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Hisar News: चार माह बाद भी नहीं लागू हुआ समझौता, हेमसा ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:19 AM IST
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हिसार। हरियाणा एजुकेशन मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन (हेमसा) ने शिक्षा विभाग में कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया है। हेमसा ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए विवश होना पड़ेगा। हेमसा पदाधिकारियों के अनुसार विभाग ने एक माह के भीतर कई महत्वपूर्ण मांगों को लागू करने का आश्वासन दिया था। इनमें स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करना, सेवा नियमों में छूट देकर रिक्त पदों पर पदोन्नति करना, जिला शिक्षा अधिकारियों को एसीपी और सीसीएल स्वीकृत करने के अधिकार देने की मांग शामिल थी।
राज्य महासचिव हितेंद्र सिहाग ने बताया कि 31 मई को हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कर्मचारियों से मिले सुझावों के आधार पर आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में 24 जून को राज्य कार्यकारिणी का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सदन, पंचकूला पहुंचकर डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन से मानी हुई मांगों के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर जवाब मांगेगा।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 20 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित बैठकें आयोजित कर कर्मचारियों को आंदोलन के लिए संगठित किया जाएगा। वहीं, तीसरे चरण में 30 जुलाई को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर जिला मुख्यालयों पर होने वाली रैलियों में शिक्षा विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
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आंदोलन की तैयारियों के तहत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, हिसार-1 में हेमसा-एसकेएस ब्लॉक हिसार-1 की बैठक एवं त्रिवर्षीय सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान सुधीर मालिक ने की। सम्मेलन में राज्य महासचिव हितेंद्र सिहाग, वरिष्ठ नेता मंगल सिंह और नरसिंह सहारण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सुधीर मालिक को पुनः ब्लॉक प्रधान चुना गया
सम्मेलन में सर्वसम्मति से सुधीर मालिक को पुनः ब्लॉक प्रधान चुना गया। इसके अलावा रामनिवास को वरिष्ठ उपप्रधान, राजकुमार को सचिव, सुनीता एवं प्रोमिला को उपप्रधान, अमित कुमार को कोषाध्यक्ष, श्यामू को ऑडिटर तथा वीरेन्द्र और सोनू को प्रेस सचिव नियुक्त किया गया।
वरिष्ठ नेता नरसिंह सहारण ने कहा कि यदि विभाग ने शीघ्र ही मानी हुई मांगों को लागू नहीं किया तो हेमसा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी।
राज्य महासचिव हितेंद्र सिहाग ने बताया कि 31 मई को हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में कर्मचारियों से मिले सुझावों के आधार पर आंदोलन की रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत प्रथम चरण में 24 जून को राज्य कार्यकारिणी का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा सदन, पंचकूला पहुंचकर डायरेक्टर सेकेंडरी एजुकेशन से मानी हुई मांगों के क्रियान्वयन में हो रही देरी पर जवाब मांगेगा।
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उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में 20 जुलाई तक प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित बैठकें आयोजित कर कर्मचारियों को आंदोलन के लिए संगठित किया जाएगा। वहीं, तीसरे चरण में 30 जुलाई को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर जिला मुख्यालयों पर होने वाली रैलियों में शिक्षा विभाग के कर्मचारी बड़ी संख्या में भाग लेंगे।
आंदोलन की तैयारियों के तहत खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, हिसार-1 में हेमसा-एसकेएस ब्लॉक हिसार-1 की बैठक एवं त्रिवर्षीय सम्मेलन आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रधान सुधीर मालिक ने की। सम्मेलन में राज्य महासचिव हितेंद्र सिहाग, वरिष्ठ नेता मंगल सिंह और नरसिंह सहारण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
सुधीर मालिक को पुनः ब्लॉक प्रधान चुना गया
सम्मेलन में सर्वसम्मति से सुधीर मालिक को पुनः ब्लॉक प्रधान चुना गया। इसके अलावा रामनिवास को वरिष्ठ उपप्रधान, राजकुमार को सचिव, सुनीता एवं प्रोमिला को उपप्रधान, अमित कुमार को कोषाध्यक्ष, श्यामू को ऑडिटर तथा वीरेन्द्र और सोनू को प्रेस सचिव नियुक्त किया गया।
वरिष्ठ नेता नरसिंह सहारण ने कहा कि यदि विभाग ने शीघ्र ही मानी हुई मांगों को लागू नहीं किया तो हेमसा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और सरकार की होगी।