिले में 1,43,689 हैप्पी कार्ड वर्ष 2024 में अगस्त तक बने थे। 30 अगस्त 2024 के बाद अब 68,900 नए कार्ड बनकर आए हैं। संवाद
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लंबी है कार्ड बनाने की प्रक्रिया
कार्ड बनाने के लिए पात्र परिवारों को फैमिली आईडी में आय ठीक करवाने और अन्य शर्तें पूरी करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय का प्रमाणपत्र देने के बाद दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया पूरी कर ऑनलाइन आवेदन करके कार्ड बनवाया जा सकता है। इसके बाद रोडवेज विभाग को इन कार्डों को वितरित करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार लोगों को कार्ड बनने का समय पर पता तक नहीं चल पाता। कुछ लोगों के मोबाइल नंबर बदल जाते हैं जिस कारण हैप्पी कार्ड बनने की सूचना उन तक नहीं पहुंच पाती।
हैप्पी कार्ड बनवाने की प्रक्रिया
हैप्पी कार्ड बनवाने के लिए एक लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले परिवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। फैमिली आईडी के जरिये लॉगिन, सदस्यों का चयन, आधार सत्यापन करवाकर किसी भी नागरिक सेवा केंद्र (सीएससी) से आवेदन किया जा सकता है। कार्ड बनवाने के लिए 50 रुपये की फीस लगती है। कार्ड बनने के बाद लेने के लिए रोडवेज डिपो आना पड़ता है।
डेढ़ साल के अंतराल के बाद 68,900 हैप्पी कार्ड बनकर एक सप्ताह पहले डिपो में पहुंचे हैं। इतने कार्ड पात्र लोगों तक पहुंचाने में परेशानी आ रही है। लोगों को उनके मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं। हैप्पी कार्ड में अंकित मोबाइल नंबर पर कॉल कर डिपो में बुलाया जा रहा है ताकि कार्ड उनके सुपुर्द किया जा सके। इसके बाद भी काफी कम लोग पहुंच रहे हैं।
- अजय कुमार, इंचार्ज हैप्पी कार्ड शाखा, इंचार्ज, रोडवेज डिपो हिसार।