{"_id":"69d3f4ed814d5dd3280f8736","slug":"attempted-wire-theft-accused-flee-leaving-tools-behind-hisar-news-c-21-hsr1020-844935-2026-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: तार चोरी का प्रयास, औजार छोड़कर भागे आरोपी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: तार चोरी का प्रयास, औजार छोड़कर भागे आरोपी
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:31 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
नारनौंद। पेटवाड़ से नारनौंद होते हुए बीबीपुर की ओर जाने वाली 132 केवी हाईटेंशन लाइन पर रविवार रात करीब 12 बजे फिर से 6-7 टाॅवरों के तार काटकर गिरा दिए। घटना के दौरान पास में ही किसान सोनू लोहान अपने खेत में सिंचाई कर रहे थे। अचानक तार गिरने की आवाज सुनकर उन्होंने अन्य किसानों को बुलाया। कुछ ही देर में कई किसान मौके पर पहुंचे जिससे चोर औजार छोड़कर भाग गए। किसानों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी।
राकेश लोहान, सोनू लोहान, पार्षद सोमबीर, मुकेश, संदीप पेटवाड़, कृष्ण कुमार, हरिओम और विजय ने बताया कि इससे पहले भी शुक्रवार रात लाइन से कंडक्टर चोरी हो चुके हैं। कटे हुए तार नीचे से गुजर रही 11,000 वोल्टेज की लाइन पर गिर गए। गनीमत रही कि उस समय बिजली आपूर्ति बंद थी। रात करीब एक बजे बिजली चालू होने का शेड्यूल था लेकिन किसानों ने तुरंत बिजली निगम को सूचना दी जिससे संभावित स्पार्किंग और गेहूं की फसल में आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना टल गई।
किसानों ने लाइन निर्माण में लापरवाही और निगम की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिलने के कारण पहले इस कार्य को रोका गया था।
दावा-निगम को 30-35 लाख रुपये का नुकसान
बिजली निगम जींद सर्कल के एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि तार चोरी और टूटने की घटनाओं में श्रमिकों की कमियों को ठीक किया गया। करीब सात किलोमीटर लंबा तार चोरी हुआ जिससे निगम को 30 से 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामला नारनौंद पुलिस को सौंप दिया गया है। लाइन को 3-4 दिन में दुरुस्त किया जाएगा।
Trending Videos
राकेश लोहान, सोनू लोहान, पार्षद सोमबीर, मुकेश, संदीप पेटवाड़, कृष्ण कुमार, हरिओम और विजय ने बताया कि इससे पहले भी शुक्रवार रात लाइन से कंडक्टर चोरी हो चुके हैं। कटे हुए तार नीचे से गुजर रही 11,000 वोल्टेज की लाइन पर गिर गए। गनीमत रही कि उस समय बिजली आपूर्ति बंद थी। रात करीब एक बजे बिजली चालू होने का शेड्यूल था लेकिन किसानों ने तुरंत बिजली निगम को सूचना दी जिससे संभावित स्पार्किंग और गेहूं की फसल में आग लगने जैसी बड़ी दुर्घटना टल गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसानों ने लाइन निर्माण में लापरवाही और निगम की मिलीभगत का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिलने के कारण पहले इस कार्य को रोका गया था।
दावा-निगम को 30-35 लाख रुपये का नुकसान
बिजली निगम जींद सर्कल के एसडीओ अजय कुमार ने बताया कि तार चोरी और टूटने की घटनाओं में श्रमिकों की कमियों को ठीक किया गया। करीब सात किलोमीटर लंबा तार चोरी हुआ जिससे निगम को 30 से 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामला नारनौंद पुलिस को सौंप दिया गया है। लाइन को 3-4 दिन में दुरुस्त किया जाएगा।