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Hisar News: आदेश दरकिनार...निजी बस संचालकों की मनमानी, पास फेल
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 02 May 2026 11:43 PM IST
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हिसार की निजी बस।
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अशोक ढिकाव
हिसार। सरकारी आदेशों के बावजूद प्राइवेट बसों में मुफ्त बस पास सेवा लागू नहीं हो रही है। 21 अप्रैल को हरियाणा परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी कर प्राइवेट बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए थे लेकिन इन आदेशों की पालना हिसार जिले में नहीं हो रही है। स्कूल-कालेज के छात्रों, सीनियर सिटीजन, दिव्यांगों और हैप्पी कार्ड धारकों को यह सुविधा देने का निर्देश था परंतु निजी बस आपरेटर इसके खिलाफ अपनी मनमानी कर रहे हैं।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने 227 प्राइवेट बस ऑपरेटरों को परमिट जारी किया है जिनमें यह स्पष्ट किया गया था कि वे रोडवेज बसों की तरह मुफ्त यात्रा सुविधा और किराया माफी प्रदान करें। हालांकि, इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है और प्राइवेट बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
प्रदेशभर के गांवों से रोजाना हजारों दिव्यांग, बुजुर्ग, छात्र-छात्राएं और हैप्पी कार्ड धारक प्राइवेट बसों में यात्रा करते हैं लेकिन उन्हें मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिल रहा है। इन सभी श्रेणियों के पात्र यात्रियों को प्राइवेट बसों में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है।
आरटीए और रोडवेज अधिकारियों की अनदेखी
मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के बावजूद हिसार के स्थानीय आरटीए और रोडवेज अधिकारी इन आदेशों की निगरानी करने में असफल रहे हैं। विभाग ने आदेश दिया था कि यदि प्राइवेट बस ऑपरेटर आदेशों का पालन नहीं करते, तो उन पर जुर्माना लगाया जाए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गांव देवीगढ़ से रोजाना हिसार के सीआर कॉलेज में छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। उनके पास बस पास बने हुए हैं लेकिन फिर भी प्राइवेट बस चालक उनसे पूरा किराया वसूलते हैं। बस पास दिखाने पर उन्हें बस से उतार दिया जाता है और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। प्राइवेट बसों में उनसे पूरा किराया लिया जा रहा है।
- अन्नू, छात्रा, सीआर कॉलेज हिसार।
बस अड्डे पर निजी बस में बैठने के बाद पूरा किराया ले लिया गया। बुजुर्गों को वैसे आधा किराया माफ होता है लेकिन इसके बावजूद उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। परिचालक ने साफ कहा कि प्राइवेट बस में सफर करने के लिए पूरा किराया देना होगा और आधे किराए की सुविधा नहीं मिलेगी। सरकारी बसों में उनका आधा किराया लगता है। प्राइवेट बसों में यह नियम लागू होना चाहिए।
- रमेश, बुजुर्ग यात्री, गांव सिवानी भोला।
आरटीए विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को मुख्यालय के आदेशों से अवगत करा दिया है। जो भी ऑपरेटर मनमानी करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में यात्री सीधे आरटीए कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
- हरमिंदर सिंह, सहायक अधिकारी, आरटीए ऑफिस हिसार।
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हिसार। सरकारी आदेशों के बावजूद प्राइवेट बसों में मुफ्त बस पास सेवा लागू नहीं हो रही है। 21 अप्रैल को हरियाणा परिवहन आयुक्त ने आदेश जारी कर प्राइवेट बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए थे लेकिन इन आदेशों की पालना हिसार जिले में नहीं हो रही है। स्कूल-कालेज के छात्रों, सीनियर सिटीजन, दिव्यांगों और हैप्पी कार्ड धारकों को यह सुविधा देने का निर्देश था परंतु निजी बस आपरेटर इसके खिलाफ अपनी मनमानी कर रहे हैं।
राज्य परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) ने 227 प्राइवेट बस ऑपरेटरों को परमिट जारी किया है जिनमें यह स्पष्ट किया गया था कि वे रोडवेज बसों की तरह मुफ्त यात्रा सुविधा और किराया माफी प्रदान करें। हालांकि, इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है और प्राइवेट बसों में यात्रा करने वाले यात्रियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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प्रदेशभर के गांवों से रोजाना हजारों दिव्यांग, बुजुर्ग, छात्र-छात्राएं और हैप्पी कार्ड धारक प्राइवेट बसों में यात्रा करते हैं लेकिन उन्हें मुफ्त यात्रा का लाभ नहीं मिल रहा है। इन सभी श्रेणियों के पात्र यात्रियों को प्राइवेट बसों में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही जिससे उन्हें भारी असुविधा हो रही है।
आरटीए और रोडवेज अधिकारियों की अनदेखी
मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के बावजूद हिसार के स्थानीय आरटीए और रोडवेज अधिकारी इन आदेशों की निगरानी करने में असफल रहे हैं। विभाग ने आदेश दिया था कि यदि प्राइवेट बस ऑपरेटर आदेशों का पालन नहीं करते, तो उन पर जुर्माना लगाया जाए, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गांव देवीगढ़ से रोजाना हिसार के सीआर कॉलेज में छात्राएं पढ़ने के लिए आती हैं। उनके पास बस पास बने हुए हैं लेकिन फिर भी प्राइवेट बस चालक उनसे पूरा किराया वसूलते हैं। बस पास दिखाने पर उन्हें बस से उतार दिया जाता है और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया जाता है। प्राइवेट बसों में उनसे पूरा किराया लिया जा रहा है।
- अन्नू, छात्रा, सीआर कॉलेज हिसार।
बस अड्डे पर निजी बस में बैठने के बाद पूरा किराया ले लिया गया। बुजुर्गों को वैसे आधा किराया माफ होता है लेकिन इसके बावजूद उन्हें इस सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। परिचालक ने साफ कहा कि प्राइवेट बस में सफर करने के लिए पूरा किराया देना होगा और आधे किराए की सुविधा नहीं मिलेगी। सरकारी बसों में उनका आधा किराया लगता है। प्राइवेट बसों में यह नियम लागू होना चाहिए।
- रमेश, बुजुर्ग यात्री, गांव सिवानी भोला।
आरटीए विभाग ने सभी बस ऑपरेटरों को मुख्यालय के आदेशों से अवगत करा दिया है। जो भी ऑपरेटर मनमानी करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में यात्री सीधे आरटीए कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।
- हरमिंदर सिंह, सहायक अधिकारी, आरटीए ऑफिस हिसार।
